खुद मुख्यमंत्री योगी के ही वार्ड में देखिये बीजेपी को क्या दिन देखने पड़े !

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यूपी में निकाय चुनाव ख़त्म हो गये हैं लेकिन नतीजे बाले ही बीजेपी के लिए ख़ुशी देने वाले हों लेकिन कुछ ऐसी चीजें सामने आई हैं जो बीजेपी को मुश्किल में डाल सकती हैं. वैसे इस निकाय चुनाव को सूबे के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था. इस चुनाव के परिणाम पर कई सारे सवाल टिके थे जैसे, मोदी लहर, योगीराज का असर और जनता अभी भी बीजेपी को पसंद कर रही है या नही. इन सब सवालों का जब जवाब मिला तो सामने आया कि योगी को यूपी की जनता ने पूरे नंबर ही नही बल्कि विशेष वरीयता से पास कर दिया है लेकिन साथ ही योगी को मुश्किलों में डाल दिया है.

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 16 नगर निगमों में से भाजपा ने 14 में जीत दर्ज की है. वहीं अगर सूबे के मुख्यमंत्री के गृहनगर गोरखपुर नगर निगम की बात करें तो बीजेपी ने मेयर का चुनाव तो जीत लिया है लेकिन जिस वार्ड में योगी खुद वोटर हैं, उस वार्ड का हाल बहुत खस्ता रहा. बता दें कि इस वार्ड से बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है. इतना ही नही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद कौशांबी में नगर पंचायत चेयरमैन की छह सीटों में से एक पर भी पार्टी नहीं जीत पाई.

फ़िलहाल इस चुनाव को अपनी नाक का सवाल बनाकर मुख्यमंत्री ने योगी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. इसलिए उनकी रणनीति भी अव्वल दर्जे की रही. इतना ही नही जहां इस चुनाव में प्रचार के दौरान ना तो अखिलेश यादव और ना ही बसपा सुप्रीमों मायावती कभी प्रचार करने निकली वहीं योगी ने अपने मंत्रियों को जनता के बीच जाकर प्रचार करने का फरमान सुना दिया था. इतना ही नही इस चुनाव के नतीजों को लेकर भारतीय जनता पार्टी इतनी गंभीर थी कि पार्टी संगठन भी दिन-रात एक किये हुए था.

शायद यही रणनीति बीजेपी को दूसरी पार्टियों से एकदम अलग पेश करती है और यही वजह है कि लोग अब भी बीजेपी और मोदी सरकार में विश्वास बनाये हुए हैं. कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि जनता का विश्वास जिस तरीके से बीजेपी में बरकरार है उससे संभव है कि गुजरात चुनाव में भी बीजेपी को इसका फायदा मिले.

 

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