अबु दुजाना का एनकाउंटर करने वाली टीम में बिहार के ये IAS भी मौजूद थे, इस मामले की जानकारी मिलते ही आईएस मयंक के गाँव में…

बीते तीन सालों से कश्मीर से सुरक्षाबलों के लिए नासूर बन चुके अबु दुजाना को आखिरकार मंगलवार को उसके एक और स्थानीय साथी आरिफ ललहारी के साथ हकरीपोरा पुलवामा में मार गिराया गया है. हालाँकि आतंकी दुजाना की मौत के बाद पुलवामा में भीड़ और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प की भी खबर आई है. अबतक मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षाकर्मियों और भीड़ के बीच हुई इस मुठभेड़ में एक प्रदर्शनकारी फिरदौस अहमद की मौत हो गई है और एक दर्जन से ज्यादा लोग भी इसमें जख्मी हुए हैं.

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पुलवामा में हुई इस मुठभेड़ के बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के द्वारा एक प्रेस कॉंफ्रेंस की गई थी जहाँ पत्रकारों से बात करते हुए सेना की ओर से जीओसी जेएस संधू और कश्मीर रेंज के आईजी मुनीर खान ने पत्रकारों को ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी है.

मीडिया से बात करते हुए आईजी ने बताया कि आतंकी की मौत के बाद मुठभेड़ की गयी जिसके दौरान एक बार फिर हिंसक प्रदर्शनों के जरिए लोगों ने सेना के इस काम में भी बाधा पहुंचाने की कोशिश भी की. पुलिस के अनुसार एनकाउंटर के दौरान हिंसा की गयी जिसमे हवाई फायरिंग के दौरान लोग घायल भी हुए हैं लेकिन उ न्होंने इस बात को साफ़ कर दिया है कि पथराव हो या न हो, बाधा आए या न आए, हमारे ऑपरेशंस तो अब जारी ही रहेंगे.

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बिहार के लाल ने पहुँचाया अबु दुजाना को 72 हूरों के पास

कश्मीर घाटी में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर आतंकवादी अबु दुजाना तो मारा ही गया लेकिन उसके साथ ही उसके तीन और आतंकवादी साथियों को भी मार गिराया गया है.  इस एनकाउंटर के बाद से ही बिहार की जनता को अपने उस लाल पर गर्व हो रहा है, जिसने इस अभियान को सफलता पूर्व संपन्न किया और अबु दुजाना से घटी को मुक्ति  दिलवाई है.

अबु दुजाना का एनकाउंटर करने वाले मयंक अपने परिवार के साथ, बता दें परिवार की सुरक्षा के लिए हमने उनके चेहरे को छुपा दिया है. बाकी मीडिया हाउसेस ने उनके परिवार का फोटो साफ़ दिखाया है. एक ज़िम्मेदार मीडिया कर्मी होने के नाते हमने परिवार की सुरक्षा को पहले महत्व दिया है.

अबतक मिली जानकारी के अनुसार बिहार के दरभंगा के निवासी CRPF कमांडेंट कुमार मयंक के नेतृत्व में ही अबु दुजाना के इस एनकाउंटर अभियान को अंजाम दिया गया था. इस बात की जानकारी मिलते ही सोशल मीडिया पर कुमार मयंक को बधाई देने का ताँता सा लग गया है. लोग उनकी बहादुरी के किस्से जानने के बाद उन्हें सलामी देते नहीं थक रहे.

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ये ख़बर जंगले में आग की तरह फैली और तभी से कुमार मयंक के  गांव रानीपुर और सिनुआरा में गजब का उत्सवी माहौल देखा जा रहा है. हम आपकी जानकारी के लिए आपको बताते चले कि मयंक बेगुसराय के पूर्व एएसपी भी रह चुके हैं. रानीपुर गांव के रहने वाले कुमार मयंक के पिता मारवाड़ी स्कूल के शिक्षक कामेश्वर चौधरी और मां शिक्षिका श्रीमती प्रभा ने यह जानकारी दी है.

