कश्मीरियों को भड़काने वाले मीरवाइज को पाकिस्तान की जीत पर पटाखे फोड़ने पड़े महंगे अब घर से बाहर निकले तो…

भारत में ही कई ऐसे लोग हैं जो भारत का खाते हैं लेकिन पाकिस्तान का समर्थन करते हैं उनमें कश्मीर में रहने वाले अलगाववादी नेता सबसे आगे हैं जिनमें मीरवाइज का नाम सबसे ऊपर है. ये लोग खुद तो भटके हुए हैं लेकिन कश्मीर की भोली-भाली अवाम को भी ये लोग भटकाते हैं उनके दिलों में भारत के खिलाफ ज़हर भरते हैं उन्हें भारतीय सेना पे पत्थरबाज़ी करने को कहते हैं और ऐसा काम करने के लिए इन पत्थरबाज़ों का हौसला बढ़ाया जाता है उन्हें पैसे दिये जाते हैं ताकि ये लोग हमेशा भारत की सेना के खिलाफ रहें.

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बीते रविवार को जब चैम्पियन ट्राफी के फाइनल में भारत, पाकिस्तान से हारा तो भारत में भी जश्न मनाया गया. इन जश्न मनाने वालों में मीरवाइज सबसे आगे थे उन्होंने पाकिस्तान की जीत पर पटाखे फोड़े और यहाँ तक कि ट्वीट करके भी पाकिस्तानी टीम को बधाई दी. इसके बाद उनकी कड़ी आलोचना की गई. क्रिकेटर गंभीर ने तो यहाँ तक कह दिया कि आप पाकिस्तान ही क्यों नहीं चले जाते. कश्मीर में रहने वाले कई नेताओं ने भी उनके खिलाफ बोला लेकिन जब वहां के उप-मुख्यमंत्री को इस बात की खबर मिली तो उन्होंने मीरवाइज पर तंज कसे. जिसके बाद उनके खिलाफ ऐसे कदम उठाए गए कि अब उनका घर से निकलना मुश्किल हो जाएगा.

 

आइसीसी चैंपियन्स ट्राफी के फाइनल में भारत पर पाकिस्तान की जीत पर खुशियां मनाने और ईद से पहले ही कश्मीर में ईद के आगमन का ट्वीट जब हुर्रियत नेता मीरवाईज मौलवी उमर फारुक ने कर दिया तो हर तरफ उनकी निंदा होने लगी. उपमुख्यमंत्री डा निर्मल सिंह ने उनकी निंदा करते हुए कहा कि वह सिर्फ अपनी उपस्थिति के लिए ऐसे बयान कर रहे हैं जबकि क्रिकेटर गौतम गंभीर ने उन्हें पाकिस्तान जाने की सलाह दी है.मजहबी नेता याकूब अब्बास ने मीरवाइज को निशाने पर लेते हुए कहा कि जीना-मरना हिंदुस्तान में और गीत गाने पाकिस्तान के ,यह कौन सा तरीका और मजहब है.

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उप मुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह ने कहा कि मीरवाईज मौलवी उमर फारुक जैसे सिर्फ अपनी उपस्थिति का अहसास कराने और अपनी सियासत बचाने के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं. उनका यह रवैया अत्यंत निंदनीय है। यहां कश्मीर में लोग पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के कारण मर रहे हैं और वह पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाते हुए, कश्मीरी नौजवानों को बरगला रहे हैं। यह कौन सी सियासत है। उन्हें ऐसी हरकतों से कोई फायदा नहीं होगा और एक दिन कश्मीरी अवाम उनसे जरूर हिसाब लेगा.आपको बता दें कि मीरवाइज नजरबंदी भंगकर लोगों के सामने भी आए. अब हो सकता है कि उनपर और कड़ा प्रतिबंध लगे और उनका घर से बाहर निकलना और भी मुश्किल हो जाए.

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