वीडियो में देखिये नरेश अग्रवाल का हिन्दू भगवान को लेकर बेहद विवादित बयान जिसको लेकर मचा राज्यसभा में कोहराम !

सपा सांसद नरेश अग्रवाल  हमेशा से ही विवादित बयान देते आये हैं और  इस बार फिर एक ऐसा बयान दिया है जिसे सुनने के बाद सदन में बीजेपी ने हंगामा कर दिया. बात यहीं खत्म नहीं हुई जब नरेश अग्रवाल  को माफ़ी मांगने के लिए कहा गया तो उन्होंने साफ़ कहा कि मैं माफ़ी नहीं मागूंगा चाहे सदन की कार्यवाही पूरी इसी तरह से निकल जाए. नरेश का विवादित बयान राज्यसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया है.

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आपको बता दें 19 तारीख को जब सदन में मोब लिंचिंग को लेकर बहस शुरू हुई तो पहले सब कुछ सामान्य था, नरेश अग्रवाल के बयान के बाद बहस की शुरुआत गुलाम नबी आज़ाद ने की और फिर देखते ही देखते बहस बढ़ती चली गयी.  आपको बता दें नरेश अग्रवाल  ने भगवान विष्णु, राम और हनुमान जी के साथ-साथ माता को लेकर बहुत विवादित बयान दिया है.

 नरेश अग्रवाल  ने कहा” व्हिस्की में विष्णु बसे, रम में बसे श्रीराम जिन में माता जानकी और ठर्रे में हनुमान, सिया पत रामचंद्र की जय” नरेश अग्रवाल बोले कि गाय हमारी माता है तो बैल क्या हुआ, बछड़ा हमारा क्या हुआ?   

नरेश अग्रवाल के इस बयान के बाद सदन में हंगामा हो गया और सभी ने नरेश अग्रवाल को माफ़ी मांगने को कहा लेकिन नरेश अग्रवाल ने साफ़ तौर पर मांफी मांगने से मना कर दिया था, बता दें बाद में नरेश अग्रवाल ने अपने इस बयान पर खेद जताया है.  आपको बता दें संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि नरेश अग्रवाल का यह बयान हिंदू धर्म का अपमान है, उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

देखिये नरेश अग्रवाल के विवादित बयान का वीडियो !

 

सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने ये पहली बार नहीं है जब इस तरह का बयान दिया है पहले भी नरेश अग्रवाल ने कई बार इस तरह के बयान दिए हैं. शर्म की बात है कि उन्होंने हिन्दू देवी-देवताओं के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग किया, अपनी सफाई में नरेश ने कहा कि ये सब मैंने एक पम्पलेट में पढ़कर बोला है.

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ससंद में बहस तो हो गयी लेकिन सोचने वाली बात इस तरह के बयान कहां तक उचित हैं ? सदन में बैठे एक मंत्री ने बड़े ही इत्मिनान से भगवान के नाम को बदनाम कर दिया और फिर बाद में अपने बयान पर खेद जता दिया. सवाल ये है आखिर इस तरह की बात बोलने की इजाजत ही क्यों दी जाती है ?  सदन में जो हुआ वाकई गलत है और इस तरह को मंत्रियों पर कानूनी कारवाही होनी चाहिए.

 

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आपको बता दें विवाद तब शुरू हुआ जब नरेश अग्रवाल ने राम जन्मभूमि को लेकर कहा कि कुछ लोग हिन्दू धर्म के ठेकेदार हो गये हैं. इसी के बाद उन्होंने रामजन्म भूमि को लेकर चल रहे आन्दोलन के बारे में बात करते हुए भगवान को लेकर ये टिप्पणी की थी. उनके अनुसार यह शब्द जेल की एक दीवार पर लिखे थे.

 

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