अलगाववाद के नाम पर अपनी रोटी सेकनें वाले गिलानी की फजीहत वाला ये वीडियो आपको जरूर देखना चाहिए !

कश्मीर में आये दिन सेना और भारत के खिलाफ नारेबाजी होना कोई बड़ी बात नहीं है, वहां के नौजवानों के नसों में अलगाववादी नेताओं ने कुछ इस तरह का जहर भरा है कि, उन्हें हिंदुस्तान की सरकार से नफरत सी है. हालांकि इसके उलट मोदी सरकार ने हमेशा से ही यही कोशिश की है कि कश्मीर में भटके नौजवानों में देश के प्रति अच्छी सोच पैदा हो और आगे बढ़ने का बल मिले. जिससे मोदी सरकार का नारा ‘सबका साथ-सबका विकास’ सफल हो सके. फ़िलहाल ख़ुशी की खबर यह है कि इस सरकार में कश्मीरी लोगों को विकास की धारा में साथ ले चलने की सोच को अब पंख लगने लगे हैं.

गिलानी जैसे लोगों ने अलगाववाद के नाम पर अपनी दुकानें खोल रखी हैं और कश्मीरी युवकों को भटकाने का काम करते हैं (फोटो सोर्स)

आज हम आपको एक ऐसा वीडियो दिखाने जा रहे हैं, जिसे देखकर आप समझ जायेंगे कि आखिर मोदी सरकार वहां के बाशिंदों के लिए किस तरह से प्रयासरत है कि उन्हें भी अच्छी सुविधा और तरक्की करने के अवसर मिले. आज आपको एक वीडियो दिखाने जा रहे हैं जिसे आजतक के ट्विटर हैंडल से अपलोड किया गया है.

कश्मीरी शख्स गिलानी के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करता हुआ

इस वीडियो में कश्मीर के ही कुछ लोग मीटिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं. जिसमें एक नवयुवक अपनी बात रख रहा है, और कहा रहा है कि कश्मीर में जिन बच्चों को शहादत का मतलब भी नहीं पता, उन्हें अलगावादी नेता अपने मकसद के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.

कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने और पाकिस्तान से मेल-जोल बढ़ाने वाले सैय्यद शाह गिलानी, जो एक अलगावादी नेता के रूप में भी जाने जाते हैं, वीडियो में इस शख्स ने उनके बारे में जमकर अपनी भड़ास निकाली है. गिलानी के खिलाफ बोलते हुए इस नवयुवक ने कहा कि, “गिलानी, जोकि ईसाईयों द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों में लोगों को पढ़ने के मना करते हैं, उसके बाद भी लोग DPS जैसे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, वो खुद में मिसाल हैं, वो गिलानी जिनके लिए मैं भी कभी अपनी जान देने के लिए तैयार था, ऐसे लोगों ने अपना मकसद साफ़ किया है बस.”

अपनी बात करते-करते शख्स रोने लगता है

बात करते करते रोने लगता है शख्स

अपनी बात रखते हुए इस शख्स का गुस्से से गला भर आता है और रोती हुई आवाज में इसने कहा कि, “जो बन्दा, अपनी शहादत के बाद एक घंटे में सुपुर्द-ए-खाक होना चाहिए, उसे नुमाइश के लिए सड़क पर रखा जाता है.
क्या निज़ाम-ए मुस्तफाहै ? ये तो निज़ाम-ए-मुस्तफा था ही नहीं कभी !”

रोते हुए इस शख्स ने लोगों के सामने कहा कि, “ऊपर वाले ने कभी किसी मय्यत को इंतजार नहीं करवाया.” अपनी पूरी बात में इस युवक ने गिलानी और उनके चमचों पर जमकर अपनी नाराजगी जाहिर की. साथ ही इसने लोगों को आगाह किया कि गिलानी जैसे लोग सिर्फ अपना काम निकाल रहे हैं और नेता बन रहे हैं.

वीडियो

वैसे कश्मीर के नौजवानों को खुद भी सोचना कि आखिर जिस रास्ते पर वो चल रहे हैं वहां से उन्हें क्या हासिल हो रहा है. ये सोचने का विषय है कि कश्मीर से ही कभी ख़बरें आती हैं कि किसी ने IAS में अच्छी पोजीशन लाई तो कभी खबरें आतंकवाद में घुसे नौजवानों के मौत की आती हैं. वैसे भी अगर कश्मीर में लोगों की सोच बदली है तो इसमें मोदी सरकार का अहम रोल है.

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