कांग्रेस और बीजेपी के दावेदारों को पीछे छोड़ कहीं ये 2 लोग तो नहीं बनने वाले हैं राष्ट्रपति ?

देश में इन दिनों राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीति गर्म है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही राष्ट्रपति पद के लिए एक सर्वमान्य उम्मीदवार को खड़ा करने की बात कह रहे हैं.

वहीँ सच्चाई यह भी है कि भारतीय राजनीति में आज के परिदृश्य को देखते हुए ऐसा संभव नहीं है, यानी यह साफ है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने उम्मीदवार खड़ा कर सकते हैं. आपको बता दें कि राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन  शुरू हो चुके हैं इसी नामांकन के पहले दिन ही ऐसे दो लोगों नें अपना नाम शामिल करवाया है जिनके बारे में जानकर रह जायेंगे आप दंग.

राष्ट्रपति में नामांकन के लिए बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी गई. पहले दिन छह लोगों ने नामांकन किया. इसमें मुंबई में रहने वाला एक कपल सायरा बानो मोहम्मद पटेल और मोहम्मद पटेल अब्दुल हामिद भी शामिल हैं.

पहले दिन इस कपल के अलावा तमिलनाडु के के. पद्मराजन, मध्य प्रदेश के आनंद सिंह कुशवाहा, तेलंगाना के ए. बाला राजा और पुणे के कोंडेकर विजयप्रकाश ने भी नामांकन दाखिल किया.

हालांकि, आपको बता दें कि अभी तक निर्वाचक मंडल में से 50 प्रस्तावकों और प्रस्ताव के इतने ही समर्थक के दस्तखत की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं की है. कहा जा रहा है कि सभी का नामांकन रद्द हो सकता है. बता दें कि नामांकन की आखिरी तारीख 28 जून है, और आने वाली17 जुलाई को वोट डाले जाएंगे और 20 जुलाई को मतगणना होगी.

भारत में राष्ट्रपति का चयन अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से होता है जिसमें इलेक्टोरेट कॉलेज के जरिए चुनाव होता है. यानी हर चुने हुए सांसद, विधायक और विधानपरिषद सदस्यों के आधार पर राज्यों का मतांक तय किया जाता है.

इस साल 24 जुलाई को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल समाप्त होगा. इस चुनाव में राजनीतिक दल मतदान के लिए व्हिप जारी नहीं कर सकते, मतलब सांसदों और विधायकों को अपने मन से वोट देने की छूट रहेगी.इस बार कुल 776 सांसद और 4120 विधायक राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डालेंगे.

जहां संसद के दोनों सदनों के सदस्य मतदान करेंगे, वहीं राज्यों के चुने हुए प्रतिनिधि भी सूबों में मतदान करेंगे. संविधान के अनुच्छेद-55 में देश राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया निर्धारित की गई है.

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