वीडियो में देखें कैसे इंदिरा गाँधी के अत्याचारों के बाद भी ये दोनों महारानी जेल में निभाती रही अपना ‘राजमाता’ का कर्तव्य…

तिहाड़ जेल में कैदी नंबर-2265 व 2266 रहीं ग्वालियर और जयपुर की महारानियां

एशिया की सबसे महफूज जेलों में जिसका नाम सबसे उपार आता है उस तिहाड़ जेल में न जाने कितने जाने माने चेहरों को अपनी कोठरी की हवा खिलाई हैl राजनेता से लेकर माफिया अभी तक अपने इन्ही लोगों के बारे में सुना होगा जिन्होंने इस जेल की रोटी खाई हैl लेकिन क्या अपने कभीग्वालियर रियासत की महारानी और और तिहाड़ जेल के बारे में सुना हैl जी हाँ सुनकर अजीब सा लगता है, मगर सच हैl

एक दौर था जब ग्वालियर की तत्कालीन महारानी भी तिहाड़ जेल में कैदी नंबर-2265 बन कर रही थींl वो कोई अकेली महारानी नहीं थी जिन्हें जेल जाना पड़ा थाl बता दें कि तिहाड़ जेल में उनके पास की ही सेल में जयपुर की महारानी गायत्री देवी भी रहीं थींl

जेल में एक ही टॉयलेट था, सारे काम खुद करने पड़ते थे

पहले महारानी और बाद में राजमाता के नाम से राजनीति में जानी गईं विजयाराजे सिंधिया इंदिरा सरकार में 1975 की इमरजेंसी में तिहाड़ जेल में कैदी नंबर-2265 के तौर पर बंदी रही थींl इसी जेल में उनके पास वाली सेल में 1975 में मीसा के तहत बंदी बनाई गईं जयपुर की महारानी गायत्री देवी भी कैद थींl

हमेशा ढेरों नौकर-चाकर के बीच रहने वाली और 21 तोपों की सलामी की हकदार रही दोनों महारानी इंदिरा गाँधी सरकार के चलते अपनी कोठरी में बगैर किसी सहायक के अपने सारे काम खुद ही करने को मजबूर थीl अपने महल में कितने कमरे है ये शायद उन्हें खुद भी भली-भाँती ज्ञात नहीं होगी लेकिन देश की इन्ही दो बड़ी रियासतों की महारानियों को जेल में एक ही टॉयलेट शेयर करना पड़ता थाl

झूठी भविष्यवाणियों से देती थी गायत्री देवी को तसल्ली

इंदिरा सरकार द्वारा महारानी गायत्री देवी को जब तिहाड़ जेल भेजा गया था तब वो बीमार थींl उनकी कोई बड़ी सर्जरी डॉक्टर्स ने ड्यू बताई थीl लिहाजा उनके बेटे युवराज भवानी सिंह उनकी रिहाई के लिए मेडिकल आधार पर पुरजोर कोशिश कर रहे थेl

वहीँ दूसरी ओर साधारण जीवन से अच्छी तरह वाकिफ विजयाराजे ने खुद को जेल की जिंदगी में ढाल लिया था, लेकिन गायत्री देवी के लिए बीमारी की हालत जेल का कठोर जीवन जीना दुश्वार कर रहे थेl ऐसे में जब भी महारानी गायत्री देवी हताश होतीं तो विजयाराजे खुद को ज्योतिष का जानकार होने का दावा करते हुए यूं ही उनकी रिहाई की संभावित तारीख बता कर उन्हें समय-समय पर तसल्ली देती थींl

महिला कैदियों की भी राजमाता बन गई विजयाराजे

तिहाड़ जेल में महिला कैदियों के कष्ट देखकर दोनों महारानी अपना राजमाता होने का कर्तव्य निभाते हुए उनके व उनके बच्चों के लिए जेल के डॉक्टर से पूछ कर दवाइयों और कपड़ों की लिस्ट अपनी बेटियों को भिजवाकर हर संभव मदद देती थीlराजमाता विजयाराजे से जब दवाइयां व गर्म कपड़े महिला कैदियों को मिले, तो सब राजमाता के और करीब आ गईंl महिला कैदी उन्हें राजमाता कह कर उनका खास खयाल रखने लगींl खबरों की माने तो जेल में ही हत्या की एक आरोपी ने तो जेल प्रशासन को आवेदन सौंपा कि उसे राजमाता की सेवा में उनकी कोठरी में तैनात कर दिया जाएl

वीडियो में देखें कैसे इंदिरा गाँधी के चलते जयपुर की राजमाता को जाना पड़ा था तिहाड़ जेल…

जेल से गईं तो महिला कैदियों ने फूल बरसाए

विजयाराजे जेल में बीमार हो गईं तो डॉक्टरों ने इलाज पर उन्हें पैरोल पर बाहर जाने की सिफारिश कीl जेल से जब राजमाता पैरोल पर बाहर जाने लगीं तो अंतिम दिन इन महिला कैदियों ने पहले उनके मनोरंजन के लिए भजन गाए, रवाना होते वक्त आंखों में आंसू भरे उन्होंने राजमाता के ऊपर फूल बरसाकर उन्हें विदाई दीl

वाकई ये वो दौर था जब इंदिरा गाँधी के चलते जहाँ देश पर इमरजेंसी की मार पड़ रही थी तो वहीँ दूसरी तरफ ये दोनों महारानियाँ भी इंदिरा गाँधी के अत्याचार का शिकार हो रही थीl

Facebook Comments