देश के उपराष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के आखिरी इंटरव्यू में कह दी ऐसी बात जो….

भारत एक ऐसा देश है जो लगातार तरक्की की राह पर चल रहा है. यहाँ के प्रधानमंत्री देश के सभी धर्मों को लेकर चलने की बात करते रहें है. कुछ ऐसे लोग भी है जो जाति, धर्म ,अलगाव और नफरत फैलाने के आधार पर भी राजनीति करते है. सच्चाई तो इस बात में भी है कि भारत के सभी धर्म के लोग लगातार हर क्षेत्र में तरक्की कर रहे है. चाहे वो हिन्दू हो, मुसलमान हो, सिख हो हर भारतीय नागरिक आज तरक्की की राह पर चल रहा है. लेकिन कुछ राजनीतिक लोग और कुछ धर्म से जुड़े लोग अपने फायदे के लिए मुसलमान के अंदर भय पैदा करने में कोई कसर नही छोड़ रहे है. इसी सिलसिले में भारत के उपराष्ट्रपति अपने आखिरी इंटरव्यू में मुसलमानों को लेकर ऐसी बात कही है जो सुनकर आपके मन कुछ प्रश्न जरुर उठेंगे!

Source

दरअसल भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल गुरूवार को ख़त्म हो रहा है. ऐसे में उपराष्ट्रपति रहते हुए हामिद अंसारी ने एक आखिरी इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने मुसलमानों के बेचैनी और असुरक्षा की बात कर रहे है. राज्यसभा के जाने माने पत्रकार करण थापर को दिए इंटरव्यू में अंसारी ने कहा कि देश के मुसलमानों में बेचैनी और असुरक्षा का माहौल है. जिसके लिए मैंने प्रधानमंत्री समेत मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी अवगत कराया है. तीन तलाक के मुद्दे पर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह एक सामाजिक बिचलन है कोई धार्मिक जरुरत नही है धार्मिक जरुरत स्पष्ट है. लेकिन सामाजिक रीत रिवाज़  इसमें घुसकर हालत कुछ ऐसी बना चुके है जो अत्यंत अवांछित है. कोर्ट को इस मामले में दखल नही देना चाहिए क्योंकि सुधार समुदाय के भीतर से ही होंगे.

Source

कश्मीर के मुद्दे पर हामिद अंसारी ने कहा कि कश्मीर की समस्या एक राजनीतिक समस्या है इसका समाधान राजनीतिक तरीके से ही निकाला जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के अन्दर एक तरह की शंका है जिस तरह के बयान उन लोगो के खिलाफ दिए जा रहे है. मैंने देश के कई हिस्सों से यह बात सुनी पर यह बात उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में सुनने को मिलती है. अब सोचने वाली बात यह है कि क्या देश का मुसलमान सच में असुरक्षित है? क्या देश के मुसलमान सच में डरा हुआ है? क्या देश के उपराष्ट्रपति के पद पर रहकर भी उन्हें किसी तरह की शंका है?

Source

दरअसल आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब देश में होने वाली किसी झगडे, बहस या इससे भी बड़ी घटनाओं को लेकर और पिछले दिनों हुए कुछ  कथाकथित गोरक्षकों द्वारा जो शर्मनाक घटनाएं की गयी वो बेहद शर्मनाक तो है लेकिन इसका मतलब यह नही है कि उनको सजा नही मिली. अन्य घटनाओं की तरह इन घटनाओं को क्यों नही देखा जाता है? हर घटना को आज के समय हिन्दू मुस्लिम बताकर लोग बस राजनीति ही करना चाहते है. जमीनी हकीकत तो यह है कि सभी धर्म के लोग मिलकर काम कर रहे है. हामिद अंसारी की यह फोटो (जिसमें वो तिरंगे को सलामी नही दे रहे है) खूब वायरल हुई थी. इसी बात से हामिद अंसारी की कट्टरता को समझा जा सकता है कि एक देश एक बड़े और सम्माननीय पद पर बैठने के बाद भी उन्होंने तिरंगे को सलामी देना ठीक नही समझा.

Source

कुछ लोग जो खुद को मुसलमानों का मसीहा समझते है या कुछ लोग उन्हें अपना मसीहा बना लिए है ऐसे लोग हर मुद्दे को धर्म से जोड़कर देश को बदनाम करने की साजिश रच रहे है. तीन तलाक के मुद्दे पर जहां महिलायें इस तरह पीड़ित है कि वो चाहती है कि कोर्ट उन्हें इन्साफ दे. ऐसे मसले पर हामिद अंसारी शाहब कह रहे है कि इस मामले में कोर्ट दखल न दे. सच बात तो यह है कि आज कल हर मुस्लिम नेता यह कहकर लोगो से हमदर्दी पाना चाहता है कि उसके उपर अत्याचार हो रहा है. उनको डराया जा रहा है. लेकिन ये सभी बातें राजनीतिक ही होती है. कुछ घटनाओं से देश भर के मुसलमानों और हिन्दुओ के उपर टिप्पणी करना बेहद गलत है.

Source

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि उत्तर प्रदेश के जानेमाने डॉन मुख्तार अंसारी के चाचा हामिद अंसारी है. मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश के एक बाहुबली नेता भी है जो अधिकतर जेल में ही रहते है . देश में हुए कई आतंकवादी घटनाओं में लिप्त अधिकतर मुसलमानों के होने के बावजूद कोई नेता ने यह नही कहा कि देश का हिन्दू खतरें में है. देशमें अन्य जगहों पर हिन्दुओ पर हुए हमलें में किसी ने नही कहा कि हन्दू खतरें में है!. दरअसल खतरें में कोई नही है सब भाईचारे के साथ रह रहे है. लेकिन कुछ घटनाएं हो रही है जो अन्य घटनाओं की तरह ही है कानून अपना काम कर रहा है. इसमें देश के मुसलमानों और हिन्दुओ के डरने और बेचैनी की कोई बात ही है.