बढ़ते विवाद के बाद अगर भारत-चीन के बीच हो जाती है जंग तो चीन के मुकाबले भारत के पास है…

चीन की कथनी और करनी में है अंतर 

चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग G-20 सम्मलेन में जाकर संदेश देते हैं कि, सब देशों को आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिये हल करना चाहिए, लेकिन चीन की मीडिया उनके राष्ट्रपति के बोलों से हटकर अलग ही बात कर रही है. चीन की मीडिया में भारत को सबक सिखाने की बातें चल रही हैं. इसके अलावा चीन की सरकार कूटनीतिक रूप से भी भारत पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश कर रही है. हालांकि भारत पर उसकी इन बातों का कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है.

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भारत और चीन में युद्ध को लेकर बातें चल रही हैं. सिक्किम और डोकलाम में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं ऐसे में कभी भारत से कुछ ऐसी खबर आ जाती है जो हालात को गंभीर कर देती है तो कभी चीन भी कुछ ऐसे बोल बोल देता है कि लगता है जल्द ही दोनों देश जंग के मैदान में आमने-सामने खड़े हो जाएंगे.

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ये बात तो स्पष्ट हो गई है कि चीन की कथनी और करनी में बहुत बड़ा अंतर है. चीन दुनिया को दिखाने के लिए अपने चेहरे पर सीधेपन का मुखौटा लगाने की कोशिश करता है लेकिन उसकी हकीकत क्या है ये सारी दुनिया जानती है. चीन सारी दुनिया में अपनी मनमानी करने के लिए जाना जाता है वो अपने पड़ोसियों को तो परेशान करता ही है साथ ही संयुक्त राष्ट्र के मापदंडों को भी वो नहीं मानता और कई बार संयुक्त राष्ट्र द्वारा दिए गए दिशा-निर्दोशों की भी उसने धज्जियां उड़ाई हैं.

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भारत और चीन की सेनाओं की ताकत 

दोनों देशों के बीच चल रही तनातनी यदि जंग का रूप ले लेती है तो ये दोनों ही देशों के लिए दुखद होगा. ऐसे हालात में ये जानना बहुत जरुरी हो जाता है कि दोनों देश अगर आमने-सामने होते हैं तो किस के पास कितनी ताकत है और कौन किस पर भारी पड़ेगा.

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चीन की फौज़ का नाम पीपुल्स लीबरेशन आर्मी है और दुनिया की ताकतवर सेनाओं में ये शामिल है. इसके कुल जवानों की संख्या 2335000 जिस वजह से ये दुनिया की सबसे बड़ी सेना है.
वहीँ दूसरी ओर भारत की फ़ौज यानी इंडियन आर्मी में कुल जवानों की क्षमता 1325000 है और इंडियन आर्मी दुनिया में चौथे नंबर की सबसे बड़ी फ़ौज है.

आर्मी विंग के मामले में भी चीन भारत से आगे है उसके पास नीचे दी गई विंग हैं.
-पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी नेवी 255,000
-पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी रॉकेट फोर्स 100,000
-पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी एयर फोर्स 398,000
-पिपुल्स लिब्रेशन आर्मी ग्राउंड फोर्स 1,600,000
-स्ट्रेटजिक सपोर्ट फोर्स (ज्ञात नहीं)

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वहीं भारत के पास आर्मी विंग के रूप में 
-इंडियन आर्म्ड फोर्स
-इं‌डियन नेवी
-इंडियन एयर फोर्स
रक्षा बजट के मामले में भी चीन भारत से बहुत आगे है. चीन का रक्षा बजट 151 बिलियन डॉलर है जबकि भारत का रक्षा बजट 53.5 बिलियन डॉलर है.

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भारत के पास अटैक एअरक्राफ्ट की संख्या 809 है और कुल एअरक्राफ्ट की संख्या 2102 है. वहीँ चीन के पास 1385 अटैक एअरक्राफ्ट हैं और कुल एअरक्राफ्ट की संख्या 2955 है. ख़ैर आंकड़ों के हिसाब से तो चीन भारत से बेहतर दिखता है लेकिन जंग के मैदान में ये आंकड़े किसी काम नहीं आते. एक वक्त ऐसा भी था जब जापान ने चीन को हराया था लेकिन अब चीजें बदल चुकी हैं. ठीक इसी तरह आज भारत भी 1962 वाला भारत नहीं है दुनिया में आज भारत की एक अलग पहचान है अपनी  ताकत  के दम पर भारत ने दुनिया में अपना लोहा मनवाया है.

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