सुषमा स्वराज फादर टॉम की रिहाई की बधाई दे ही रहीं थी कि तभी सामने आया मनीष तिवारी का वो घटिया ट्वीट जिसने कांग्रेस की औकात दिखा दी

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यमन में अगवा भारतीय धर्मगुरू फादर टॉम उझुन्नैल को ओमान में आख़िरकार रिहा करा लिया गया है. इस मामले की जानकारी देते हुए ख़ुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने ट्विटर पर एक पोस्ट डाली थी. सुषमा स्वराज ने अपने ट्‌वीट में लिखा है कि, “मैं इस बात की जानकारी देते हुए बेहद खुशी हो रही है कि फादर टॉम उझुन्नैल को रिहा करा लिया गया है.” हालाँकि इस मामले में सबसे दिलचस्प बात ये रही कि सुषमा स्वराज ने जहाँ एक तरफ फादर टॉम की रिहाई की ख़बर सोशल मीडिया पर दी वहीँ उन्होंने मनीष तिवारी पर भी ऐसा पलटवार कर दिया जिसकी टीस मनीष तिवारी आसानी से भूल नहीं पायेंगें.

पहले जानकारी के लिए बता दें कि फादर टॉम केरल के रहने वाले हैं. उनको यमन में पिछले साल उग्रवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अगवा किया था. फाठेर टॉम के अपहरण के बाद एक वीडियो मैसेज रिलीज कराया जाता है जिसमें फादर टॉम अपनी रिहाई के लिए मदद मांगते नजर आये थे. जिसके बाद पिछले महीने ही कैथोलिक मिशन का प्रतिनिधि मंडल विदेश मंत्री स्वराज से मिला था और उन्होंने फादर टॉम की रिहाई के लिए सुषमा स्वराज से मदद की मांग की थी. जिसके जवाब में सुषमा स्वराज ने भी प्रतिनिधिमंडल को रिहाई का भरोसा दिलाया था. इसके बाद सरकार ने प्रयास तेज करते हुए फादर टॉम की रिहाई करवाई.

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जानिए क्यूँ मनीष तिवारी पर किया गया पलटवार?

ऐसे में 28 मार्च 2016 को केंद्र सरकार को घेरते हुए मनीष तिवारी ने ट्वीट किया था कि, “आईएसआईएस ने कथित तौर पर फादर थॉमस उझुन्नली को सूली पर चढ़ा दिया और भाजपा सरकार ने कुछ भी नहीं किया. क्यों इसलिए कि वह एक ईसाई थे? श्रीमान प्रधानमंत्री, वह भी एक भारतीय थे.” उस वक़्त तो उन्हें किसी ने कोई जवाब नहीं दिया था लेकिन अब जब सुषमा स्वराज और सरकार ने फादर टॉम को शकुशल isis के चंगुल से छुड़ा लिया है तो सुषमा स्वराज ने मनीष तिवारी के इस सालभर पुराने ट्वीट को रीट्वीट कर बिना कुछ कहे मुंहतोड़ जवाब दिया है.

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