ट्रम्प दुनिया के सबसे शक्तिशाली इंसान हैं लेकिन उनके आदेश को ना मानने का अधिकार इस शख्स के पास है!

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बीते दिनों में उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच जिस तरह से तनाव बढ़ा है उसे देखते हुए कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच युद्ध कभी भी हो सकता है. फ़िलहाल नार्थ कोरिया आये दिन मिसाइल परिक्षण करता आ रहा है, उसपर तमाम प्रतिबन्ध भी लगे लेकिन वो अपने काम में लगा हुआ है. इसपर अमेरिका काफी ज्यादा खफा भी है, ट्रम्प के रवैये से ये भी अंदेशा लगाया जाने लगा कि नार्थ कोरिया की हरकत और उसकी मंशा को देखते हुए ट्रम्प कभी भी हमले का आदेश दे सकते हैं.

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मामला इतना गर्म हुआ कि सारी चर्चा परमाणु हमले तक आ पहुंची लेकिन ऐसे में एक सवाल उठता है कि अगर ट्रम्प जिन्हें ‘दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंसान’ माना जाता है, उन्होंने परमाणु हमले का आदेश दे दिया तो क्या उनके इस आदेश की अवहेलना हो सकती है? क्या ट्रम्प के आदेश को मानने से इंकार किया जा सकता है? अगर हाँ, किया जा सकता है तो आखिर वो कौन होगा, जो अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश को मानने से इंकार कर सकता है?

परमाणु हमला (नागासाकी-हिरोशिमा)

बीबीसी के एक आर्टिकल के अनुसार, वैसे तो अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश को मानने से इंकार नही किया जा सकता है लेकिन किसी भी अवैध आदेश को ना मानने के लिए अमेरिकी सेना के जनरल, राष्ट्रपति से दोबारा सलाह ले सकते हैं. इतना ही नही परमाणु हमले के आदेश पर अमेरिकी सेना के जनरल राष्ट्रपति से स्पष्टीकरण मांग सकते हैं और किसी अवैध आदेश को मानने से इंकार भी कर सकते हैं. अमेरिका के एक रिटायर्ड मिलिट्री जनरल ने अमेरिकी कांग्रेस से कहा है कि कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में सेना राष्ट्रपति ट्रंप को ना कह सकती है. यहां स्पष्ट है कि परमाणु हमले का आदेश देने का हक अमेरिकी राष्ट्रपति के पास ही होता है लेकिन इस आदेश पर तामील करवाने के लिए उन्हें सेना के जनरलों को मनाना होगा.

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