प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा और भी मजबूत, अब कमांडोज ही केवल नहीं बल्कि ये भी…

नरेंद्र मोदी एक ऐसा नाम है जिससे पूरी दुनिया वाकिफ है, भारत में तो बच्चा-बच्चा इनके बारे में जानता है l नरेंद्र मोदी ने पूरे भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया है और हर भारतीय का सर गर्व से ऊंचा किया है l भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे ख़ास बात यह है कि उनके बोलने का अंदाज़ सबसे अलग है और वो अपनी बातों से सबका दिल जीत लेते हैं l मोदी जो कहते हैं करते भी हैं, और उन्होंने इस समय तो सभी विपक्षियों की बोलती बंद की हुई है l अब सवाल ये है ऐसे इंसान की सुरक्षा कैसे होती है और कौन करता है इनकी सुरक्षा l पीएम मोदी की जान को आतंकवादियों के साथ-साथ देश में ही पल रहीं कुछ देश विरोधी ताकतों से भी खतरा है l

पीएम मोदी की रक्षा कोई आम पुलिस या सिक्योरिटी नहीं करती है बल्कि स्पेशल कमांडो करते हैंl जी हाँ जितनी दुनियाभर में मोदी की चर्चा है उतनी ही ख़ास मोदी की सुरक्षा में लगे कमांडो भी हैं l स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी SPG से जुड़े कमांडो मोदी की सुरक्षा करते हैं lइन कमांडो को ऐसी ट्रेनिंग दी जाती है कि ये अपनी जान देकर भी प्रधानमंत्री की जान बचाते हैं l लेकिन कुछ समय से ऐसा देखा गया है कि  पीएम  मोदी को इतनी भारी सुरक्षा मिलने के बावजूद कहीं न कहीं  उनके साथ हादसे होने के संकेत दिखाई दिए हैं जिस वजह से सरकार ने पीएम मोदी के लिए एक और ख़ास तरह की सिक्यूरिटी का इंतजाम किया है .

किसी भी खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा हाल में बहुत कड़ी कर दी है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक बैठकों में किसी भी स्टेज, तंबू, मंच या अन्य किसी अस्थाई स्ट्रक्चर का उपयोग करने से पहले उसकी जांच की जाएगी। जिसके बाद फायर डिमार्टमेंट द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद ही इन्हें इस्तेमाल में लाया जाएगा।

आपको बता दें कि इस सुरक्षा के लिए सरकार ने ब्लू बुक में संशोधन किया है, जोकि प्रधानमंत्री को सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल देता है। संशोधन में प्रधानमंत्री यात्रा के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा के लिए नया पैरा डाला गया है। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि हाल ही में कुछ ऐसी घटनाये सामने आई थी जैसे कि रैलियों या मीटिंग में मंचों की ढहने की घटनाओं को बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी देखने को मिली है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि अभी तक अस्थाई स्ट्रक्चर की जांच के लिए प्रोटोकॉल नहीं था। प्रधानमंत्री की सुरक्षा (2003 एडिशन) के लिए ब्लू बुक के अध्याय सात के भाग एक में सब-पैरा 93 (xiv) डाला गया है। जिसमें संशोधन कहता है, कि ‘प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की जानकारी मिलने के बाद जिला मजिस्ट्रेट या अन्य किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा उस क्षेत्र का निरीक्षण करना होगा जहां प्रधानमंत्री कार्यक्रम में आने वाले हैं। इसके लिए सीपीडब्ल्यूडी, पीडब्ल्यूडी या अन्य इजीनियरिंग विभाग द्वारा अस्थाई स्ट्रक्चर का निरीक्षण करना होगा। जैसे तंबू, मच, ओवरहैंगिंग व्यवस्था स्ट्रक्चर, अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण आदि की गहन जांच करनी होगी।

वहीं दिल्ली में व्यवस्था की निगरानी दिल्ली पुलिस के डीसीपी (पीएम सुरक्षा) करेंगे। गृह मंत्रालय द्वारा सभी मुख्य सचिवों और हर राज्य के पुलिस डीजीपी को निर्देश दिया गया है। इसमें कहा गया है कि डीसीपी (पीएम सुरक्षा) ये सुनिश्चित करेंगे कि सीपीडब्ल्यूडी, पीडब्ल्यूडी द्वारा दिल्ली में समय से प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी जाए। यहां भी कार्यक्रम से पहले फायर डिपार्टमेंट द्वारा जारी किया पत्र भी अनिवार्य होगा।

Facebook Comments