सोमनाथ मंदिर को लेकर नेहरु ने जो किया था उसे जानकर आपका खून खौल जायेगा !

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राहुल गाँधी हिन्दू धर्म और हिन्दुओं के लिए किस तरह की सोच रखते हैं ये किसी से छिपी नही है. वैसे राहुल गाँधी ही क्यों बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी की विचारधारा ही ऐसी है कि वोट के चक्कर में हिन्दुओं को दरकिनार करती रही है. अब इस वजह से अगर कांग्रेस पार्टी हाशिये पर है तो उसे हिन्दू मंदिरों की याद आई है. कभी हिन्दू आतंकवाद की परिभाषा गढ़ने वाली कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को मंदिर-मंदिर जाना पड़ रहा है. बात राहुल गाँधी की करें तो, सोमनाथ मंदिर की तरफ बड़ी आस में दौड़ पड़े हैं और सोच रखते हैं कि गुजरात विधानसभा चुनाव में मंदिर जाने भर से उन्हें वोट मिल जायेगा.

फ़िलहाल राहुल बाबा जिस सोमनाथ मंदिर के चक्कर काट रहे हैं, उसी मंदिर को लेकर उनके ही परिवार के सदस्य और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु ने बहुत ही छोटी सोच दिखाई थी. बीबीसी की खबर के मुताबिक जवाहरलाल नेहरु नही चाहते थे कि सोमनाथ मंदिर का निर्माण हो लेकिन सरदार पटेल की दृढ़ इच्छा के चलते मंदिर का निर्माण हुआ. यही नही नेहरु तो ये भी नही चाहते थे कि सोमनाथ के भव्य मंदिर के उद्घाटन में देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद शामिल हों, लेकिन इसके बावजूद राजेन्द्र प्रसाद जी ने उनकी बात नही मानी और उद्घाटन करने गये.

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बताया जाता है कि नेहरु इन सब चीजों का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे थे क्योंकि उन्हें मुस्लिम वोटों की चिंता सताती थी. नेहरू ने सौराष्ट्र के मुख्यमंत्री को बकायदा ख़त लिखकर ये मांग की थी कि सोमनाथ मंदिर में खर्च होने वाले पैसे को सरकारी खजाने से ना दिया जाय. इससे देश में गलत संकेत जायेगा.

इन्हीं सब बातों को लेकर पीएम मोदी की वेबसाइट के ट्विटर हैंडल से राहुल गांधी के ऊपर एक तंज कसा गया है और उसमें लिखा है कि “आज कुछ लोग सोमनाथ को याद कर रहे हैं. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आप इतिहास भूल गए हैं क्या? आपके परिवार के सदस्य, हमारे पहले प्रधानमंत्री यहां मंदिर बनाने के पक्ष में ही नहीं थे.”

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