जब एक 8 साल की कैंसर पीड़ित बच्ची के इलाज के लिए मांगी गयी मदद तो देखिये मुसलमानों के ‘सच्चे मसीहा’ हामिद अंसारी ने कैसे की घटिया हरकत!

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यूँ तो इस बात को दिन बीत चुके हैं लेकिन हामिद अंसारी ने जो बात अपने विदाई समारोह में कही वो लोग आसानी से भूल नहीं पा रहे हैं. अबतक देश के उप-राष्ट्रपति रहे हामिद अंसारी के वो शब्द हर हिन्दुस्तानी के कानों में गूँज रहे होंगे जब उन्होंने कहा कि देश का मुसलमान खुद को असुरक्षित महसूस करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं हामिद अंसारी और उनकी पत्नी ने उस वक़्त क्या किया था जब एक 8 साल की मासूम बच्ची जो कि कैंसर जैसी जटिल बीमारी से जूझ रही थी उसके परिवार ने हामिद अंसारी और उनकी पत्नी से मदद मांगी गयी.

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क्या किया था हामिद अंसारी ने जब उनसे मांगी गयी बच्ची के इलाज़ के लिए मदद? 

आज देश के मुसलमानों को सहमा हुआ और असुरक्षित बताने वाले हामिद अंसारी और उनकी पत्नी ने उस वक़्त उस मासूम बच्ची को मदद देने से साफ़ इंकार कर दिया था. यहाँ हम आपको ये भी बता दें कि वो मासूम, कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही 8 साल की बच्ची भी एक मुसलमान ही थी.

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यही नहीं आज मुसलमानों के मसीहा बने हामिद अंसारी के मुसलमानों पर दिए गए बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों का गुस्सा फूटा है. इन्ही में से कई लोगों ने हामिद अंसारी के बारे में कई बड़े खुलासे भी कर डाले हैं. इन्ही में से एक खुलासा गौरव नाम के एक शख्स ने किया है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गौरव दिल्ली में कैंसर पीड़ितों का इलाज़ करते हैं. हामिद अंसारी और उनकी पत्नी पर बड़ा खुलासा करते हुए गौरव ने बताया कि 24 अगस्त 2016 को वो एक 8 साल की मासूम के इलाज़ की आस में हामिद अंसारी और उनकी पत्नी से मदद मांगने गए थे.

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गौरव ने बाकायदा इसके लिए उपराष्ट्रपति अंसारी से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट ली और उनके घर पहुँच गए. काफी समय बीतने के बाद भी ना ही हामिद अंसारी गौरव से मिलने आये और ना ही उनकी पत्नी. गौरव ने बार-बार मिन्नतें की लेकिन मानो हामिद अंसारी को सुनाई ही ना दिया हो. और अंत में अन्य कामों का हवाला देते हुए हामिद गौरव से नहीं ही मिले.

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गौरव ने जहाँ इस बात की जानकारी ट्वीट के जरिये दी है उन्होंने ये भी कहा है कि उनके पास इस पूरी बात को सही साबित करने का पूरा सबूत भी है.

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जब रॉ एजेंट्स की मदद से मुंह फेर लिया था एम्बेसडर अंसारी ने 

हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये वाकया है सन् 1990 का. उस वक़्त हामिद अंसारी ईरान मुल्क में भारत के एम्बेसडर हुआ करते थे. बताया जाता है कि उस वक़्त तेहरान मे पोस्टेड एक RAW के जासूस मिस्टर कपूर को तेहरान मे किडनेप कर लिया गया था.

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सिर्फ किडनैप ही नहीं मिली जानकारी के अनुसार अगवा किये गए RAW एजेंट को लगातार 3 दिनों तक बुरी तरह टोर्चर भी किया गया. उन्हें ड्रग्स के ओवरडोज़ दिये गए और आखिर मे उन्हें तेहरान के एक सुनसान से इलाक़े में ले जाकर फेंक दिया गया.

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एक RAW एजेंट के साथ इतना कुछ अमानवीय होता है लेकिन भारत के एम्बेसडर हामिद अंसारी को इस बात की भनक तक नहीं लगती. यहाँ तक की इतनी बड़ी घटना पर भारत सरकार को भी कोई सूचना नहीं दी जाती है.

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इसी दौरान कश्मीर के कुछ लोग इमाम तेहरान के नजीदक Qom नामक धार्मिक केंद्र मे ट्रेनिंग के लिए इकट्ठा होते थे, जिस पर उस वक़्त RAW ने पैनी नजर रखे हुए थी. इस पूरी रेकी की जानकारी दिल्ली हेडक्वार्टर पर लगातार भेजी भी जा रही थीं. हामिद अंसारी के एक करीबी के एक जानकार के माध्यम से RAW जासूस माथुर ने इस संगठन मे अपने जासूस फिट किए थे.

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इसी बीच अचानक से खबर आती है कि माथुर को भी तेहरान जासूसों ने किडनेप कर लिया है. अब इस बात का पूरा शक हामिद अंसारी के मुखबिरी का था. बताते हैं कि इंडियन इंटेलिजेंस खेमा हरकत मे आया और माथुर की तलाश ईरान मे शुरू हुई, लेकिन हैरानी की बात है कि एक बार फिर इतना कुछ हो जाने के बावजूद हामिद अंसारी ने ना ही कोई मदद की और ना ही एक बार फिर भारत सरकार को इस बात की भनक लगने दी.

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आखिर 2 दिन बाद जब इंटेलिजेंस ऑफिसर के बीबी-बच्चे कोई उपयुक्त मदद ना मिलती देख हामिद अंसारी के घर के गेट पर प्रदर्शन करना शुरू किया, तब इस मामले न तूल पकड़ा. हालाँकि इतना सब हो जाने के बावजूद भी हामिद अंसारी ने इंटेलिजेंस वालों के परिवार वालों से मिलने से साफ़ इंकार कर दिया.

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मौके पर जो लोग थे उन्होंने बताया कि इतना कुछ होता देख लापता अधिकारी माथुर की पत्नी से अब रुका नहीं गया और वो धड़ल्ले से हामिद अंसारी के केबिन मे जा घुसीं. सब्र का बाँध टूट चूका था ऐसे में उन्होंने हामिद अंसारी की जमकर लताड़ लगायी. अब हताश RAW ने दिल्ली हेडक्वार्टर को इन्फॉर्म किया और तब के भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को इस पूरे मामले की जानकारी दी. जिसके बाद PMO के दखल से कुछ ही घंटों के भीतर ही ईरानी जासूसों ने रॉ एजेंट माथुर को आजाद कर दिया.

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