देशभक्ति का सर्टिफिकेट बाँट रहे नेताओं ने कर दिया तिरंगे का अपमान, लोगो ने लताड़ा.

15 अगस्त को भारत स्वतंत्रता दिवस खूब धूमधाम से मनाया. भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता दिवस के पर्व पर देश को शुभकामनाएं दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लालकिले पर तिरंगे को फहराकर देश  को संबोधित किया. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते है अपने आपको बड़ा देश भक्त कहते है लेकिन उन्हें यह तक पता नही होता कि तिरंगे का अपमान किस किस तरह से हो जाता है या हम यह भी कह सकते है कि उन्हें तिरंगे के बारे में जानकारी ही नही होती. आपको बता दे कि बीजेपी की इस नेता 15 अगस्त के मौके पर तिरंगे का अपमान कर दिया.

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तिरंगे का अपमान 

दरअसल बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के कई नेता ऐसे है जो तिरंगे के अपमान करने वालो के सजा की मांग करते है. लेकिन सबको देशभक्ति का पाठ पढ़ाने वाले बीजेपी के नेता ही देशभक्ति को लेकर कितने जागरूक है इसका एक नमूना हम आपको दिखाने जा रहे है. जिसे देखने के बाद आपको अंदाजा लग जायेगा कि नेता कितने जागरूक रहते है!

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

सांसद ने किया तिरंगे का अपमान 

दरअसल उत्तरप्रदेश के सीतापुर से महिला सांसद रेखा वर्मा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उल्टा तिरंगा पकड़े हुए नजर आ रही है. आपकी जानकरी के बता दें कि बीजेपी के सांसद और मंत्री अपने अपने क्षेत्र में तिरंगा यात्रा निकाल रहे है. इसी के तहत 15 अगस्त की यह फोटो अब वायरल हो गयी है  देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने वालो को अपने भी पार्टी के नेताओं को कुछ देशभक्ति के लिए जागरूक कर देना चाहिए.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

पत्रकार ने की टिप्पणी  

इस फोटो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग तीखी टिप्पणी भी कर रहे है. लोगो के साथ एक जाने माने टीवी पत्रकार ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. जिसके बाद मामला और तूल पकड़ लिया और फोटो वायरल हो गयी. कुछ अनजाने में तिरंगे का अपमान कर देते है. ऐसे में हमें तिरंगे के सम्मान में सावधानी रखनी जरुरी है.

उत्तर प्रदेश में ही सरकार द्वारा एक आदेश जारी किया गया था जिसके अनुसार प्रदेश के सभी मदरसों में 15 अगस्त को तिरंगा फहराना और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करवाना अनिवार्य कर दिया गया था. जिसके बाद देश भर में बवाल मच गया था. और इसके बाद अब इस नेता ने तिरंगे को उल्टा पकड़कर तिरंगे का अपमान कर दिया. इसपर बवाल तो मचना ही था.

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उत्तर प्रदेश से पहले मुंबई के महानगर पालिका द्वारा एक कानून बनाकर मुख्यमंत्री के पास भेज दिया गया है. जिसके अनुसार BMC के सभी स्कूलों में हफ्ते में कम से कम दो दिन वन्दे मातरम् गाना अनिवार्य कर दिया जाएगा, इस कानून  के प्रस्ताव से ही बवाल मच गया था. आपकी जानकारी के बता दे कि मुंबई विधानसभा के बाहर बीजेपी और AIMIM के नेता के बीच वन्दे मातरम् को लेकर विवाद हो गया था.

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इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने एक आदेश में  कर्नाटक के सभी स्कूलों में वन्दे मातरम् गाना अनिवार्य कर दिया था. इसके बाद BMC ने भी इस तरह का कानून बनाया. आपको बता दें कि देश में वन्दे मातरम्, भारत माता की जय, जय हिन्द को लेकर समय समय पर विवाद होता रहता है.