केजरीवाल को भी यकीन रहा होगा कि कुमार विश्वास ये बात मीडिया में बोल देंगे !

‘लाभ के पद’ के मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदयस्ता रद्द करने के लिए चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति से सिफारिश की है. जिसके बाद राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गयी है. केजरीवाल जोकि ईमानदारी और सच्चाई वाली राजनीति की ढोल पीटकर सत्ता की कुर्सी हासिल किये थे अब उनपर सवाल उठने लगे हैं. पार्टी की हालत अंदरूनी झगड़ों की वजह से पहले से ही खराब थी, उसके ऊपर से अब 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की चुनाव आयोग की सिफारिश ने हालत और ख़राब कर दी है. बता दें कि राज्यसभा सदस्य ना बनाये जाने पर कुमार विश्वास और केजरीवाल के बीच रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं. इन्हीं सबको देखते हुए कुमार विश्वास ने 20   विधायकों पर चली चुनाव आयोग की तलवार पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है.

NBT के मुताबिक कुमार विश्वास ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर अफ़सोस जताते हुए कहा कि ” ‘आप’ के 20 विधायकों पर की गई कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने पहले कुछ सुझाव दिए गए थे, लेकिन मुझे बताया गया था कि किसी की नियुक्ति सीएम का प्राथमिक अधिकार है, इसलिए मैं चुप रहा.”

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ऐसा नहीं है कि कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर पहली बार हमला बोला है इसके पहले भी उन्होंने राज्यसभा न भेजने को लेकर केजरीवाल पर खुलकर निशाना साधा था. उस दौरान जब उनसे पूछा गया था कि ‘AAP ने उन्हें राज्य सभा भेजने के लिए क्यों नहीं चुना?’ इसके जवाब उन्होंने शायरी से देते हुए कहा था कि “मेरे लहजे में जी-हुजूर न था, इससे ज्यादा मेरा कसूर न था.”