कैफ को हिंदी दिवस पर ट्वीट करना पड़ा भारी !

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14 सितम्बर, जिसे भारत में हिंदी दिवस के रूप मनाया जाता है. सोशल मीडिया पर हिंदी दिवस को लेकर तमाम तरह से शुभकामनाएं देखने को मिल रही हैं. कोई हिंदी की सहजता का बखान कर रहा है तो कोई इसे संस्कृति से जोड़ रहा है. जिसे देखों वो हिंदी का गुणगान कर रहा है. जिन्होंने हिंदी के बीच में अंग्रेजी को अच्छे से सेट किया है वो भी हिंदी दिवस के दिन अंग्रेजी में बधाई दे रहे हैं. नेता हो या फ़िल्मी कलाकर हो, सबने सोशल मीडिया पर अपने-अपने माध्यमों से बधाई दिया. देश से जुड़े हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने वाले मोहम्मद कैफ ने भी ट्विटर पर हिंदी दिवस की बधाई दी तो कुछ लोगों ने अपनी सोच जाहिर करते हुए बवाल मचा दिया.

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पहले आपको मोहम्मद कैफ का वो ट्वीट दिखाते हैं, जिसमें उन्होंने हिंदी की खूबियों को बताते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. बता दें कि मोहम्मद कैफ ने देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के शब्दों को शेयर करते हुए लिखा कि ‘हिंदी का अलग ही मजा है.’

कैफ का इतना कहना ही था कि कट्टरपंथी विचारधारा के लोग राशन पानी लेकर कैफ के इस ट्वीट पर चढ़ गये. हिंदी की शुभकामना देने पर कुछ लोगों ने अपनी घटिया सोच दिखाते हुए कहा कि ‘कैफ तुम अगर सच्चे मुसलमान हो तो तुम्हे ऐसा नही कहना चाहिए.’ इतना ही नही हद तो तब हो गयी जब एक यूजर मोहम्मद कैफ को इस्लाम सिखाने लगा. मिस्टर रजा नाम के यूजर ने लिखा कि ‘सर हिंदी इस्लाम में हराम है और इसलिए आप पर भी शर्म है.’

इस ट्वीट के बाद एक और ट्वीट आया जिसने मोहम्मद कैफ के खिलाफ ज़हर उगला. वहीं ज़हीन ‘बनारसी’ नाम के एक अकाउंट से लिखा गया कि ‘हिंदी इस्लाम में हराम है और इसका सपोर्ट करता हूं, और ये बात कैफ तुम्हे भी जाननी चाहिए. तुम अगर मुस्लिम हो तो तुम्हे उर्दू को सपोर्ट करना चाहिए. मजा लेना भी हराम है, साँस लेना भी.’

मोहम्मद कैफ ने इसके पहले भी सोशल मुद्दे पर अपनी राय रखी है और उस पर भी कई कट्टरपंथी सोच के लोगों ने उन्हें खूब कोसा था. कई बार तो फतवा जारी होने की नौबत आ गयी थी. ऐसा नही है कि कैफ के हिंदी दिवस की शुभकामना देने पर उनकी बुराई ही हुई है. कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने कैफ के इस ट्वीट की जमकर तारीफ की.

कैफ के इस ट्वीट की और उनके सोच की सराहना करने करते हुए शिव शंकर वर्मा ने लिखा कि ‘सुंदर पोस्ट हेतु बहुत बहुत बधाई, विशेषकर आपकी राष्ट्रवादी सोच हेतु, लगे रहिये, हम आपके साथ हैं.’ वैसे जिस तरीके से कट्टरता समाज में हावी हो रही है वो चिंता का विषय है.