GST के बाद ख़त्म हो जाएंगे ये 14 टैक्स रखिये इसकी जानकारी नहीं तो उठाना पड़ेगा नुकसान

पीएम मोदी ने जैसे ही मध्यरात्रि को देश में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी)  की शुरआत की वैसे ही भारत भी दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल हो गया है. जिनमें राष्ट्रीय स्तर पर एक बिक्री कर लागू है. आजादी के बाद जीएसटी को देश का सबसे बड़ा टैक्स सुधार माना जा रहा है. जीएसटी लागू होने के बाद देश में करीब अलग-अलग तरह से लगने वाले 14 टैक्स खत्म हो जाएंगे. इन टैक्स की जगह अब जीएसटी ले लेगा. इन 14 टैक्सों में  वो सभी कर होंगे जिन्हें केंद्र या फिर अलग राज्य की सरकारें लगाती है. संसद भवन के सेंट्रल हॉल में जैसे ही घड़ी ने 12 बजाये वैसे ही पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ मिलकर घंटा बजाकर देश में जीएसटी की शुरुआत की. अब आपको  इन 14 टैक्स के बारे में बताते हैं जो जीएसटी लगने के बाद नहीं लगेगे.

 

1) टैक्स- एडीशनल ड्यूटीज ऑफ कस्टम  ये कुछ खास आयात होने वाले आयटम पर कस्टम ड्यूटी के अलावा लगता था. इसे सीवीडी प्रोडक्ट कहा जाता था. इसको केंद्र सरकार लेता था.

2) टैक्स- एक्साइज ड्यूटी  देश में बनने वाली सभी वस्तुओं पर लगता है. इसको केंद्र सरकार लेता था. रेट- 12.5% तक

3) टैक्स- ड्यूटीज ऑफ एक्साइज दवाओं और सफाई से जुड़े कुछ उत्पादों पर लगता था इसको केंद्र सरकार लेता था.

4) टैक्स- सेंट्रल सर्चार्ज(सेस) ये सर्विस टैक्स और इनकम टैक्स पर, इसे एजुकेशन, स्वच्छ भारत अभियान और खेती के रूप में वसूला जाता था. इसको केंद्र सरकार लेता था. “नोट- सेस टैक्स की कैटेगरी में नहीं आता लेकिन टैक्स के साथ वसूला जाता है”. रेट 1.5 फीसदी (कुल मिलाकर)

5) टैक्स- स्पेशल एडीशनल ड्यूटीज ऑफ कस्टम किसी खास व्यक्ति की ओर से किसी वस्तु को आयात करने पर, बेचने के बाद यह रिफंड हो जाता था. इसको केंद्र सरकार लेता था.

6) टैक्स- सर्विस टैक्स किसी भी सेवा पर, जैसे होटल, रेस्त्रां, अस्पताल या वकील की सेवा लेने पर. इसको केंद्र सरकार लेता था. रेट- 14 प्रतिशत

 

7) टैक्स- लग्जरी टैक्स ये महंगे और शौक से जुड़ी वस्तुओं पर लगता हैं. इसको राज्य सरकारें लेती हैं.

8) टैक्स- राजकीय वैट बिकने वाली किसी भी वस्तु या सेवा पर लगता हैं. इसको राज्य सरकारें लेती हैं.

9) टैक्स- सेल्स टैक्स ये किसी भी वस्तु की बिक्री पर लगता हैं. इसको राज्य सरकार लेती हैं.

10) टैक्स- विज्ञापन टैक्स ये विज्ञापन करने वाली एजेंसियों पर लगता हैं. इसको राज्य सरकार लेती है.

11) टैक्स- स्टेट इंट्री टैक्स ये एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवेश करने वाली किसी भी वस्तु पर लगता हैं. इसको राज्य सरकारें लेती हैं.

12) टैक्स- मनोरंजन कर ये फिल्म देखने या किसी तरह के मनोरंजन पर लगता हैं. इसको राज्य सरकारें या स्थानीय निकाय लेता हैं.

13) टैक्स- लॉट्री और जुआ टैक्स ये लॉट्री खेलने वालों पर लगता हैं. ये राज्य सरकार लेती है.

14) परचेज टैक्स ये वस्तुओं की खरीद पर लगता हैं. इसको राज्य सरकारें लेती हैं.

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