जानेमाने व्यापारी की फ़लक से ज़मी पर आने की वो कहानी जिसे सुनकर हर किसी का कलेजा फट जायेगा, जानिए कैसे उनके ख़ुद के बेटे ने ही…

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कहते हैं वक्त कभी किसी का नहीं होता और न ही एक सा रहता है. कभी भी कुछ भी हो सकता है. जो शख्स आज एक आलिशान महेल में रह रहा है शायद वो ही कल ज़मीन पर आ गिरे. लेकिन ऐसे मौके पर अगर आपके साथ आपके अपनें लोग हों तो दिन कितने भी बुरे क्यों न हों वो भी कट जाते हैं क्योंकि आपके पास आपका परिवार होता है. अगर ऐसे में ही आपके अपने ही आपका साथ छोड़ दें तो वो ही बुरे दिन दर से बत्तर हो जाते है.

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हर एक इंसान कमाता ही सिर्फ इसलिए है ताकि कल उसके बच्चे उसका नाम रौशन करें और उसके द्वारा जुटाई गई संपत्ति को अच्छे से आगे लेकर जाएँ और उनके नाम को देश दुनिया में और भी फैलायें ताकि लोग उसका नाम उसके बच्चे के नाम से जाना जाए. एक पिता की यही ख्वाइश होती है कि उसका बच्चा उस लायक बानें ताकि लोग ये कहें कि ये उसके पिता हैं लेकिन उसी पिता का सपूत अगर कपूत निकल जाए तो उस पिता का जीवन ही धिक्कार है. उस पिता की सालों की मेहनत मिनटों में बर्बाद हो जाती है.

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जी हाँ कुछ ऐसा ही रेमंड के मालिक विजयपत सिंघानिया के साथ हुआ है जो कि 12 हजार करोड़ के मालिक हैं लेकिन इस जानेंमाने अरबपति के बेटे ने उसे पाई पाई को मोहताज़ कर दिया है. आज यही अरबपति मुंबई की एक सोसायटी में किराए का घर लेकर रह रहा है. जिस पिता के खुद के आलिशान बंगले हुआ करते थे आज वो ही पिता अपने बेटे की घिनौनी सोच के चलते किराए के मकान में रहने को मजबूर है. उसके बेटे ने अपने ही पिता से नाता तोड़ लिया है.

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दरअसल, विजयपत सिंघानिया ने इस आस में अपनी कंपनी के सारे शेयर फरवरी 2015 में अपने बेटे के नाम कर दिए थे क्योंकि उन्हें लगता था कि उनका बेटा उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगा. आपको बता दें कि विजयपत सिंघानिया ने करीब 1000 करोड़ रुपए की कीमत के शेयर अपने बेटे के नाम कर दिया था लेकिन आज उसी बेटे ने अपने ही पिता को दरकिनार कर दिया है और पाई पाई को मोहताज़ कर दिया है.

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इस बात का खुलासा तो तब हुआ जब विजयपत सिंघानिया ने खुद अपने वकील के जरिए अपने बेटे गौतम के खिलाफ आवाज़ उठाई है और दुनिया को बताया है कि उनके बेटे ने उन्हें दर-दर भटकनें के लिए अकेला छोड़ दिया है. उनका बेटा उनकी कंपनी को अपनी निजी जागीर समझता है और उन्हें पैसे-पैसे का मोहताज बना दिया है. वो शायद भूल गया है कि वो अपने उसी पिता के साथ ऐसा बर्ताव कर रहा है जिसनें उसे ऐसा जीवन जीनें के लायक बनाया है, इस तरह की ज़िन्दगी देनें के लिए उसी पिता ने अपनी ज़िन्दगी के कई साल लगा दिए और खूब कड़ी मेहनत की ताकि उसका बच्चा अच्छा जीवन जी सके.

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विजयपत सिंघानिया ये वही शख्स हैं जो कभी मुकेश अंबानी के एंटीलिया से भी ऊंचे जेके हाउस में रहते थे और एक समय था जब विजयपत ब्रिटेन से अकेले प्लेन उड़ाकर भारत आए थे, और आज पैदल घूम रहे हैं ? क्योंकि उनके बेटे ने उनके साथ ऐसा किया है जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी.

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आज विजयपत सिंघानिया ने बांबे हाई कोर्ट में यह याचिका दायर की है कि मालाबार हिल स्थित पुनर्विकसित 36 मंजिला जेके हाउस में डुप्लेक्स का कब्जा उन्हें दिया जाए. आपको बता दें कि जिस घर के लिए याचिका दायर की गई थी वो घर 1960 में बना था और तब यह घर 14 मंजिला इमारत का था. बाद में इसी इमारत को 4 ड्प्लेक्स रेमंड की सब्सिडरी पश्मीना होल्डिंग को दे दिया गया था.

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इस कंपनी ने साल 2007 में इस इमारत को फिर से बनवाने का फैसला किया था. इस 36 मंजिले जेके हाउस की डील की अगर हम बात करें तो इसके मुताबिक विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे गौतम के साथ-साथ सिंघानिया के भाई अजयपत सिंघानिया की विधवा पत्नी वीना देवी और उनके दोनों बेटे अनंत और अक्षयपत सिंघानिया को एक-एक डूप्सेक्स मिलना था. जिसके लिए इन लोगों को 9 हजार रुपए वर्ग फीट की दर से कीमत चुकानी थी.

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इसी अपार्टमेंट में अपने हिस्से को लेकर वीनादेवी और उनके दोनों बेटों ने पहले से ही बॉम्बे हाईकोर्ट में संयुक्त याचिका दायर कर रखी है. लेकिन वहीँ 78 साल के विजयपत सिंघानिया ने जहाँ अपनी सारी संपत्ति अपने जिस बेटे के नाम कर दी थी आज वो ही बेटा उनका ध्यान नहीं रख रहा है और उन्हें बेसहारा छोड़ दिया है.

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