इस वजह से कश्मीर के मुसलमान अपने नाम के आगे लगाते हैं ‘पंडित’

कश्मीर में कश्मीरी पंडित कई साल पुरानी बात हो गयी लेकिन आज भी वहां नाम के आगे पंडित सरनेम देखने को मिलते हैंl पंडित सरनेम खासकर मुस्लिम नामों के आगे देखने को मिलते हैं जिससे लोग कंफ्यूज हो जाते हैं, तो आज हम आपका ये संशय भी दूर कर देंगेl दरअसल कश्मीर में जब पंडितों की बात आती है तो अक्सर दिमाग यही आता है कि वहां जो हिन्दू धर्म के पंडित रहा करते थे उन्हें ही पंडित कहते हैं, जबकि ऐसा नही हैl दरअसल कश्मीर में कुछ मुसलमान ऐसे  भी हैं जो अपने नाम के आगे पंडित लगाते हैं और इसके पीछे भी एक खास वजह हैl एक ताजा मामला सामने आया है पंडित सरनेम को लेकर जो 22 जून को हुआ था, जिसमें DSP मोहम्मद अयूब पंडित की भीड़ ने मस्जिद के अंदर हत्या कर दी थीl कहा जा रहा है कि उनके नाम में पंडित होने से उन्हें हिन्दू समझा गया और उग्र भीड़ ने उनकी हत्या कर दीl

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वैसे आपक बता दें कि हिंदुस्तान (कश्मीर) में दो तरह के पंडित रहते हैं. एक पंडित वे हैं जो हिन्दू धर्म में पैदा होते हैं और जाति से ही पंडित होते हैं और कश्मीर में ऐसे लोग अपने सरनेम की जगह पंडित लिखते हैंl दूसरे पंडित वे हैं जो हिन्दू नही बल्कि मुसलमान होते  हैंl अक्सर देखा गया है कि लोगों को यह ग़लतफ़हमी हो जाती है कि कश्मीर में जिन नामों के आगे पंडित लगा है वे हिन्दू धर्म से हैं,  लेकिन सच कहिये तो ऐसा नहीं है. दरअसल कश्मीर में कुछ ऐसे मुसलमान भी हैं जो अपने नाम में पंडित टाइटल लगाते हैं और ये वे मुसलमान हैं जिनके पूर्वज पहले हिन्दू हुआ करते थे लेकिन मुग़ल काल में उन्होंने इस्लाम क़बूल लिया और ब्राह्मण से मुसलमान हो गएl

 

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मोहम्मद देन फ़ौक़ अपनी मशहूर क़िताब कश्मीर क़ौम का इतिहास में एक चैप्टर पंडित शेख के नाम से लिखा है और उसमें उन्होंने लिखा है कि “जब कश्मीर में इस्लाम नही आया था तो कश्मीर में सब हिन्दू ही हिन्दू थे, जिसमें हिन्दू ब्राह्मण भी थेl हिन्दू ब्राह्मणों के साथ-साथ दूसरे जाति के भी लोग थे,  लेकिन ब्राह्मणों में एक जाति ऐसी भी थी जो पठन-पाठन का काम करती थी और लोगों को शिक्षित करने काम करती थीl” उनके विद्वान होने के चलते उन्हें पंडित नाम मिलाl

 

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इस किताब के अनुसार ”इस जाति ने इस्लाम को कुबूल करने के बाद भी  अपनी पहचान पर नाज करते हुए शान से पंडित टाइटल को अपने नाम के आगे जोड़े रखाl इसलिए मुस्लिम होने के बावजूद इन्हें अब तक पंडित कहा जाता है. पंडित टाइटल रखने वाले मुसलमानों को शेख भी कहा जाता हैl  वैसे सम्मान के तौर इन्हें ख़्वाजा भी कहते हैं. मुसलमान पंडितों की ज़्यादा आबादी ग्रामीण इलाक़ों में हैं.” कश्मीर के वरिष्ठ लेखक और इतिहासकार मोहम्मद यूसुफ़ टेंग कहते हैं कि इन मुसलमान पंडितों की आबादी कश्मीर में पचास हज़ार के क़रीब होगीl टेंग इन मुसलमान पंडितों के बारे में कहते हैं कि जिन्होंने इस्लाम क़बूल किया है ये सब वे लोग हैंl

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