जब मुस्लिम शख्स को पता चला कि उसकी जगह पर कुछ हिंदू लोग कर रहे हैं पूजा तो उसने…

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भारत में जहाँ एक ओर नेता धर्म और समुदाय को वोट बैंक के लालच में बांटना चाहते हैं, वहीँ कुछ ऐसे उदाहरण भी हैं जिनको देखकर धर्म की ये खाई बिलकुल मिटती दिखती है. भारत में कई ऐसी जगह भी हैं जहाँ लोग किसी धर्म से बढ़कर इंसानियत को मानते हैं. ये बात भी सच है कि केवल कुछ भ्रमित लोगों के चलते ही दो धर्मों के बीच अक्सर वैमनस्य फैल जाता है. इसका फायदा लालची नेता उठाते हैं और धर्म की खाई को और गहरा करने की कोशिश करते हैं. नेताओं का मुख्य मकसद होता है सत्ता और सत्ता में बैठने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाते हैं.

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आज हम आपको एक ऐसा वृतचित्र (Documentary) दिखाने जा रहे हैं जिसको देखकर आपको भी महसूस होगा कि किसी भी धर्म का होने से पहले एक अच्छा इंसान होना बहुत जरुरी है. इस वृतचित्र में एक मंदिर और एक मस्जिद की कहानी बताई गई है, लेकिन ख़ास बात ये है कि मंदिर एक मुस्लिम शख्स ने बनाया है और मस्जिद एक हिंदू पंडित ने. ये मंदिर और मस्जिद उत्तर प्रदेश के शहर बरेली में हैं.

आज भी दोनों समुदाय के लोग मंदिर-मस्जिद में जाते हैं. हिंदू पूरी श्रद्धा के साथ मस्जिद में दस्तक देते हैं और मुस्लिम भी मंदिर में पूरी आस्था रखते हैं. इस वृतचित्र को जब आप देखेंगे तो आपको कई ऐसे सच पता चलेंगे जिन्हें जानकर आपको एक सकारात्मक ऊर्जा महसूस होगी.

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इस वृतचित्र में आपको कई लोगों के साक्षात्कार भी मिलेंगे जो मंदिर और मस्जिद को लेकर अपनी बातें रख रहे हैं और इनकी अहमियत के बारे में बता रहे हैं. कुछ उम्रदराज लोग मंदिर-मस्जिद के इतिहास के बारे में भी जानकारी देते दिख रहे हैं और कुछ ऐसी बातें भी बता रहे हैं जो अब समाज में कम ही देखने को मिलती हैं.

इस वृतचित्र का नाम ‘वन सोल’ है. वीडियो का फिल्मांकन बहुत खूबसूरती से किया गया है, जिसे आप लोगों को भी जरुर देखना चाहिए और समझना चाहिए कि सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है और इंसानियत से बड़ा धर्म कोई भी नहीं है.

देखें वीडियो

इस वीडियो को देखकर आपको जरुर अच्छा लगा होगा. आपको भी महसूस हुआ होगा कि धर्म के नाम पर वैमनस्य नहीं बल्कि प्यार फैलाना चाहिए. सब धर्मों को प्यार से एक साथ मिलकर रहना चाहिए.

 

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