जब ईरान में हामिद अंसारी भारतीय एम्बेसडर थे तो उन्होंने भारतीय इंटेलिजेंस के साथ एक नहीं बल्कि ये कई बड़े धोखे किये थे ?

यूँ तो इस बात को दिन बीत चुके हैं लेकिन हामिद अंसारी ने जो बात अपने विदाई समारोह में कही वो लोग आसानी से भूल नहीं पा रहे हैं. अबतक देश के उप-राष्ट्रपति रहे हामिद अंसारी के वो शब्द हर हिन्दुस्तानी के कानों में गूँज रहे होंगे जब उन्होंने कहा कि देश का मुसलमान खुद को असुरक्षित महसूस करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं इसी हामिद अंसारी की वजह से भारत के एक रॉ एजेंट का परिवार बर्बाद हो गया था ?

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दरअसल सोशल मीडिया पर नीरज झा नाम के एक शख्स ने एक पोस्ट लिखते हुए इस बात का खुलासा किया है कि हामिद अंसारी 1990 में हामिद अंसारी ईरान मुल्क में भारत के एम्बेसडर हुआ करते थे. बताया जाता है कि उस वक़्त तेहरान मे पोस्टेड एक RAW के जासूस मिस्टर कपूर को तेहरान मे किडनेप कर लिया गया था.

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भारतीय एजेंट को किया गया था टोर्चर! 

सिर्फ किडनैप ही नहीं मिली जानकारी के अनुसार अगवा किये गए RAW एजेंट को लगातार 3 दिनों तक बुरी तरह टोर्चर भी किया गया. उन्हें ड्रग्स के ओवरडोज़ दिये गए और आखिर मे उन्हें तेहरान के एक सुनसान से इलाक़े में ले जाकर फेंक दिया गया.

 

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भारत सरकार को नहीं दी गयी सूचना ! 

एक RAW एजेंट के साथ इतना कुछ अमानवीय होता है लेकिन भारत के एम्बेसडर हामिद अंसारी को इस बात की भनक तक नहीं लगती. यहाँ तक की इतनी बड़ी घटना पर भारत सरकार को भी कोई सूचना नहीं दी जाती है.

 

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इसी दौरान कश्मीर के कुछ लोग इमाम तेहरान के नजीदक Qom नामक धार्मिक केंद्र मे ट्रेनिंग के लिए इकट्ठा होते थे, जिस पर उस वक़्त RAW ने पैनी नजर रखे हुए थी. इस पूरी रेकी की जानकारी दिल्ली हेडक्वार्टर पर लगातार भेजी भी जा रही थीं. हामिद अंसारी के एक करीबी जानकार के माध्यम से RAW जासूस माथुर ने इस संगठन मे अपने जासूस फिट किए थे.

 

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इसी बीच अचानक से खबर आती है कि माथुर को भी तेहरान जासूसों ने किडनेप कर लिया है. अब इस बात का पूरा शक हामिद अंसारी के मुखबिरी का था. बताते हैं कि इंडियन इंटेलिजेंस खेमा हरकत मे आया और माथुर की तलाश ईरान मे शुरू हुई, लेकिन हैरानी की बात है कि एक बार फिर इतना कुछ हो जाने के बावजूद हामिद अंसारी ने ना ही कोई मदद की और ना ही एक बार फिर भारत सरकार को इस बात की भनक लगने दी.

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आखिर 2 दिन बाद जब इंटेलिजेंस ऑफिसर के बीबी-बच्चे कोई उपयुक्त मदद ना मिलती देख हामिद अंसारी के घर के गेट पर प्रदर्शन करना शुरू किया, तब इस मामले न तूल पकड़ा. हालाँकि इतना सब हो जाने के बावजूद भी हामिद अंसारी ने इंटेलिजेंस वालों के परिवार वालों से मिलने से साफ़ इंकार कर दिया.

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इसके बाद जब मुद्दे  ने तूल पकड़ा तो अटल जी ने पीएम नरसिम्हा राव से बात की और इसके बाद अंसारी पर इरान कि सरकार से बात करने का दबाव बना. आपको बता दें इसके बाद इरान में जेल में बंद माथुर को इसके बाद तुरंत छोड़ा गया और उन्हें भारत लाया गया. इसके बाद भारतीय रॉ एजेंट सकते में थे.

 

 

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ये इकलौता ऐसा वाक्य नहीं है जब हामिद अंसारी ने ऐसा कुछ किया है एक और भारतीय एजेंट जो हामिद के साथ इंडियन एम्बेसी में काम करता था उसे भी इरानी inteligence ने पकड़ लिया था और जबरन अपने साथ काम करने को कहा था.उमर मोहम्मद नाम के ये भारतीय जासूस किसी तरह इरानी चंगुल से बच गये लेकिन जब उन्होंने इस पूरी घटना के बारे में हिंद अंसारी को बताया तो हामिद अंसारी ने उमर को ही दोषी बताकर मामले को रफा-दफा करने के लिए कहा. आपको बता दें इरान में काम करने वाले भारतीय जब एक साल बाद अपना परमिट अपडेट करने जाते थे तो उनको भी यह कहा जाता था कि इरान के लिए जासूस बनजाओ लेकिन भारतियों ने जब इसकी भी शिकायत हामिद अंसारी को की तो उन्हें इस मामले को भी दबा दिया था.

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ख़ास बात यह भी है कि हामिद अंसारी से पहले और उनके बाद इरान में भारतियों के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं हुआ है, उनका बीटा भी 2 बार औरतों के साथ गलत तरीके से इरान में पकड़ा गया था लेकिन उसे हामिद अंसारी ने छुड़ा लिया था.

(आपको बता दें भारतीय रॉ एजेंट रहे rk yadav ने यह सभी बातें अपनी किताब में लिखीं है)

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