एक बार फिर जारी हुआ मस्जिद से तुगलकी फरमान जिसे सुनकर मुस्लिमों की रूह काप जाएगी!

दुनिया भर इस्लाम एक ऐसा धर्म बन चुका है जो हमेशा किसी न किसी खबर को लेकर चर्चा में बना रहता है. कभी अपने कारनामों को लेकर तो कभी अपने फतवे को लेकर.अब तो यही लगता है कि इस्लाम के मौलाना इस्लाम को बदनाम करने पर तुले हुए है. हम ऐसा ऐसे ही नही है कह रहे है पिछले कुछ महीनो से देश भर के साथ साथ भारत में भी मौलानाओ ने अपने फतवे से बस इस्लाम को बदनाम करने का काम किया है. आज हम आपको जो बताने जा रहे है जिसका चर्चा पुरे विश्व में हो रही है और जिसकी हर तरफ आलोचना हो रही है.

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एक बार फिर एक मौलाना ने फतवा जारी करके कहा कि अगर कोई मुसलमान नमाज पढने से मना करता है तो उसकी हत्या कर देने की अपील की है. रशिया टुडे ने अपने एक अखबार में इस खबर के बारे में जानकारी दी है.21 अक्टूबर 2016 को स्विट्जरलैंड के विंटरटुअर स्थित अन नूर मस्जिद में इस इमाम ने लोगों को हिंसा के लिए भड़काया. इतना ही नही इमाम ने वहां मौजूद लोगो से कहा कि जो भी मुलसमान मस्जिद में होने वाली नमाज में शामिल होने से मना करे तो   उसकी हत्या देनी चाहिए.

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इस इमाम ने कहा कि अगर कोई मुस्लिम मस्जिद में आकर नमाज पढने से मना करता है तो उसको बर्खास्त करने की बात कही और कहा कि अगर इसके बाद वो लोग नही मानते है और इबादत करने से मना करते है तो उन्हें उनके ही घर में जला दिया जाना चाहिए. इस क्रूर फरमान का हर तरफ जमकर आलोचना की जा रही है हालाँकि अभी इस इमाम का नाम सार्वजानिक नही किया गया है. लेकिन इस इमाम के खिलाफ सोशल मीडिया पर हिंसा फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है.

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आपकी जानकारी के बता दें कि भारत में भी इसी तरह के कई फतवे जारी हो चुके है जो किसी का सर कलम करने पर इनाम देने की घोषणा करते है तो कभी किसी का मुंडन करने पर इनाम की घोषणा करते है. कभी महिलाओ की आजादी को लेकर फरमान जारी करते है तो कभी हास्यास्पद तरह के फतवे जारी करते है. यह सोचने वाली बात है कि कुछ पढ़े लिखे लोग भी इस तरह के फतवे का समर्थन करते है .

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कुछ दिन पहले जब सोनू निगम ने मस्जिदों के लाउडस्पीकर को लेकर ट्वीट किया था. उसके बाद पूरे देश में खूब बवाल मचा था. जिसके बाद पश्चिम बंगाल के एक इमाम ने सोनू निगम का सर का बाल निकालने वाले को इनाम देने का फतवा का एलान किया था. यही नही भारत के भी मुलसमान इस तरह के कई फतवा जारी कर चुके है. जो हिंसा को बढ़ावा देते है.

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अब जरुरत है ऐसे इमाम और मौलानाओ को सबक सिखाने की, जो लगातार इस्लाम को बदनाम कर रहे है और मुस्लिमो को उग्र और हिंसा के भड़काते है. दरअसल मस्जिदों के इमाम मुस्लिम धर्म से जुड़े लोगो  के लिए फतवा जारी करते है लेकिन यह बात भी सच है कि कुछ ही लोग है इस तरह के फतवे पर ध्यान देते है इसलिए मुसलमानों को ऐसे मौलानाओं और इमामों से सावधान रहने की जरुरत है.

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