खुदा के घर में चोरी करने के बाद भी नहीं हुआ शर्मिंदा बल्कि ऐसी चिट्ठी लिख डाली कि हर कोई भी…

हम अगर हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की बात करें तो वहां के नागरिक अपनी अजीबों गरीब हरकतों से हमेशा सुर्खियों में बने ही रहते हैं. पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो हमेशा से ही आतंकवाद को बढ़ावा देता आया है. वहां के लोगों को अमन चैन की शान्ति को भंग करना ही आता है तभी आज के समय में पाकिस्तान के साथ कोई दोस्ती भी नहीं रखना चाहता. जो देश पाकिस्तान कि हर हालत में मदद करता था उस देश अमेरिका ने भी पाकिस्तान से दूरी बनानी शुरू कर दी है. पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो अपने यहाँ के बच्चों के हाथ में किताब कि जगह गोली बारूद देता है.

हाल ही में पाकिस्तान से एक ऐसा मामला सामने आया है जो पाकिस्तान को खुद शर्म से झुकने को मजबूर कर देगा, एह एक ऐसा मामला है जो आजकल खूब सुर्खियां बटोर रहा है, अगर हम मामले की बात करें तो आपको बता दें कि पाकिस्तान मुल्क के एक शख्स ने पाकिस्तान की एक मस्जिद से 50 हजार रूपये चुराए और इतना बड़ा जुर्म करने के बावजूद  इस शख्स में इतना बूता था कि उसे ज़रा सी भी शर्म नहीं आई और उसने चोरी के बाद वहां एक खत छोड़ दिया जिसमें कुछ ऐसा लिखा हुआ था जो आपको हसने पर मजबूर कर देगा कि आखिर कोई इस दिमाग का भी होता है..

आपको बता दें कि इस पाकिस्तानी मुल्क के आदमी ने चोरी तो कि ही साथ ही उसने उसी मस्जिद में एक चिट्ठी भी छोड़ी है जिसमें साफ़ साफ लिखा हुआ है कि यह मेरे और अल्लाह के बीच का मामला है इसलिए इसमें कोई तीसरा व्यक्ति अपनी नाक न घुसाए. आपको बता दें कि यह घटना पाकिस्तान के दक्षिणी पंजाब के खानेवाल प्रान्त की है, शुक्रवार को खानेवाल प्रान्त की जामा मस्जिद सदिकुल मदीना में एक शख्स ने इस घटना को अंजाम दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चोर मस्जिद में रखे दानपात्र के दो बक्सों को उठा ले गया, ये वो बक्से थे जिनमें श्रद्धालु पैसे डालते हैं, इसके अलावा चोरी करने वाला शख्स वहां से दो बैटरी भी उठा ले गया.

मस्जिद में चोरी करने वाले शख्स ने एक खत लिखकर छोड़ा है, जिसमें लिखा है कि यह मामला मेरे और अल्लाह के बीच का है, कोई मुझे खोजने की कोशिश नहीं करे, मुझे पैसों की काफी जरूरत है और इसलिए मैं अल्लाह के घर से पैसे चुरा रहा हूं, उस शक्स ने यह भी लिखा है कि उसने पहले मस्जिद के मौलवी से मदद मांगी थी लेकिन उसने एक नहीं सुनी और उसे भगा दिया था.  चोरी करने वाले शख्स ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि लोगों ने मेरी मदद नहीं की तो मैं मस्जिद से पैसे चुराने को मजबूर हो गया, उसने लिखा है कि मैंने किसी के घर से कोई चोरी नहीं की है, मैंने बस अल्लाह के घर से अपनी जरूरत का सामान लिया है, इसलिए यह मेरे और अल्लाह बे बीच का मामला है, किसी को भी इसके बीच में अपनी नाक घुसाने की जरूरत नहीं है. आपको बता दें कि अभी तक मस्जिद से चोरी करने वाले शख्स का पता नहीं लग सका है.

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