पहले कहा था कि जवानों को ठीक से खाना नही मिलता लेकिन अब देखिये क्या कर रहे हैं तेजबहादुर यादव !

9 जनवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब धड़ल्ले से वायरल हुआ था जिसमें BSF जवान तेजबहादुर यादव ने जवानों को मिल रहे खाने के बारे में कहा था कि “खाने की क्वालिटी ठीक नही है, दाल में सिर्फ हल्दी और नमक होता है और रोटी जली हुई होती है. खाना इस प्रकार का होता है कि देश की रक्षा करने वाले जवानों को कई बार भूखे पेट सोना पड़ता है.” तेजबहादुर के इस बयान के बाद हलचल मच गयी थी. उस वीडियो को देखकर केंद्र सरकार और सेना चीफ भी हरकत में आ गये थे जिसके बाद जाँच भी हुई. तेजबहादुर VRS चाहते थे लेकिन अनुशासन तोड़ने को लेकर तेजबहादुर को BSF से बर्खास्त कर दिया गया था. हालांकि उस मामले को कई महीने बीत चुके हैं लेकिन अब फिर तेजबहादुर चर्चा में हैं.

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अमर उजाला की खबर के मुताबिक तेजबहादुर इन दिनों BSF का हिस्सा तो नही है लेकिन फौजी एकता के नाम पर एक NGO के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इस NGO का नाम फौजी एकता न्याय कल्याण मंच है. तेजबहादुर इस NGO के बारे में बताते हैं कि “यह NGO भारतीय सैनिकों के हितों के लिए बनायीं गयी है और इसमें भारतीय सैनिकों को न्याय मिल सके, इसके लिए काम करेगी. यह NGO देश के सैनिकों की रक्षा और न्याय के लिए काम करता है.”

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तेजबहादुर का कहना है कि “अगर सेना के अफसरों द्वारा जवानों का शोषण किया जायेगा तो यह NGO उसके खिलाफ मजबूती से लड़ेगी. इतना ही नही अगर किसी भी जवान को बेवजह कोर्ट मार्शल कर दिया जाता है तो यह NGO जवान को न्याय दिलाने के लिए काम करेगा.”

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वैसे तेजबहादुर जो कर रहे हैं, वो जवानों को न्याय दिलाने के नाम पर कर रहे हैं लेकिन इसके पीछे उनकी अपनी खीज साफ झलकती है. BSF से निलंबित तेजबहादुर यादव राजनीतिक पार्टी बनाने वाले, एक्टर से नेता बने राजपाल यादव के साथ भी देखे जा चुके हैं.

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