चीन और पाक के इरादों को पीएम मोदी ने TIR में शामिल होकर लगाया झटका, अब 71 देशों के साथ मिलकर…

एशिया में भारत और चीन दो बड़ी ताकतें हैं और दोनों ही एक दूसरे से आगे निकलना चाहती हैं. जबसे भारत और अमेरिका के बीच दोस्ती का रिश्ता शुरू हुआ है तब से चीन को अपने अस्तित्व पर खतरा नज़र आ रहा है, इसीलिए वो पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ चालें चल रहा है. चीन ने बिना भारत की सहमती के ही OBOR (वन बेल्ट वन रोड) पर काम शुरू कर दिया और इसपर काम अभी भी प्रगति पर है.

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भारत OBOR पर आपत्ति तो जता रहा है और चीन को बैकफूट पर लाने की कोशिश भी कर रहा है लेकिन इस पर काम जारी है. ऐसे में मोदी सरकार ने अब चीन को ये दिखाने के लिए कि भारत को वो किसी भी हालत में पछाड़ नहीं सकता और उसके OBOR बनाने से भी भारत को कोई फर्क नहीं पड़ेगा भारत ने अब अहम कदम उठाया है. भारत अब TIR में शामिल हो चुका है TIR में शामिल होने से भारत को बहुत फायदा होगा और धीरे-धीरे वो शक्तिशाली होता जाएगा और चीन और पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगेगा जिसकी वो कल्पना भी नहीं कर सकते.

भारत, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के टीआईआर कनवेंशन में शामिल होने वाला दुनिया का 71वां देश बन गया है. ये कनवेंशन एक अंतर्राष्ट्रीय कस्टम ट्रांजिट सिस्टम है. इस कनवेंशन के तहत सदस्य देश अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर कस्टम के अंतर्गत अपने माल को बिना किसी कर के आयात और निर्यात कर सकते हैं. टीआईआर कनवेंशन को यातायात समझौते से बढ़कर देखा जाता है जो कि विदेशिक मामलों में मजबूती लाता है.

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बता दें कि चीन वन बेल्ट, वन रोड प्रोजेक्ट आर्थिक और भू-राजनीति रूप से पैर जमाकर बैठा है. वहीं, भारत के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं है लेकिन इस कनवेंशन में शामिल होने के बाद से भारत भी उभरती शक्तियों में शामिल होगा. ये पीएम मोदी के ही प्रयास हैं जो अब भारत 71 देशों के इस विशिष्ट समूह में भी शामिल हो गया है.   इस समूह में शामिल होने के बाद कई चीजें बदलेंगी और उन बदलावों का प्रभाव भारत में देखने को मिलेगा. एक बार इस सिस्टम के शुरू होने से भारत को अफ्रीकन और एशियन मार्केट में सेवा देने में आसानी होगी.

टीआईआर विश्व व्यापार संगठन के व्यापार सुलह समझौते को लागू करने में भारत की मदद करने में सहायक साबित होगा. यह इसी साल लागू हुआ था. यह अंतर्राष्ट्रीय परिवहन के प्रशासनिक औपचारिकताओं को सरल और सुगम बनाने के लिए 14 नवंबर, 1975 को जिनेवा में लागू किया गया था. टीआईआर कन्वेंशन एक बहुपक्षीय संधि है. यह एक अंतर्राष्ट्रीय परिवहन समझौता है. टीआईआर का अर्थ है “ट्रांसपोर्ट इंटरनैशोक रूटिट्स” या “इंटरनेशनल रोड ट्रांसपोर्ट्स होता है.

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टीआईआर भारत को म्यांमार, थाइलैंड, बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के साथ व्यापारिक समेकन में मदद करेगा. इसके अलावा टीआईआर भारत को ईरान में चाबहार बंदरगाह के मार्फत अंतरराष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन गलियारे में मालढुलाई तथा अफगानिस्तान एवं तेल समृद्ध यूरेशिया क्षेत्र तक माल परिवहन में भी सहायता करेगा. टीआईआर कन्वेंशन दक्षिण एशिया में परिवहन, व्यापार और विकास के सिलसिले में तालमेल एवं प्रोत्साहन की दिशा में काम करता है.

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