चीन और कश्मीर विवाद को लेकर इस बार विपक्ष ने जो बयान दिया है उसे जानकर आपको भी होगा आश्चर्य

मोदी सरकार ने चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद और कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले के बाद सभी विपक्षी दलों के साथ बैठक की. सरकार ने संसद के मानसून सत्र शुरू होने से पहले सभी विपक्षी दलों का विश्वास जीतने की कोशिश की. पीएम मोदी की पहल पर केंद्र सरकार ने सभी विपक्षी दलों की बैठक बुलाई. इस बैठक में सरकार की तरफ से चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद और कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले को लेकर विपक्ष को जानकारी दी गई. इस बैठक में विपक्ष ने भी सरकार को सीमा विवाद और कश्मीर मुद्दे पर सहयोग का भरोसा दिया.

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संसद के मानसून सत्र से पहले मोदी सरकार की बैठक

सरकार की तरफ से यह बैठक गृह मंत्री राजनाथ सिंह के घर पर आयोजित की गई. इस बैठक में केंद्र सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ साथ विदेश सचिव और गृह सचिव भी शामिल हुए. विपक्षी पार्टियों में कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आज़ाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और आनंद शर्मा ने बैठक में हिस्सा लिया. कांग्रेस पार्टी के अलावा इस बैठक में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, जेडीयू , लेफ्ट, एआईडीएमके, डीएमके, और तृणमूल कांग्रेस समेत 14 पार्टीयों के 19 नेता भी शामिल हुए.

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अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हुए आतंकी हमले पर गुलाम नबी आज़ाद ने दुःख प्रकट किया और कहा…

सरकार की तरफ से आयोजित यह बैठक लगभग 3 घंटे से भी ज्यादा देर तक चली. इस बैठक में सरकार की ओर से अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले के बारे में विस्तार से बताया गया कि श्रद्धालुओं पर हमला किस तरह और किन परिस्थितियों में हुआ था. इस हमले के बाद अमरनाथ श्रद्धालुओं के लिए सरकार की तरफ से सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था के बारे में भी बताया गया. अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हुए हमले पर विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सरकार से कहा कि इस हमले की कश्मीर के लोगों ने घोर निंदा की है और इसके लिए अफसोस भी जताया है. इसी के साथ गुलाम नबी आज़ाद ने सरकार को सलाह दी कि कश्मीर में बातचीत के दरबाजे बंद नहीं करने चाहिए. उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या का हल बंदूक के दम पर नहीं निकल सकता है, इसके लिए बातचीत करना जरूरी है.

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इस बैठक में चीन के मुद्दे पर सरकार की तरफ से विदेश सचिव एस. जयशंकर ने विस्तार से बताया और सीमा के हालात से भी अवगत कराया. एस.जयशंकर ने बताया कि भारत की इस सीमा पर चीन की घुसपैठ हमारे लिए किस तरह से खतरनाक साबित हो सकती है. एस. जयशंकर ने उत्तर पूर्व में ‘चिकन नेक’ कहे जाने वाले इलाके के करीब पहुँच बनाने की चीन की रणनीति और दुष्परिणाम के बारे में भी विस्तार से चर्चा की .

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चीन के साथ सीमा विवाद पर मोदी सरकार के हर फैसले के साथ विपक्ष सरकार के साथ

केंद्र सरकार की ओर से तीनों मंत्रियों ने विपक्षी पार्टियों के नेताओं को चीन की घुसपैठ के खिलाफ सेना के द्वारा उठए कदम के बारे में भी बताया. इस बात पर सभी विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने कहा कि सीमा पर सुरक्षा को लेकर उठाए गए हर कदम पर वह सरकार के साथ है. इसी के साथ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियाँ  सरकार को  भरोसा दिलाती हैं कि देश की अखंडता के सवाल पर हम सब एक साथ हैं l

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