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कुमार मयंक के माता-पिता ने इस एनकाउंटर के बारे में बताया कि उनका इकलौता बेटा मयंक बेगूसराय में एएसपी अभियान भी काम कर चुका है. इस ख़ास एनकाउंटर के लिए मयंक ने टीम के साथ सुबह साढ़े तीन बजे दुजाना को घर में घेर लिया था. सुबह 7 बजे फायरिंग शुरू की गई थी और 11 बजे तक काम तमाम.

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यहाँ ये भी बताते चलें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान के उच्चायोग से आतंकी अबु दुजाना के शव को पाकिस्तान भिजवाने के लिए संपर्क किया है ताकि आतंकी का अंतिम संस्कार उसके जन्मस्थान पर किया जा सके, लेकिन पाक उच्चायोग ने आंतकी अबू दुजाना का शव लेने से इन्कार कर दिया है.

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यह ऐसा पहला मौका होगा राज्य की पुलिस ने आतंकी के मारे जाने के बाद सीधे पाकिस्तान को उसका शव ले जाने के लिए कहा हो. इससे कश्मीर में आतंकवाद फैलने के 28 सालो में हजारों पाकिस्तान के नागरिक सुरक्षाबलों के हाथों मारे जा चुके हैं, लेकिन उनको लेकर इस तरह की नीति नहीं अपनाई गई है.

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मरने से पहले दुजाना ने सुरक्षाकर्मी से कहा था कि मुबारक हो कि आपने मुझे पकड़ लिया लेकिन… 

अब आतंकी दुजाना के एनकाउंटर से जुड़ी एक बड़ी ख़बर ये आई है. दरअसल अब अबु दुजाना के एनकाउंटर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे उन्होंने सुरक्षाबलों से कुछ ऐसा कहा है जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जायेंगे. बता दें कि लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबू दुजाना ने सेना के अधिकारियों को आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया था. उसने सेना के अधिकारियों को यह भी कहा कि वह अपने पीछे गिलगित-बल्टिस्तान में अपने माता-पिता को जिहाद के लिए छोड़कर जा रहा है.

देखिये वीडियो:

#SuperExclusive मौत से पहले दुजाना का क़बूलनामा सिर्फ़ News18 India पर!

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बता दें कि आर्मी ने एक कश्मीरी नागरिक के जरिए एनकाउंटर से पहले ही अबू दुजाना से बात करने की कोशिश की थी. इस वायरल ऑडियो टेप में दुजाना सुरक्षाकर्मी से एकदम शांतिपूर्वक बात करता हुआ सुनाई दे रहा है. जब कश्मीरी नागरिक से उसने कुछ बात शुरू की तो कश्मीरी ने फोन अधिकारी को दे दिया. दुजाना ने अधिकारी से पूछा, “क्या हाल है? मैंने कहा, क्या हाल है?” इसके बाद आर्मी ऑफिसर ने दुजाना से बोलते हैं कि, “हमारा हाल छोड़ दुजाना, तू सरेंडर क्यों नहीं कर देता? तेरी इस लड़की से शादी हुई है और तू जो इसके साथ कर रहा है वो बिलकुल भी ठीक नहीं है.”

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दुजाना ने किया पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा खुलासा

इस ऑडियो टेप में अबु दुजाना को ये भी कहते सुना जा सकता है कि उसे पाकिस्तानी एजेंसियां इस्तेमाल कर रही हैं और वह मासूम कश्मीरियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है लेकिन इतना कुछ जानने के बावजूद दुजाना सुधरना नही चाहता था. दुजाना ने कहा कि, “हम घरों से निकले थे शहीद होने थे, अब इसमें मैं क्या करूं? जिसको गेम खेलना है खेले. इस खेल में कभी हम आगे होंगे तो कभी आप. आज आपने मुझे पकड़ तो लिया, इसके लिए आपको मुबारक हो. अब  जिसको जो करना है कर लो।” दुजाना आगे बोलता है कि, “मैं सरेंडर नहीं कर सकता. जो मेरी किस्मत में लिखा है अब वही होगा. अल्लाह वही करेगा, ठीक है.”

