4 जजों की प्रेस कांफ्रेंस खत्म के बाद कांग्रेस ने दिखाया अपना असली रंग !

भारत के इतिहास में ये पहली बार हुआ है कि देश की सर्वोत्तम न्यायालय के जज खुद मीडिया के सामने आये हों और अपनी मनोदशा को उजागर किया हो. मामला बहुत गंभीर है, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के एक मजबूत स्तम्भ में इस तरह की घटना होना, वाकई सोचने पर मजबूर करती है. सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है. मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह इसकी ही चर्चा है लेकिन इन सबके बीच एक मामला और सामने आया है कि जब इन 4 जजों की प्रेस कांफ्रेंस ख़त्म हुई तो राहुल गांधी के घर पर लोग जमा होने लगे.

(बाएं से) जस्टिस कुरियन जोसेफ, जे चेलमेश्वर,,रंजन गोगोई, मदन लोकुर

बता दें कि मामला न्यायालय का है लेकिन जिस तरीके से राजनीतिक पार्टियाँ अपनी दिलचस्पी दिखा रही हैं, सच पूछिए तो वो वाकई लोकतन्त्र के लिए हित में नही है. इतने गंभीर मुद्दे पर भी विरोधी पार्टियाँ राजनीति करने से बाज नहीं आ रही हैं. जनसता के मुताबिक जजों की प्रेस कांफ्रेंस के बाद ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल के घर 10 जनपथ पर एक बैठक हुई. जिसमें 4 जजों की प्रेस कांफ्रेंस के मामले पर बात हुई.  बता दें कि इस मीटिंग में पूर्व वित्‍त मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता पी. चिदंबरम और मनीष तिवारी, सलमान खुर्शीद भी बैठक में शामिल होने राहुल के आवास पर पहुंचे थे.

Source

इस मीटिंग में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेताओं के साथ-साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्‍बल भी शामिल रहे. कपिल सिब्बल इस मीटिंग में शामिल होने के लिए इतने उतावले थे कि वो 12 जनवरी की शाम दिल्ली पहुंचे थे और पहुँचते ही वो राहुल गांधी के घर मीटिंग के लिए निकल पड़े.

Source

संबित पात्रा ने क्या कहा

बता दें कि कांग्रेस जिस तरीके से इस मामले में सक्रियता दिखा रही है उसको देखते हुए भाजपा प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि “कांग्रेस ने आज गलत किया, कांग्रेस अवसर ढूंढ रही है. कांग्रेस इस पर राजनीति कर रही है जबकि यह सर्वोच्च न्यायालय का आंतरिक मामला है, इसपर राजनीति नहीं की जानी चाहिए.” दरअसल सत्ता से दूर रहने का मलाल कांग्रेस को ऐसा है कि वो हर मुद्दे को अपने राजनीतिक चश्में से ही देखती है और राजनीति करने से बाज नहीं आती.