केंद्र सरकार को लेकर हमेशा गलत बयानबाज़ी करने वाले केजरीवाल के मंत्री को क्यों कहना पड़ा पीएम मोदी को शुक्रिया ?

अरविंद केजरीवाल की पहचान भारत में पीएम मोदी के विरोधी और उनपर बेवजह आरोप लगाने वालों में होती है. बात-बात पर अरविंद केजरीवाल पीएम मोदी पर आरोप लगाने लग जाते हैं. उनके इस रवैये की ही वजह से आज लोग उनका मज़ाक बनाते हैं. वैसे तो आम आदमी पार्टी के सारे ही नेता पीएम मोदी को लेकर झूठी बातें करते हैं लेकिन पहली बार एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई हैरत में है.

source

केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच वैसे तो तनातनी चलती रहती है लेकिन आज कुछ ऐसा हुआ है जिसके बारे में जानकर आपको भी हैरानी होगी. दरअसल आम आदमी पार्टी के नेता, दिल्ली के डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार को शुक्रिया कहा है, और इसका कारण ये है कि मनीष सिसोदिया लंबे समय से जिस जीज़ की मांग कर रहे थे उस पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक फैसला ले लिया है.

source

केंद्र सरकार ने ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ जिसके अंतर्गत आठवीं कक्षा तक किसी भी छात्र को फेल न करने की नीति थी, को खत्म कर दिया है. दिल्ली के शिक्षा मंत्री और डिप्टी सीएम ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और केंद्र सरकार को शुक्रिया कहा है. मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘लगभग ढाई साल पहले हमने स्कूल एजुकेशन कानून में संशोधन करके नो डिटेंशन पॉलिसी को समाप्त कर दिया था, आपने अब इसको पास किया है इसके लिए आपका शुक्रिया.’

source

नो डिटेंशन पॉलिसी को लेकर भारत के कई राज्यों में आवाज़ उठाई जा रही थी. भारत के कई और राज्य भी नो डिटेंशन पॉलिसी को खत्म करने की मांग कर रहे थे. दिल्ली सरकार ने तो कानून में संशोधन करके केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए 2015 में ही भेज दिया था.

source

 

दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया हमेशा से इस नीति के विरोधी रहे हैं. एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान सिसोदिया ने कहा कि, ‘इसकी वजह से सबसे बड़ी समस्या 9वीं और 10वीं में आकर हो रही थी. आठवीं तक के बच्चों को बहुत ही लापरवाही से पढ़ाया जा रहा था, क्योंकि शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत कानून में नो डिटेंशन लागू था तो बच्चों को पढ़ाओ या न पढ़ाओ उसको अगली क्लास में पहुँच ही जाना था. इसके बाद 9वीं की परीक्षा में बच्चा फेल हो जाता है. जब RTE लागू हुआ तब हमारे स्कूलों में फेल होने का प्रतिशत 5-6 था जो अब करीब 50% तक आ गया था. हमने अभियान चलाया उसके बाद भी 2 प्रतिशत का सुधार हुआ, लेकिन आप कितने भी अभियान चला लो अगर आठ सालों में बच्चे पर मेहनत नहीं हुई है तो 9वीं में बच्चा फेल होगा ही.’

source

हालांकि सिसोदिया ने ये बात भी मानी कि ये सुधार अच्छा था लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि इसको ठीक ढंग से लागू नहीं किया गया जिस वजह से इसे वापस लिया जा रहा है. इस सुधार को लागू करने के लिए पूरी तैयारी न होने की बात भी सिसोदिया ने कही. उन्होंने ये भी कहा है कि अध्यापक भी आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाने में लापरवाही दिखा रहे थे.

Facebook Comments