गोरखपुर BRD. अस्पताल में डॉक्टर से पहले ‘मुन्ना भाई’ का भी काम करता था डा. कफील!

1083

गोरखपुर में बीआरडी अस्पताल में हुए कई बच्चों की मौत के बाद जब सरकार पर ऊँगली उठनी शुरू हुए तो उन्होंने आनन फानन में कार्यवाही शुरू कर दी. जिसमें स्कूल प्रिंसिपल और अस्पताल के एक डाक्टर कफील पर कार्यवाही करने के लिए सरकार शिंकजा ने कसना शुरू ही किया था. डाक्टर राजीव मिश्र और उनकी पत्नी पूर्णिमा मिश्र दोनों फरार हो गये थे इसके बाद डा0 कफील पर भी ऊँगली उठी तो वो भी फरार हो गया. हालाँकि इस समय डा० मिश्रा दम्पत्ति और डा० कफील को यूपी ATS ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

Source

जेल में बंद कैदियों से घुल मिल गया कफील 

आपको बता दें कि डा० कफील पहले भी तिहाड़ जेल में सजा काट चुका है और इस समय जेल में बंद होने पर उसे कोई गम नही है बल्कि उसे वहां उसके साथ तिहाड़ में बंद एक पुराना मित्र भी जेल में मिल गया है. जिसके साथ अच्छे से बात चीत कर हालचाल लेते हुए दिखाई दिया और वह अन्य कैदियों से भी बातचीत करते दिखाई दिया. आपको बता दें कि बच्चो की मौत के बाद डा० कफील को हीरो की तरह पेश किया गया था.

कैदियों ने स्वागत किया “आओ मियाँ…”

डा० कफील पर जेल में बंद होने का गम नही दिखाई दिया बल्कि उसके तिहाड़ वाले दोस्त ने स्वागत करते हुए कहा ”आओ मियां तुम्हारी ही कमी थी”. दरअसल ये वो कैदी था, जिसके साथ कभी तीन महीना डॉ. कफील खान दिल्ली की तिहाड़ जेल में गुजार चुके हैं.डॉ. कफील दूसरी बार जेल गए हैं. पहली बार कफील ने करीबी मित्र की जगह मेडिकल प्रैक्टिस की परीक्षा देते बतौर मुन्ना भाई पकड़े गए थे.

Source

एक तरफ जहाँ गोरखपुर मामले में गिरफ्तार डा० कफील को जेल में बंद होने का कोई गम नही है रात को आराम से सोता है तो वहीँ दूसरी तरह इसी मामले में गिरफ्तार डा० राजीव मिश्रा की रातों की नींद उडी हुई है. ख़बरों के अनुसार डा० राजीव रात में सोते सोते अचानक उठकर बैठ जाते है और अधिकतर समय बैठे बैठे ही गुजारते है. इसकी वजह मानी जा रही है कि कफील पहले भी जेल में रह चूका है और मिश्रा के उपर कोई आपराधिक मुकदमे नही रहे है.उन्होंने ने कभी पुलिस थाने का भी मुंह नही देखा है.

Loading...
Loading...