लालू की सेवा के लिए मामूली सी बात पर मारपीट करके ये दो लोग जा पहुंचे बिरसा मुंडा जेल !

लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक शैली कुछ ऐसी है कि जो हर किसी के समझ के बाहर है. चारा घोटाले के देवघर कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को सीबीआई की विशेष अदालत ने साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही लालू को 5 लाख रूपये जुर्माने की तौर पर देने होंगे, अगर लालू प्रसाद यादव ने जुर्माने की राशि नहीं भरी तो उन्हें 6 महीने और जेल में काटने होंगे. लालू के जेल को लेकर उनकी पत्नी राबड़ी देवी का कहना है कि ‘मुझे चिंता है कि जेल में उनका ख्याल कौन रखेगा क्योंकि वो बीमार रहते हैं. उन्हें दवा भी लेना होता है.’ खैर एक पत्नी के रूप में इस तरह की चिंता होना स्वाभाविक है लेकिन लालू प्रसाद यादव का ख्याल और उनकी सेवा करने के लिए जेल में पहले से ही इंतजाम हो चुका है.

लालू चले जेल(फाइल)

चौंकिए मत!, दरअसल खबर ऐसी है कि लालू के जेल जाने से पहले ही दो ‘सेवक’ उसी जेल में जा चुके थे जिस जेल में लालू को सजा होने के बाद जाना था. NDTV की वेबसाइट के मुताबिक जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि लक्ष्मण महतो और मदन यादव एक मामूली सी मारपीट में पहले से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल के अंदर जा चुके हैं. कहा जा रहा है कि मामला इतना बड़ा नहीं है लेकिन फिर भी लालू के लिए दोनों जेल गये हैं. बता दें कि लक्ष्मण महतो पटना और मदन रांची के रहने वाले हैं.

जदयू प्रवक्ता संजय सिंह

संजय सिंह का ये भी कहना है कि लालू की सेवा करने के लिए दो निर्दोष लोगों को अपराध की तरफ प्रेरित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सेवा के लिए कोई अपराधी बन जाये और जेल जाये, ये तो महज सामन्ती सोच है. जदयू प्रवक्ता का ये भी आरोप है कि इससे पहले भी ‘मदन सेवादार’ लालू के लिए जेल जा चुका है.

सांकेतिक फोटो

कौन है मदन और लक्ष्मण

बता दें कि रांची का रहने वाला मदन, मदर डेयरी में काम करता है. एक बार और जब लालू यादव रांची जेल में बंद थे तो वो ऐसे ही किसी मामले जेल पहुंच गया था और लालू की सेवा में लग गया था. वहीं अगर लक्ष्मण की बात करें तो लक्ष्मण लालू का खास सेवादार है. वो उनके खाने और दवा का ध्यान रखता है. आपको याद होगा कि कुछ महीने पहले मीडिया में एक ऑडियो क्लिप लीक हुई थी जिसमें जेल में बंद पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन बातचीत करता नजर आया था. इस क्लिप में लालू प्रसाद यादव से बात करने के लिए शहाबुद्दीन ने जिसके मोबाइल पर कॉल किया था वो लक्ष्मण महतो ही था. आप खुद सोचिये अगर नेताओं की इतनी सेवादारी जेल में होगी तो वो जेल में रहें या फिर घर में क्या फर्क पड़ता है.