लालू की सिफारिश करके बुरा फंस गया ये मुस्लिम डीएम, योगी ने सुनाया ये सख्त आदेश !

चारा घोटाले के एक मामले में सीबीआई अदालत ने लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख रूपये का जुर्माना लगाया है. लालू के चाहने वालों ने तो अपनी तरफ से खूब कोशिश की कि उन्हें सजा कम हो लेकिन किसी की भी एक ना चली और सीबीआई की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह अपने फैसले पर कायम रहे. वैसे मामला तो बिहार का था लेकिन उत्तर प्रदेश के एक डीएम ने भी अपना ‘लालू प्यार’ दिखाया था और सजा कम करने के लिए सीबीआई अदालत के जज को फोन किया था लेकिन जब ये बात यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को पता चली तो उन्होंने अपने सख्त तेवर दिखाए.

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योगी के बारे में कहा जाता है कि वो अनुशासन पसंद शख्स हैं और उन्हें ऐसे काम नहीं पसंद जो उनकी और उनके मंत्रिमंडल की छवि को दागदार करे. बता दें कि जब CM योगी को पता चला कि उनके सूबे के ही एक DM मन्नान अख्तर पर आरोप है कि उन्होंने जज शिवपाल सिंह को फोन करके सजा कम करने की पैरवी की थी, तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए झांसी के कमिश्नर अमित गुप्ता को जांच के आदेश दे दिए और कहा कि दो दिन के भीतर रिपोर्ट दें.

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बता दें कि मन्नान अख्तर जालौन के डीएम हैं. वैसे मन्नान अख्तर अकेले नहीं हैं जिन्होंने राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद की सिफारिश की है. उसी जिले के SDM भैरपाल सिंह पर भी आरोप है कि उन्होंने जज शिवपाल सिंह को फोन करके सजा कम करने सिफारिश की थी. हालाँकि इन दोनों की बातों को जज ने अनसुना कर दिया था. फ़िलहाल मुख्यमंत्री की तरफ से इस मामले में दोनों अधिकारियों के खिलाफ जाँच के आदेश दिए गये हैं. बता दें कि जज शिवपाल का घर जालौन जिले के शेखपुर खुर्द गांव में ही है और इस वजह से दोनों अधिकारियों ने इसका फायदा उठाना चाहा.