इक तरफ से भारत-चीन विवाद बढ़ रहा है दूसरी तरफ राहुल ने कर दी ऐसी हरकत जिससे कांग्रेस की हो रही है किरकिरी!

चीन और भारत के बीच चल रहा विवाद आजकल मीडिया की हेडलाइंस बना हुआ है, आये दिन दोनों देशों की तरफ से कोई न कोई बयान सुनने को मिल रहे हैं. चीन ने भारत पर दवाब बनाते हुए कहा था कि भारतीय सैनिक डोकलाम से पीछे हटे तभी सीमा से तनाव कम होगा और चीन के सैनिक भी तभी पीछे हटेंगे. चीन की इस धमकी पर भारतीय सेना ने करारा जवाब देते हुए डोकलाम क्षेत्र में तम्बू गाड़ दिए, जिससे साफ हो गया कि भारत अब चीन की गीदड़ धमकियों से नही डरने वाला. वैसे इधर मोदी सरकार चीन को सख्त तेवर दिखा रही है तो उधर राहुल गाँधी चीन को लेकर कुछ ऐसा कर बैठे हैं जोकि विवादों को जन्म दे सकता है. इतना ही नही, हद तो तब हो गयी जब राहुल गाँधी की इस हरकत के बाद भी कांग्रेस ने पर्दा डालने की कोशिश की लेकिन वो तो चीन के दूतावास की एक ऑफिसियल साइट ने राहुल गांधी की हरकत को उजागर कर दिया.

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भारत-चीन विवाद के बीच राहुल ने किया विवादित काम

आपको बता दें कि राहुल गाँधी एक नये विवाद में फंस सकते हैं, क्योंकि जिस तरीके से भारत और चीन के बीच विवाद बढ़ रहे हैं उसको देखते हुए राहुल गाँधी का एक कदम उन्हें विवादों में फंसा सकता है. दरअसल  मीडिया में खबर आई थी कि 8 जुलाई को राहुल गाँधी चीनी राजदूत लियो झाओहुई से मिले थे लेकिन जब ये खबर फैलने लगी तो कांग्रेस ने इस खबर को एकदम फर्जी करार दिया और कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस मुद्दे पर एक साथ कई ट्वीट करके सफाई देने की कोशिश की और लिखा कि…

“भारत में कुछ समाचार चैनल राहुल गांधी और चीन के राजदूत लियो झाओहुई के साथ कथित मुलाकात की झूठी खबरें दिखा रहे हैं. न्यूज चैनल जी20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के रवैये और चीन का दौरा कर रहे तीन केंद्रीय मंत्रियों पर सवाल खड़े नहीं करेंगे’. राहुल गांधी के संबंध  में ये खबरें खुफिया एजेंसियों के सूत्रों और विदेश मंत्रालय ने गढ़ी हैं.”

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इस मुलाकात की खुली पोल

कांग्रेस ने इस मुलाकात को नकारते हुए सारा ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया था लेकिन उनकी पोल उस वक्त खुल गयी जब चीनी दूतावास के WeChat अकाउंट ने पुष्टि की, कि 8 जुलाई को राहुल की बैठक हुई थी. अब जिस तरीके से दोनों देशों के बीच विवाद चल रहे हैं उसको देखते हुए राहुल गांधी का चीनी राजदूत से मिलना, कांग्रेस और उनके उपाध्यक्ष राहुल गांधी को नए विवाद में डाल सकता है. दरअसल, सोचने की बात ये है कि अगर राहुल मिले थे तो कांग्रेस ने राहुल गांधी की चीनी राजदूत से मुलाकात करने की खबरों को ‘फर्जी’ क्यों करार दिया. जहां एक तरफ सिक्किम के डोकलाम में भारत-चीन सीमा विवाद बढ़ता जा रहा है वहीं राहुल गांधी का भारत में चीनी राजदूत से मिलना असमंजस की स्थिति में डालता है.

इस मुद्दे पर हुई बातचीत:

कहा जा रहा है कि राहुल ने चीनी राजदूत से वर्तमान चीन-भारत संबंध के बारे में बातचीत की. मीडिया में इस बात की चर्चा है कि केंद्र सरकार जब मजबूती के साथ चीन को करारा जवाब दे रही है तो ऐसे में राहुल गाँधी का अलग से मुलाकात करना चर्चा का विषय बना हुआ है आपको बता दें कि यहां अहम मुद्दा ये नही है कि राहुल की मुलाकात हुई कि नही मुद्दा ये है कि आखिर राहुल ने मुलाकात की तो उसे छिपाया क्यों जा रहा था ?

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भारत और चीन के बीच क्या है विवाद:

आपको बता दें कि ये विवाद तब से शुरू हुआ है जब चीन ने भूटान के पास एक पहाड़ी इलाके में सड़क बनानी शुरू की. इस पहाड़ी इलाके को भारत डोकलाम, भूटान डोकला और चीन डोंगलांग कहता है. चीन इस इलाके में सड़कों का जाल बिछाना चाहता है. इसके पीछे चीन की मंशा विकास नही बल्कि सड़क बनाकर युद्ध के हालातों में अपने ठिकाने बनाने की कोशिश है. जब चीन सड़क बनाने की तैयारी कर रहा था तो भूटान ने भारत से चीनी सड़क की शिकायत की जिसके बाद भारत ने कड़ा एतराज जताया. भारत के एतराज पर चीन ने आरोप लगाया कि भारतीय सैनिकों ने घुसैपठ की है. अब चीन चाहता है कि भारत अपने सैनिकों को वापस बुला ले. चीन धमकी दे रहा है कि अगर सैनिक वापस नहीं बुलाए तो हालात युद्ध के करीब जाएंगे. इन सब के बाद को देखते हुए दोनों देशों में तनाव की स्थिति बनी हुई है. वैसे भी चीन की मंशा कुछ अच्छी नही है.

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