पीएम मोदी और नेतन्याहू के रिश्ते तो बहुत अच्छे हैं लेकिन जब एक भारतीय मुसलमान इजराइल गया तो देखिये उसके साथ क्या हुआ

इजराइल और भारत के बीच बेहद खास रिश्ते हैं, दोनों देश एक-दूसरे के काफी नजदीक हैं. पीएम मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी अच्छे दोस्तों की तरह एक दूसरे की समस्याओं का समाधान करना चाहते हैं. गहरी दोस्ती का अंदाजा आप इसी बात से लगा लीजिये कि जब पीएम मोदी इजरायल गए थे तो नेतन्याहू ने उनका जबरदस्त स्वागत किया था. ऐसे में जब इजरायली पीएम भारत आए तो पीएम मोदी भी प्रोटोकॉल तोड़कर नेतन्याहू को रिसीव करने गये थे लेकिन आपने कभी सोचा है कि भारत और इजराइल दोनों अच्छे दोस्त तो हैं लेकिन इजराइल की छवि के मुताबिक भारतीय मुस्लिमों के साथ इजराइल में कैसा सुलूक होता होगा?

क्या इजराइल में भारतीय मुस्लिम के साथ दुर्व्यवहार हुआ ?

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार ‘ये आम धारणा है कि वहां मुस्लिमों को लेकर बेहद अलग सोच है. कहा जाता है कि यहूदी, मुसलमानों के कट्टर दुश्मन हैं.’ भारत से इजराइल की यात्रा पर गये बीबीसी संवाददाता जुबैर अहमद के मुताबिक मुझसे भी यही सवाल कई लोगों ने किया कि ‘आखिर तुम भी तो मुस्लिम हो, जब तुम इजराइल गये तो वहां तुम्हारे साथ क्या व्यवहार किया गया ?’

इजराइल में मुस्लिम

उन्हें सिर्फ भारतीय होने से मतलब था

इसके जवाब में अहमद ने बताया कि “इजराइल जाने से पहले मैं भी यही सोच रहा था कि आखिर वहां के यहूदी मेरे मुसलमान होने पर मेरे साथ कैसा बर्ताव करेंगे? लेकिन जब मैं वहां गया तो मेरी पूरी सोच ही बदल गयी. इजराइल में मैं 10 दिन तक रहा. इस दौरान मुझे एक बार भी नहीं लगा कि मेरे साथ दुर्व्यवहार हो रहा है. हो सकता है कि किसी और देश के मुस्लिमों के साथ हुआ हो या फिर होता हो लेकिन उन्हें मेरे मुसलमान होने से नहीं बल्कि मेरे भारतीय होने से ही मतलब था. उन्होंने मुझे एक मुसलमान के बजाए एक भारतीय की तरह ही देखा. मैं उनके धर्मगुरुओं यानी रब्बी से भी मिला और मैंने मेरे प्रति उनका बर्ताव नरम ही पाया.”

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इस संवाददाता के अनुभवों से आप अच्छे से समझ सकते हैं कि इजराइल में भारतीय होना ही काफी है. इससे ये भी समझा जा सकता है कि आखिर इजराइल और भारत के बीच कितने घनिष्ठ संबंध हैं. वहां भारतीय होना काफी है, हिन्दू या मुसलमान नहीं.