गुजरात में अहमद पटेल की जीत के लिए कांग्रेस को जो कीमत चुकानी पड़ी उसे जानकर आप भी कहेंगे…

आठ अगस्त (मंगलवार) को गुजरात राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान हुआ. इस मतदान के बाद आए नतीजों में बीजेपी के दो बड़े नेताओं को जीत मिली और कांग्रेस के एक नेता को. जैसा कि पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि बीजेपी के बड़े नेताओं को आसानी से जीत मिल जाएगी क्योंकि गुजरात में BJP के पास 122 विधायक हैं हुआ भी ऐसा ही अमित शाह और स्मृति इरानी को आसानी से जीत मिल गई. कांग्रेस भी अहमद पटेल की जीत को लेकर आशंका जता रही थी लेकिन राज्यसभा चुनाव होने से पहले ही कांग्रेस में फूट पड़ गई थी.

source

कई विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी. कुछ विधायकों ने तो कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी में जगह बना दी, फिर भी कांग्रेस चुनाव जीत गई. लेकिन इस जीत के लिए कांग्रेस को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी. दिन-रात की मेहनत तो लगी ही साथ ही लगभग 40 लाख रुपये भी इस चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए चुकाने पड़े.

source

बीजेपी ने चुनाव से पहले एक ऐसा दाव चला था कि कांग्रेस के अहमद पटेल की सीट पर ख़तरा मंडराने लगा था. बीजेपी ने तीसरी सीट के लिए पूर्व कांग्रेसी नेता बलवंत सिंह राजपूत को समर्थन दे दिया था. चुनावी घोषणा पत्र में राजपूत ने सम्पति का ब्यौरा देते हुए अपनी जायदाद 323 करोड़ रूपये बतायी थी.

source

इससे जाहिर हो जाता है कि राजपूत नोट और वोट दोनों ही मामलों में अच्छे थे. जैसे कि हम सब जानते हैं कि राज्यसभा चुनाव की घोषणा होते ही कांग्रेस के 6 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी का दामन थाम लिया था. इसके बाद कांग्रेस भांप गई थी कि मामला गड़बड़ा सकता है. कांग्रेस ने बाकी बचे विधायकों को राज्य से बाहर भेजने की तैयारी कर ली, कांग्रेस को इस फैसले के बाद भी झटका लगा. बचे 51 विधायकों में से 44 ही कर्नाटक गए जबकि चुनाव जीतने के लिए 45 वोट चाहिए थे.

source

कांग्रेस के 44 विधायक बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में रुके. एक रिपोर्ट के अनुसार इस रिसॉर्ट में एक कमरे की एक रात की कीमत सात हज़ार रुपये है. सभी कांग्रेसी विधायकों ने यहाँ 10 दिन बिताये. रिपोर्ट की मानें तो अगर एक कमरे में दो विधायक भी ठहरे होंगे तो भी कांग्रेस को कम से कम 15.50 लाख रूपये केवल कमरे का किराया देना पड़ा. अगर एक कमरे में एक विधायक रहा होगा तो ये आंकड़ा दोगुना हो जाता है यानी 30 लाख. इसके अलावा खाने-पीने पे भी अलग से खर्च हुआ होगा.

source

कांग्रेस के सारे विधायक जो कर्नाटक की राजधानी में थे चुनाव से एक दिन पहले गुजरात पहुंचे लेकिन वो अपने घर नहीं गए बल्कि उन्हें वहां भी एक रिसॉर्ट में ठहराया गया. इस रिसॉर्ट में भी कांग्रेस का अच्छा ख़ासा पैसा खर्च हुआ. इस खर्चे का अनुमान 1.50 से लेकर 3 लाख तक लगाया गया. एक रिपोर्ट के मुताबिक़ सारे विधायक प्लेन से आए गए थे इस में भी कांग्रेस को कम-से-कम 4 लाख तक का खर्चा उठाना पड़ा होगा.

source

कांग्रेस द्वारा उसके विधायकों पर किये गए खर्चों को जोड़ा जाए तो कांग्रेस को अहमद पटेल की जीत पक्की करने के लिए 35-40 लाख रुपये खर्च करने पड़े. इस चुनाव को मीडिया ने अमित शाह बनाम अहमद पटेल बना दिया था तो चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस को राहत महसूस हुई होगी. लेकिन सोचने वाली बात ये भी है कि एक समय पर भारत पर राज करने वाली पार्टी के अब ऐसे दिन आ गए हैं कि वो जीत के लिए कई पैंतरों का सहारा ले रही है. अहमद पटेल को जीत दिलाने के लिए कांग्रेस ने जो काम किये हैं उससे देखकर पता चल जाता है कि कांग्रेस के अब बुरे दिन आ गए हैं. जो पार्टी कभी आसानी से जीत दर्ज कर लेती थी वो आज एक जीत हासिल करने के लिए लाखों रूपये खर्च कर रही है.

Facebook Comments