जिग्नेश मेवाणी ने किया फेसबुक को मैसेज तो सुनने को मिला कि ‘तू दलाल है !’

गुजरात के वडगाम से निर्दलीय विधायक बन विधानसभा पहुंचे युवा और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी इन दिनों खूब चर्चा में हैं. चर्चा उनकी नहीं बल्कि उनकी राजनीति की हो रही है. दरअसल महाराष्ट्र में मचे घमासान में जिग्नेश मेवाणी का नाम आया है. मेवाणी पर आरोप है कि इन्होने पुणे जाकर उग्र भाषण दिया जिससे महाराष्ट्र जलने की कगार पर आया. फ़िलहाल कहा जा रहा है कि इन दिनों जिग्नेश मेवाणी खूब फेमस हो रहे हैं और इसको लेकर जिग्नेश काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. जिग्नेश को इस बात का अंदाजा है कि उनकी लोकप्रियता बढ़ रही है इसको लेकर उन्होंने फेसबुक को एक मैसेज किया है जिसमें अपने अकाउंट को ब्लू टिक देने की मांग की है. यहीं नहीं उन्होंने ऐसा करने के लिए जो वजह भी दी है.

आपको वजह बताये, उसके पहले ये बता दें कि जिग्नेश अपनी राजनीति चमकाने के लिए देशद्रोह का आरोप झेल रहे उमर खालिद का साथ लेने में भी नहीं कतरा रहे. 31 दिसम्बर को उन्होंने उमर खालिद के साथ पुणे में मंच साँझा किया और उग्र भाषण भी दिया. इस मामले में उमर खालिद और जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ FIR भी दर्ज हो चुकी है. वैसे  अब जिग्नेश सोशल मीडिया पर अपने फेसबुक अकाउंट को वेरिफाइड करने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने अपने ट्विटर पर फेसबुक को टैग करते हुए लिखा कि “मैं हिंदुस्तान का एक विधायक और सामाजित नेता भी हूं, आपसे मैं निवेदन करता हूं कि मेरे आधिकारिक फेसबुक पेज को ब्लू टिक दिया जाए क्योंकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मेरे नाम का फेसबुक पेज बनाकर भटकाने वाले मैसेज कर रहे हैं.”

सोशल मीडिया पर इसको लेकर तमाम तरह की बातें की जा रही है, लोगों का कहना है कि जिग्नेश मेवाणी अब अपनी राजनीति को बढ़ाना चाह रहे हैं और बड़ा नेता बनना चाह रहे हैं. उन्हें दलितों से कोई मतलब नहीं है बस अपनी राजनीति चमकानी हैं.

प्रमोद चौहान नाम के एक यूजर ने लिखा कि आखरी भाजपा ने मुस्लिम, दलित में कोई भेद नहीं किया और उसने एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाया, रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया, उसके बाद भी वो मुस्लिम विरोधी और दलित विरोधी बनी हुई है, आखिर कैसे ?