कासगंज: चन्दन की माँ ने किया बड़ा खुलासा जिसे सुनकर आपका कलेजा फट जायेगा !

“वन्दे मातरम के जवाब में पाकिस्तान जिंदाबाद के भी नारे लगे. बात बढ़ती चली गयी और फिर जुबान बंद होकर बातें हथियारों से होने लगीं. जो हाल समझ में आया उससे तो यही लग रहा था कि यहाँ बवाल करने का माहौल पहले से ही तैयार था. तिरंगा यात्रा निकाल रहे युवकों पर तेजाब की बोतलों से हमला किया गया.”

कासगंज

देशभर में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाने की ललक सुबह से ही देखने को मिल रही थी. राष्ट्रपति अपनी सेना के कौशल का प्रदर्शन देख रहे थे. टीवी पर परेड की खबरों ने कब्ज़ा कर रखा था कि अचानक इन खबरों में उत्तर प्रदेश के कासगंज की एक घटना ने सेंध मार दी. राजधानी दिल्ली से 170 किलोमीट दूर कासगंज की खबरें कुछ ऐसी थीं, जो सोचने पर मजबूर कर रही थी. खबरों की मानें तो, कासगंज में 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा निकाली गयी थी. जाहिर सी बात है कि इस राष्ट्रीय पर्व पर ‘भारत माता की जय और वन्दे मातरम’  के नारे लगने ही थे. इसी उद्घोष के साथ यह यात्रा जब मुस्लिम बाहुल्य इलाके में पहुंची तो वहां उसका विरोध होने लगा. विरोध भी ऐसा कि कासगंज का वो इलाका भारत-पाकिस्तान युद्ध क्षेत्र बनने को तैयार था.

कासगंज

तिरंगा यात्रा निकाल रहे युवकों की तरफ से ‘भारत माता की जय और वन्दे मातरम’ के नारे लगते जा रहे थे, लोगों का कहना है कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से इसका विरोध किया गया और कहा गया है कि यहाँ से ना गुजरें. जब बात आगे बढ़ी तो माहौल हिंसात्मक होने लगा. सुनने में तो ये भी आ रहा है कि वन्दे मातरम  के जवाब में पाकिस्तान जिंदाबाद  के भी नारे लगे. बात बढ़ती चली गयी और फिर जुबान बंद होकर बातें हथियारों से होने लगीं. जो हाल समझ में आया उससे तो यही लग रहा है कि यहाँ बवाल करने का माहौल पहले से ही तैयार था. तिरंगा यात्रा निकाल रहे युवकों पर तेजाब की बोतलें फेंकी गईं और पथराव किए गये. हाथों में लाठी और बंदूक भी देखने को मिले, गोली भी चली जिसमें 22 साल के चंदन गुप्ता नाम के एक युवक की मौत हो गयी.

चंदन गुप्ता

चन्दन की माँ ने कहा…

खबरे पढ़ने में आसान होती हैं लेकिन जिस परिवार पर बीतती है उसे ही असल समझ में आता है कि हालात क्या हैं. चन्दन तो चला गया, अब आगे कितनी भी शांति हो या हिंसा हो लेकिन चंदन नहीं आने वाला. उसकी माँ संगीता का हाल रो-रोकर बुरा है. एक माँ ने अपना बेटा खोया है, उसके पीछे वजह भी ऐसी कि पूरे देश में खलबली मची है. शर्म करने का विषय है कि हिंदुस्तान में ही वन्दे मातरम बोलने पर चंदन की हत्या हो गयी. इस खबर को जब से चंदन की माँ ने सुना है बेखबर सी हो गयी हैं, होश नहीं है, किसी के समझाने पर भी कुछ समझना नहीं चाहतीं. कहती हैं कि “मेरे बेटे को वन्दे मातरम कहने की सजा मिली.” चंदन की माँ ने एक और गंभीर आरोप लगाया, वो ये कि ‘चंदन से पाकिस्तान जिंदाबाद बोलने के लिए कहा गया, उसने मना किया तो उसे गोली मार दी गयी.’

चंदन की माँ

कहा ‘मुझे भी गोली मार दो…’

जनसत्ता के मुताबिक चंदन गुप्ता की माँ संगीता ने कहा कि “अगर वन्दे मातरम बोलना गुनाह है तो मुझे भी गोली मार दो, मैंने वंदे मातरम् बोला है. मैं भी भारत माता की जय बोलती हूं, हिंदुस्‍तान जिंदाबाद’ बोलती हूं, मार दो मुझे भी गोली. उन्होंने साफ़ किया कि ‘किसी भी राजनीतिक पार्टी से उनके बेटे का कोई लेना-देना नहीं था. उससे कहा गया कि ‘पाकिस्‍तान जिंदाबाद’ के नारे लगाओ, उसे मजबूर किया जा रहा था, लेकिन उसने इनकार कर दिया था. जिसके बाद उसकी गोली मार कर हत्‍या कर दी गयी.”

हिंसा के बाद कासगंज

‘हमें सरकार से इंसाफ चाहिए..’

चंदन की माँ ने कहा कि “26 जनवरी को भारत माता की जय और वन्दे मातरम बोलना गुनाह है क्या, अगर ऐसा है तो मुझे भी गोली मार दो.” उन्होंने आगे कहा कि “मुझे अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहिए, क्‍या हिंदुस्‍तान में रहकर ऐसा बोलने के लिए किसी से अनुमति लेनी होगी? हमें सरकार से इस बात का इंसाफ चाहिए.” देश में जैसे हालात बनते जा रहे हैं ऐसे में कहना मुश्किल है कब कौन कितना सुरक्षित है, ऊपर से राजनीतिक रोटियां भी खूब सेंकी जा रही हैं, लेकिन नुकसान और आफत आम जनता पर ही आएगी.