राम मंदिर से लेकर राष्ट्रगान गान , जानिए अगले चीफ जस्टिस बनने जा रहे दीपक मिश्रा के बड़े फैसले.

सुप्रीम कोर्ट के ने चीफ जस्टिस बनने जा रहे दीपक मिश्रा इस समय सुप्रीम कोर्ट के जज है.जस्टिस दीपक मिश्र के कई बड़े फैसले दिए है. कुछ फैसले तो काफी विवादित रहे है तो कुछ फैसले काफी सरहनीय भी है. कसाब को फांसी से लेकर, सिनेमा घरों में कई सारे बड़े फैसले सुनाने वाले दीपक मिश्रा को भारत का चीफ जस्टिस आफ इंडिया बनाने का एलान हो चूका है.आज हम आपको बताने जा रहे है अगले भारत के चीफ जज बनने जा रहे दीपक मिश्र से जुडी कुछ खास बाते, उनसे जुडी कुछ ख़ास फैसले, उनके विवादित फैसले.

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संपन्न परिवार के रहने वाले है दीपक मिश्रा

आपकी जानकारी के बता दे कि दीपक मिश्रा के बाबा जी गोदाबरीस मिश्रा देश के जाने माने कवि, संपादक, स्वतंत्रता सेनानी इसके साथ साथ देश को आजाद कराने में उनका बड़ा राजनीतिक हाथ था. सन 1937 से लेकर अपने जीवन के आखिर पड़ाव तक उडीसा से विधानसभा के सदस्य रहे. महात्मा गाँधी से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हो गये इसके बाद सुभाष चन्द्र से मिलने के बाद उनके साथ चले गए इसके बाद 1952 एन निर्दलीय चुनाव लड़कर फिर विधानसभा पहुँच गये.

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 1. सिनेमा हाल में राष्ट्रगान के समय खड़े होना  

जस्टिस मिश्र ने ही 30 नवम्बर 2016 को फैसला सुनाया था कि सिनेमा घर में फिल्म देखने से राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य है इसके साथ ही साथ वहां मौजूद सभी लोगो का खड़ा होना भी अनिवार्य है. इस फैसले को लेकर देश में काफी बवाल    मचा था. कई नेताओं और कुछ धर्मों के लोगो ने इस फैसले का विरोध किया था. अपने अभिव्यक्ति की आजादी के बारे में सवाल खड़ा करने  लगे थे.

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2.  सबसे चर्चित निर्भया काण्ड में दोषियों को सजा  

देश का सबसे चर्चित रेप कांड का बारे में तो सब जानते ही होगे निर्भया रेप काण्ड. दिल्ली में एक बस एक लड़की के साथ बेहद दरिंदगी से उनके साथ बलात्कार किया गया था जिसके बाद पूरा देश भड़क गया था और दिल्ली को रेप कैपिटल नाम दिया गया था. इस रेप कांड में पकडे गये दोषियों को दीपक मिश्र ने 5 मई 2016 को फांसी की सजा बरकरार रखी थी.

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3.  24 घंटे के अंदर वेबसाइट पर अपलोड हो FIR 

प्रधानमंत्री द्वारा चलाए गये डिजीटल अभियान के बाद दीपक मिश्रा ने इसका समर्थन करते हुए 7 सितम्बर को एक फैसला सुनाते हुए दिल्ली पुलिस का आदेश दिया था कि पुलिस FIR को वेबसाइट पर अपलोड किया जाए. इसके लिए पुलिस को 24 घंटे की अवधि दी गयी है. इस फैसलें में दीपक मिश्रा के साथ जस्टिस सी नागप्प्न भी थे.

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4.  लगभग 300 से ज्यादा लोगो की मौत के जिम्मेदार याकिब मेमन को फांसी

मुंबई में 1993 में हुआ एक के बाद एक धमाके से दहला देने के मामले में दोषी पाए जाने वाले याकूब मेमन को फांसी की सजा जस्टिस दीपक मिश्रा के अगुवाई वाली बेच ने ही सुनाई थी. भारत के इतिहास में ये पहली बार हुआ था कि जब भारत ने किसी केस की सुनवाई के लिए रात में भी जजों की बेंच बैठी थी. इस फैसले को लेकर काफी विवाद भी मचा था.

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5.  अयोध्या राम मंदिर की सुनवाई करेंगे दीपक मिश्रा

5 अयोध्या का सबसे चर्चित राम मंदिर मुद्दे का सुनवाई तो कई सालों से चल रही है. समय समय पर यह मुद्दा अचानक सबके जहन में आ जाता है. इस केस की सुनवाई में फैसला आया था कि व्विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बाँट दिया जाये. बाद में य मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया. अब सात साल बाद सुप्रीम कोर्ट इसकी सुनवाई करने जा रहा है. 3 जजों की स्पेशल बेच सुनवाई करेगी जिसकी अगुवाई जस्टिस दीपक मिश्रा करेंगे.

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इस तरह कई बड़े फैसले देने वाले जस्टिस दीपक मिश्रा के नाम का एलान अगले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में हो चूका है. जस्टिस दीपक मिश्र  45वें  चीफ जस्टिस के रूप में जस्टिस जेएस खेहर की जगह लेंगे.