7 मिनट तक एंकर के कहने पर भी वन्दे मातरम् की दो लाइन नही सुना पाए सरकार के मंत्री!

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वन्दे मातरम् पर मचा बवाल

पूरे देश वन्दे मातरम गाने और नही गाने को लेकर विवाद काफी दिनों से चल रहा है. कोई कहता है देश में रहना है तो वन्दे मातरम् गाना ही पड़ेगा तो कही कहता है किसी कीमत पर नही गाऊंगा. देश भक्ति दिखाने के लिए वन्दे मातरम गाना देशभक्ति का प्रमाण तो नही है पर देश के सम्मान में लिखे गये  इस गान को जरुर गाया जाना चाहिए.कुछ लोग इस बात को धर्म से जोड़कर खुद को अलग करने की कोशिश करते है. हम यह भी कह सकते है कि इसे धर्म से जोड़कर राजनीति की जा रही है.हमें धर्म ,जाति से उठकर पहले हिन्दुस्तानी है और हिन्दुस्तान का सम्मान पहले आना चाहिए उसके बाद अपने-अपने धर्म के बारे में सोचना चाहिए.

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योगी के मंत्री 2 लाइन भी सुना पाए 

दरअसल महाराष्ट्र के मुंबई महानगर पालिका द्वारा बनाये एक कानून के तहत सभी स्कूलों में हफ्ते में कम से कम दो दिन वन्दे मातरम गाना अनिवार्य है. इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक डिबेट में उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बलदेव सिंह आलोख, साक्षी महाराज और के मौलाना शामिल थे. इस डिबेट में जब एंकर ने मंत्री से कहा आप वन्दे मातरम् की कुछ लाइन सुनाइए तो मंत्री जी एक भी लाइन सुनाने को तैयार नही हुए.

मदरसों के लिए योगी सरकार का विवादित फरमान 

आपकी जानकारी  के बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कुछ दिन पहले ही एक नोटिस जारी किया गया जिसमें यह कहा गया है कि प्रदेश के सभी मदरसों में 15 अगस्त को तिरंगा फहराने का वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने का आदेश दिया है. यह आदेश सिर्फ मदरसों के लिए जारी किये जाने के बाद प्रदेश में काफी  बवाल मचा हुआ है और योगी सरकार के मंत्री दो लाइन वन्दे मातरम् गाने में असमर्थ पाए गये. जिसके बाद से उनकी काफी फजीहत हो रही है.

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BMC के स्कूलों में गाना होगा वन्दे मातरम्!

दरअसल बीजेपी के कई नेता और बीजेपी को समर्थन करने वाली पार्टियाँ वन्दे मातरम् गाने के लिए तरह तरह की बातें करती रहती है.लेकिन जब एक मंत्री को वन्दे मातरम गाने में इस तरह की समस्या हो रही है तो दूसरों को गाने के लिए क्या प्रेरित करेंगे. आपकी जानकारी के लिए दे कि मुंबई महानगर पालिका द्वारा जारी किये नये नियन के तहत सभी स्कूलों में वन्दे मातरम गाना अनिवार्य कर दिया गया है.

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AIMIM-BJP नेता के बीच झडप 

इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने एक आदेश देते हुए कहा था कि कर्नाटक के सभी स्कूलों में वन्दे मातरम गाना अनिवार्य है. इसी फैसले को देखते हुए मुंबई में भी यह लागू किये जाने के लिए यह कानून मुख्यमंत्री के पास भेज दिया गया है. ज्ञात हो कुछ दिन पहले ही AIMIM के नेता वारिस पठान और बीजेपी के एक विधायक के बीच मुंबई में विधानसभा के गेट पर बेहद तीखी बहस हो गयी थी. जिसके के बाद इसकी चर्चा फिर जोर पकड़ने लगी.

लाइव डिबेट में नही गा पाए दो लाइन 

मंत्री द्वारा लाइव टीवी डिबेट में इस तरह से वन्दे मातरम् न सुनाना इसका समर्थन करने वाले बीजेपी के नेता और बीजेपी के समर्थन करने वाले नेताओं के लिए एक बड़ा झटके के तौर पर देखा जा रहा है. इन्हें पहले अपने विधायको, मंत्रियों सांसदों को वन्दे मातरम का पाठ पढ़ाना चाहिए. उसके बाद किसी को वन्दे मातरम् गाने के लिए जबरदस्ती  करना चाहिए. हम यह नही कह रहे है कि मंत्री साहब को वन्दे मातरम नही आता पर जिस तरह उन्होंने बार बार कहने के बावजूद भी दो लाइन भी नही सुनाये, इसका सन्देश कुछ और ही आ रहा है .

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