सामान्य नहीं थी होमी जे भाभा की मौत, बल्कि उनके प्लेन को ट्रैक कर सुनियोजित तरीके से बम से उड़ाया गया था, और ये काम किसी और ने नहीं बल्कि…

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भारत के मशहूर वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा को भला कौन नहीं जानता होगा. आज उनके अविष्कारों की वजह से भारत विज्ञान के क्षेत्र में काफी आगे पहुँच चुका है. यहाँ ये कहना गलत नहीं होगा कि शायद अगर होमी भाभा भारत का हिस्सा ना होते तो शायद भारत विज्ञान में आज इतने आगे नहीं पहुँच पाया होता. भाभा की ही वजह से कई ऐसे भी लोग थे जो अब भारत को बढ़ता देख उससे खौफ़ खाने लगे थे.  ऐसे में अब भाभा की मौत से जुड़ा अब एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसे सुनकर शायद आपके पैरों तले की ज़मीन खिसक जाये.

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सामान्य नहीं थी होमी जे भाभा की मौत बल्कि…

दरअसल होमी जे भाभा की मौत के अब इतने वर्षों बाद एक अनजान न्यूज वेबसाइट ने कथित तौर पर अपनी रिपोर्ट में इस बात का संकेत दिया है कि होमी जे भाभा की मौत जिस प्लेन क्रैश में हुई थी उसमे अमेरिकी खुफिया एजेंसी का हाथ था. बता दें कि होमी भाभा का प्लेन एयर इंडिया बोइंग 707, 1966 में फ्रेंच ऐल्प्स के मॉन्ट ब्लां के पास क्रैश हो गया था जिसमे उनकी मौत हो गयी थी.

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इस दुर्भाग्यवश हादसे में भारत के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक की मौत हो गयी थी जिसके बाद मॉन्ट ब्लां में लोगों के शवों के अवशेष मिले हैं. माना जा रहा है कि यह शायद उन्हीं यात्रियों के हो सकते हैं जो कई साल पहले एयर इंडिया की दो दुर्घटनाओं में किसी एक का शिकार हुए थे. बताते चलें कि 1950 और 1966 में हुई दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में कुल 165 लोगों की जान चली गई थी

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ऐसे में अब TBRNews.org नाम की एक वेबसाइट की रिपोर्ट में अब होमी जहांगीर भाभा से जुड़ी यह जानकारी सामने आ रही है जो वाकई चौंकाने वाली है. दरअसल इस वेबसाइट ने 11 जुलाई 2008 को एक पत्रकार ग्रेगरी डगलस और सीआईए के अधिकारी रॉबर्ट टी क्राओली के बीच हुई कथित बातचीत को एक बार फिर दुनिया के सामने पेश किया है.

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विमान में सवार थे होमी जे भाभा कि तभी…

1966 में फ़्रांस की एल्पस पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान का मलबा और कुछ मानवीय अवशेष मिलने के बाद अब एक बार फिर ये हादसा चर्चा का विषय बन चुका है. जानकार बताते हैं कि उस इलाके में दो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए थे. जिनमे से एक विमान 1950 को हादसाग्रस्त हुआ था तो वहीं दूसरे विमान का हादसा 1966 में हुआ था. 26 जनवरी 1966 को जो विमान वहाँ दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, उसमें भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक होमी जहाँगीर भाभा भी सवार थे.

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षडयंत्र के तहत विमान को उड़ाया गया था बम से?

होमी जे भाभा के विमान हादसे को लेकर आज भी तरह तरह के तर्क दिए जाते हैं. इस विमान हादसे के लिए दो थ्योरी प्रत्यक्ष रूप से सामने आती हैं. पहली थ्योरी के मुताबिक कहा जाता है कि विमान हादसा पायलट की गलती से हुआ था, जबकि इस हादसे की दूसरी थ्योरी के मुताबिक विमान एक साजिश की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. जी हाँ दूसरी थ्योरी पर गौर किया जाये तो उसके मुताबिक उस विमान को सोचे-समझे  षडयंत्र के तहत बम से उड़ाया गया था.

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लगातार भारत प्रगतिसर था

अक्टूबर 1965 की बात है कि जब होमी जे भाभा ने ख़ुद आल इंडिया रेडिओ से एक घोषणा करते हुए कहा था कि अगर उन्हें पूरी तरह की छूट मिल जाती है  तो भारत केवल 18 महीनों में ही परमाणु बम बनाकर दिखा देगा. ये  भाभा की दूरदर्शी सोच ही थी जिसकी वजह से ही भारत दिन दुगनी और रात चौगुनी प्रगति कर रहा था. जायज़ थी कि यह बात अमेरिका को नागवार गुजरी. भारत की इसी लगातार होती तरक्की देखकर अमेरिका डर गया और इसी घबराहट में…

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अमेरिका ने करवा दी भाभा की हत्या

अमेरिका भारत की लगातार होती तरक्की देखकर अब लगातार इस डर में जीने लगा था कि अगर भारत अपने इस मुहीम में यानि की परमाणु बम बनाने में कामयाब हो जाता है तो उसके लिए साथ ही पूरे दक्षिण एशिया के लिए खतरा बन जायेगा. बताया जाता है कि  इसके लिए अमेरिका ने अपनी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए का सहारा लिया और होमी जहाँगीर भाभा के विमान को बम से उड़ा दिया. आपको बता दें अमेरिका ने ऐसा पहली बार नहीं किया है. अमेरिका की ख़ुफ़िया एजेंसी ने ऐसे कई लोगों को जान से मारने की कई कोशिशें की है.

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