मोदी सरकार पर आया ऐसा बयान कि जिसपर आप यकीन नही कर पाएंगे !

भ्रष्टाचार को रोकने और कालेधन पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार ने डिजीटल लेन-देन को लेकर कई सराहनीय कदम उठाये हैं, जिसे देश ने काफी हद तक स्वीकार भी किया है. जहाँ पहले कैश को लेकर काफी मात्रा में खरीददारी होती थी वहीं लोग अब मोबाइल से ही पैसे ट्रान्सफर करने लगे हैं और कैश साथ में ले चलने से आज़ादी मिली है. ऐसे कई ऐप मौजूद हैं जो लेन-देन में अहम् भूमिका निभाते हैं, इससे लोगों को काफी आसानी हुई है. डिजीटल ट्रांजैक्शन पर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कान्त ने बात करते हुए कुछ ऐसा कहा जो अपने आप में बेहद अलग है और हैरान करने वाला भी.

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बता दें कि जनसता की खबर के मुताबिक अमिताभ कान्त ने कहा कि “भारत दुनिया में इकलौता ऐसा देश हैं, जहां अरबों की संख्या में बायोमेट्रिक डेटा उपलब्ध हैं। ये अपने आप में बड़ी बात है. इतना ही नही मोबाइल फोन और बैंक खाते भी काफी मात्रा में मौजूद हैं. इसलिये भारत भविष्य में एकमात्र देश होगा, जहां काफी कुछ नया होगा. आगे चलकर ज्यादा से ज्यादा वित्तीय लेनदेन मोबाइल फोन के जरिये होने लगेंगे और यह रुझान पहले से ही दिखने लगा है.”

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नोएडा के एमिटी विश्वविद्यालय कैंपस में नीति आयोग के सीईओ ने ये भी कहा कि “भारत में 72 प्रतिशत जनसंख्या 32 साल से कम उम्र के लोगों की है और ये संख्या अमेरिका और यूरोप के बाकी देशों के मुकाबले जनसांख्यिकीय लाभांश की स्थिति दर्शाता है.” कान्त ने आशंका जताई कि आने वाले 3-4 सालों में एटीएम, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड की उपयोगिता कम हो जाएगी और लोग मोबाइल से लेन-देन करने लगेंगे. वैसे अगर ऐसा होता है तो मोदी सरकार के सपने (डिजीटल ट्रांजैक्शन) को काफी बल मिलेगा.

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