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अय्याश था अबु दुजाना 

आईजी ने इस मुठभेड़ के बादलोगों से अपील करते हुए कहा था कि अब कोई स्थानीय लोग मुठभेड़ वाली जगह पर ना ही जाये. 15 कॉर्प्स के जीओसी जे संधु और कश्मीर आईजी मुनीर खान ने इस मुठभेड़ के बाद बताया कि कैसे दुजाना इलाके में आतंक की जड़ बन चुका था. स्थानीय लोगों में उसकी दहशत रहने लगी थी. जीओसी जे संधु के अनुसार अबु दुजाना लश्कर का A++ कैटेगरी वाला आतंकी था. अबु दुजाना का रिकॉर्ड ज्यादा आतंकी गतिविधियों का नहीं रहा बल्कि वो अपनी अय्याशी के लिए जाना जाता था.

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एक फोन के चलते गयी अबु दुजाना की जान?

एक ख़बर के मुताबिक आतंकी अबु दुजाना के मरे जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण उसका फोन है. मिली जानकारी के अनुसार हाल में पुलिस ने अबु के आतंक से परेशान होकर उसको पकड़ने के लिए एक ऑपरेशन चलाया था. हालाँकि उस वक्त वो भागने में सफल हो गया था लेकिन गाड़ी में उसका मोबाइल फोन छूट गया था.

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बस फिर क्या था, सुरक्षाबलों को अब एक बड़ा सुराग हाथ लग चुका था. उन्होंने अबु के मोबाइल से उसके कॉन्टैक्ट और उनकी ट्रैकिंग से आतंकियों का मूवमेंट का पता लगाना शुरू कर दिया. फोन मिलने के बाद सुरक्षाबल लगातार दुजाना की गतिविधियों को ट्रैक कर रहे थे और मंगलवार को सुबह ही पुलवामा के बाकरीपोरा में उसे घेर लिया और फिर जो हुआ वो आपके सामने है.

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बताया जा रहा है कि फोन ट्रैकिंग से पता चला है कि दुजाना लगातार पाकिस्तान से संपर्क में था. ऐसे में अभी तक कुल 106 आतंकी मारे जा चुके हैं. ये सभी एजेंसियों की मदद ही है कि अबतक चलाये गए सभी आतंकियों के खिलाफ ये ऑपरेशन सफल ही रहे हैं. बता दें कि इस एनकाउंटर के बाद घाटी में इंटरनेट की सेवा बंद कर दी गई है, साथ ही वहां के सभी स्कूल-कॉलेजों को भी बंद किया गया है.

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कश्मीर के आईजी मुनीर खान ने इस मुठभेड़ का ज़िक्र करते हुए बताया कि हमनें शुरू में अबु को  सरेंडर करने को कहा, लेकिन ख़ुद को चौतरफा घिरा देख अबु के दो अन्य साथीयों ने हमपर फायरिंग शुरू कर दी. इस ऑपरेशन में एक नागरिक मारा गया है, वहीं 5 नागरिक घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि ऑपरेशन के दौरान वहां पर लोग कैसे आ गए जिसकी वजह से आम नागरिकों के साथ ये हादसा हो गया.

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घाटी में सेना का ‘ऑपरेशन ऑलआउट’ जारी है 

बता दें कि सेना कश्मीर से आतंकियों का सफाया करने के लिए ‘ऑपरेशन ऑलआउट’ अभियान चला रही है जिसके अंतर्गत पहले भी कई और अब अबु दुजाना सेना के हाथ मारे जा चुके हैं. बता दें इस ऑपरेशन के तहत आतंकियों की एक लिस्ट तैयार की गई है और अब उसी के आधार पर अलग-अलग इलाकों में आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन उन्हें ढेर किया जा रहा है. बता दें कि अब तक इस ऑपरेशन के तहत करीब 100 आतंकियों को घाटी में ढेर किया जा चुका है.

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फारूक अब्दुल्ला बोले- ये एक अच्छी कामयाबी

अबु दुजाना के मारे जाने पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि अबु दुजाना के मारे जाने से घाटी में काफी फर्क पड़ेगा. अबु जैसे आतंकी का मारा जाना अच्छी बात है. ये सेना की एक अच्छी कामयाबी है. मैं मानता हूँ कि ऐसे लोगों को मारे जाने से ही देश में अमन आएगा. आतंक जैसी चीज़ अब खत्म होनी चाहिए ताकि लोग आजादी से सांस ले सकें l

 

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