बड़े चेहरे का दाव तोड़ देगा अमेठी में कांग्रेस की कमर…

आठ अगस्त (मंगलवार) को गुजरात राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान हुआ. इस मतदान के बाद आए नतीजों में बीजेपी के दो बड़े नेताओं को जीत मिली और कांग्रेस के एक नेता को. जैसा कि पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि बीजेपी के बड़े नेताओं को आसानी से जीत मिल जाएगी क्योंकि गुजरात में BJP के पास 122 विधायक हैं और हुआ भी ऐसा ही बीजेपी से अमित शाह और स्मृति इरानी को जीत हांसिल हुई और कांग्रेस से अहमद पटेल ने जीत हांसिल की.

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गुजरात राज्यसभा चुनाव में भले ही बीजेपी को पछाड़ते हुए अहमद पटेल ने जीत हांसिल की हो लेकिन अब बीजेपी ने कांग्रेस का सफाया करने के लिए नयी तरकीब ढूंढ निकाली है. जी हाँ इस बार बीजेपी का निशाना कोई और नहीं बल्कि पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी हैं. इस बार बीजेपी कांग्रेस के ही गढ़ को घेरने का प्लान बना रही है.

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बीजेपी ने इस बार सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में सोनिया के विपक्ष में तगड़ा उम्मीदवार उतारने का प्लान बनाया है. लेकिन वहीँ आपको बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में तो राहुल गांधी की संसदीय सीट अमेठी में बीजेपी ने स्मृति ईरानी को उतारा था. हालाँकि स्मृति ईरानी ने भी राहुल गाँधी को तगड़ी टक्कर दी थी लेकिन अंत में तो जीत राहुल गांधी की ही हुई थी.

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खैर वो समय अलग था और अब का समय अलग है. तब में और अब में बहुत फर्क है. मौजूदा समय में बीजेपी की 13 राज्यों में सरकार है और 5 राज्यों में सहयोगी दलों की सरकार है. देश के बड़े राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार में पार्टी मजबूत करने के बाद अब पार्टी छोटे प्रदेशों में भी अपनी स्थिति सुधारने के लिए नयी रणनीति बना रही है. राजनीति के दम पर ही असम, मणिपुर, जम्मू कश्मीर में पहली बार बीजेपी सत्ता में आई है और साथ ही केरल के विधान सभा में भी बीजेपी ने अपनी मौजूदगी दर्ज की है.

 

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ठीक उसी तरह इस बार भी लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दोनों ही सीट रायबरेली और अमेठी पर जीत हांसिल करने के लिए कड़े प्रचार करने की तैयारी कर ली है और साथ ही सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी के विपक्ष में हाईप्रोफाइल वाले उम्मीदवार को भी उतारने की तैयारी बना ली है. हालाँकि अभी बीजेपी ने नाम तो घोषित नहीं किया है लेकिन फिर भी पूरी रणनीति के तहत ही सब हो रहा है कि कैसे जीता जाए.

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रायबरेली सीट की अगर बात करें तो बीजेपी ने कभी भी सोनिया गांधी के सामने अपना कोई बड़ा प्रत्याशी नहीं उतारा है लेकिन इस बार बीजेपी पूरी तरह तयार है कि किस तरह बीजेपी का रायबरेली और अमेठी सीट पर भी परचम लहराया जाए.

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इस बार बीजेपी का मुख्य अजेंडा यह है, कि दोनों संसदीय क्षेत्रों की जनता को यह ज्ञात कराया जाए कि दोनों सीटों के इलाकों में विकास उम्मीद के मुताबिक क्यों नहीं होता आया है और इस बार अगर वहां की जनता को अगर असल में विकास चाहिए तो वे लोग बीजेपी को वोट दें और विकास पाये.

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आपको बता दें कि बीजेपी अगर ज्यादा कोशिश न भी करे तो भी इस बार वो ही जीतेगी क्योंकि अमेठी जैसी सीट के ही लोग अपने सांसद से परेशान हो चुके हैं. हाल ही में अमेठी में राहुल गांधी के गुमशुदगी के पोस्टर चिपकाये गए थे. जिसे अगर आपने पढ़ लिया तो आप अपनी हंसी नहीं रोक पायेंगे.

राहुल गाँधी की इसी गलती का फायेदा उठाते हुए बीजेपी वहां की आम जनता को यही समझाने की कोशिश कर रही है कि जिस इंसान ने इतने साल एक ही जगह का सांसद रहने के बावजूद उस जगह का विकास नहीं किया तो वो इंसान पूरे देश का क्या भला करेगा और आप लोग खुद ही निर्णय लीजिये कि आपको विकास चाहिए या नहीं.

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