कमर शेख़ ने बताया कि उन्हें लगा था इस राखी पीएम मोदी व्यस्त होंगे, लेकिन बावजूद इसके उन्होंने अपनी पाकिस्तानी बहन के लिए किया कुछ ऐसा कि…

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सोमवार को देशभर में बड़ी ही धूमधाम से रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया. रक्षाबंधन त्योहार से जुड़े देश में कई किस्से आये जिन्हें यकीनन आपने सुना भी होगा और सराहा भी होगा. लेकिन इसी रक्षाबंधन के त्योहार से जुड़ा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ऐसा किस्सा हम आपके लिए आज लेकर आये हैं जिसे जानने के बाद आपको भी यकीन हो जायेगा कि पीएम मोदी आखिर देश और दुनिया में लोकप्रिय हैं तो उसके पीछे क्या ही वजह है?

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ये बात तो सभी जानते हैं कि रक्षाबंधन के मौके पर पीएम मोदी को देश भर से राखियाँ भेजी जाती हैं, लेकिन इनमे से एक राखी ऐसी भी होती है जिसे ख़ास कहना गलत नहीं होगा.  ख़ास इसलिए क्योंकि ये राखी सरहद पार, पाकिस्तान से पीएम मोदी की एक बहन की राखी होती है. अब आपको भी समझ आ गया होगा कि आखिर हम इस राखी को ख़ास क्यों ही कह रहे थे.

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दरअसल पाकिस्तान और भारत के बीच लगातार बने तनावपूर्ण माहौल के बीच इस तरह का सौहार्द वाकई ख़ास है. बात करें अगर पीएम मोदी की इस बहन की तो ये पाकिस्तान की उमर कमर शेख हैं जो खुद पीएम मोदी को पिछले 36 सालों से राखी बाँध रही हैं.

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कैसे शुरू हुआ ये सिलसिला?

पाकिस्तानी मूल की पीएम मोदी की ये बहन जिनका नाम कमर मोहसीन शेख है वो ये दावा करती हैं कि वो बीते काफी सालों से पीएम मोदी को रखी बाँध रही हैं. न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कमर ने कहा मैं पिछले 35-36 साल से नरेंद्र भाई को राखी बांध रही हूं, इस बार भी बांधूंगी.

इस बार खुद पीएम मोदी ने उन्हें फोन किया

कमर अपने बारे में बात करते हुए बताती हैं कि वो शादी के बाद पाकिस्तान से भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं. कमर ने बताया कि उनको लगा था कि इस बार शायद उनके भाई पीएम मोदी व्यस्त होंगे लेकिन दो दिन पहले ही पीएम मोदी ने उनको फोन किया और उनसे अपनी राखी के बारे में पूछा था.

कमर पीएम मोदी को इस साल भी राखी बांधने की बात सोचकर काफी खुश हैं. पुराने दिनों को याद करते हुए कमर ने कहा कि पीएम मोदी से साथ उनका पहला रक्षा बंधन तब था जब वह राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता हुआ करते थे. कमर ने कहा जब मैंने पहली बार नरेंद्र भाई को राखी बांधी थी जब वह संघ के कार्यकर्ता हुआ करते थे. कमर मानती हैं कि ये उनके भाई की मेहनत और आगे बढ़ने की सोच ही है जिसने उनको पीएम बनने में मदद की.

कमर बताती हैं कि जब वह पाकिस्तान से भारत आई थीं तो उनके ससुराल वालों के अलावा यहां कोई रिश्तेदार नहीं था. उसी दौरान पीएम मोदी से उनकी मुलाकात होती है. नरेंद्र मोदी से पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए कमर ने बताया कि, “ मुझे उनका व्यवहार काफी अच्छा लगा. अपनी पहली ही मुलाक़ात में उन्होंने मुझसे बड़े प्यार से पूछा कि कैसी हो बहन? और तब से ही मैं उनकी बहन हो गई.”

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मर ने आगे कहा कि,  “मैं पहली बार उनसे दिल्ली में ही मिली थी, उन दिनों में अपने पति जो कि पेंटर थे उनके साथ यहां पर आई हुई थी, मैंने उनसे बात की तो मुझे उनके व्यवहार काफी अच्छा लगा. उन्होंने मुझसे बड़े प्यार से पूछा कि कैसी हो बहन? तब से मैं उनकी बहन हो गई.”

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लेकिन मोदी के हाथ पर सिर्फ कमर की ही राखी नहीं होगी। वृंदावन के 500 साल पुराने गोपीनाथ मंदिर में रहने वाली विधवा महिलाएं दिल्ली आकर पीएम मोदी के हाथ पर राखी बांधेंगी. उस मंदिर में तकरीबन 1000 विधवा महिलाएं रहती हैं. मंदिर की तरफ से बताया गया कि वहां कि पांच महिलाएं पीएम मोदी को राखी बांधने दिल्ली पहुंचेंगी. ये महिलाएं खुद के हाथ से बनी  हुई 1000 से ज्यादा राखी मोदी को देंगी.

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