भारत की सबसे बड़ी न्यूज़ एजेंसी की इस गलती पर स्मृति ईरानी हुईं आगबबूला, चेतावनी देते हुआ कहा….

स्मृति ईरानी ने कुछ दिन पहले ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय संभाला था और अब देश की सबसे बड़ी न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को धमकी दी है.  सभी जानते हैं इस समय देश के अधिकाँश इलाकों में बाढ़ आई हुई है और इसके चलते मीडिया लगातार वार्निंग जारी कर रही है. इस बीच  पीटीआई जो भारत की सबसे बड़ी न्यूज़ एजेंसी है उसने एक ऐसा फोटो दिखाया है जिसको लेकर स्मृति  ईरानी भड़क गयी हैं.

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गुजरात की बाढ़ का दिखाया गलत फोटो..

दरअसल स्मृति ईरानी ने  कहा है कि देशभर में चेन्नई के बाढ़ का फोट दिखाकर उसे गुजरात का बताया जा रहा है और पीटीआई इसपर चुप है.  उन्होने आगे कहा कि वो जानना चाहती है कि क्यों इस तरह की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं ?

देखिये स्मृति ईरानी का ट्वीट ! 

स्मृति ईरानी के इस ट्वीट के कुछ देर बाद शशि शेखर ने केंद्रीय मंत्री के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि हम क्षमा मांगते हैं कि आकाशवाणी ने इन गलत तस्वीरों का इस्तेमाल किया,  उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्यवाही भी की जायेगी.

आपको बता दें कुछ ही देर में पीटीआई को भी अपनी गलती का अहसास हो गया और उन्होंने भी माफ़ी मांगी, माफ़ी मांगते हुए पीटीआई ने देखिये क्या ट्वीट किया.

आपको बता दें इस समय सरकार काफी ज़ोरों से काम पर लगी हुई है, हर डिपार्टमेंट के मंत्री पूरी इमानदारी से काम कर रहे हैं.

जब राहुल गाँधी की अभद्र टिपण्णी पर स्मृति इरानी हुई नाराज और कहा था…

राहुल गाँधी वो नाम है जो हमेशा से ही अपनी बेतुकी बातों को लेकर जाना जाता है. राहुल गाँधी हमेशा अपनी होशीयारी में कुछ ऐसा बोलने की कोशिश करते हैं कि शायद उनकी बातों से लोग प्रभावित हो जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं  होता हर बार इनकी फ़जीहत ही होती है. कांग्रेस की हार की अगर बात करें तो उसके पीछे राहुल गाँधी का बहुत बड़ा हाथ है लोग ऐसे ही नहीं उन्हें पप्पू कहकर बुलाते हैं हमेशा उनकी हरकतें ही ऐसी होती हैं, किसी के भी बारे में वे बिना सोचे समझे बोल देते हैं जिस बात का कोई सिर पैर नहीं होता. पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि कांग्रेस का पूरी तरह सफाया हो चुका है मानों एक दम कांग्रेस ख़त्म होने की कगार में है.

इस बात का उद्धाहरण यह है कि अभी तक जिन राज्यों में कांग्रेस विजय हासिल करती थी आज उन्ही राज्यों में वो हार का सामना कर रही हैं. आज इसी हार का सामने करते हुए राहुल गाँधी और भी बौखला गए हैं और वे दूसरी विपक्षी पार्टीयों के बारे में कुछ भी बोलते रहते हैं. इस बार राहुल गाँधी ने किसी और को अपनी बेतुकी बातों का शिकार नहीं बनाया है बल्कि इस बार राहुल गाँधी ने हमारे देश के प्रधानमंत्री की नरेन्द्र मोदी की तूलना दुनिया के सबसे क्रूर शासक से कर दी है.

 

जी हाँ राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी की तूलना ‘हिटलर’ से की है राहुल ने कहा है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और नौकरशाही की तरफ से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर ‘व्यवस्थित तरीके से कब्जा’ करके संविधान के जरिए वह भारतीय संविधान को ‘तहस-नहस’ कर रहे हैं.

राहुल गाँधी ने पीएम मोदी और  आरएसएस पर सीधा वार करते हुए कहा है कि  ‘ हिटलर नाम का एक शख्स था और उसने एक बार लिखा- हकीकत पर बहुत मजबूत पकड़ रखो ताकि आप किसी भी वक्त इसका गला घोंट सको। आज हमारे चारों आेर यही हो रहा है। हकीकत का गला घोंटा जा रहा है ‘

राहुल गाँधी ने कहा कि बीजेपी, मोदी और आरएसएस सिर्फ यही चाहते हैं कि भारत कि जनता अपनी आवाज़ को  ‘सरेंडर’ कर दे. आपको बता दें कि राहुल गाँधी यह सब उस वक्त बोला जब वे कर्नाटक सरकार की आेर से आयोजित एक तीन दिवसीय बी आर अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने पहुचे थे.

इसी सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी ने ऐसे फ़ालतू के बोल बोले थे. राहुल गाँधी यहीं नहीं रुके थे उन्होंने कहा कि हमारे भारत ने अपनी आजादी इसलिए गंवाई थी, क्योंकि जब अंग्रेज हमारी सरजमीं पर आए थे तो उन्होंने हमारे देश के लाखों-करोड़ों लोगों की बोलती बंद कर दी थी कोई भी व्यक्ति अपनी जुबान नहीं खोल सकता था वे लोग हमसे सारे काम करवाते थे और खुद आनंद लेटे थे क्योंकि वे लोग शक्तिशाली थे.

ठीक उसी तरह आज भी वही दिन वापस लौट कर आ रहे हैं. क्योंकि आप खुद देख सकते हैं कि जिस पत्रकारिता को अभिव्यक्ति की आजादी थी आज वो भी दम तोड़ती नज़र आ रही है, पत्रकार की आँखों के सामने ही कोई हिंसा हो रही होती है लेकिन वो अपनी जुबां नहीं खोल पाता.

अभी तक तो राहुल गाँधी पत्रकारों के कंधे पर गोली रखकर मोदी सरकार पर निशाना साध रहे थे, लेकिन जब उन्हें ये लगा कि अभी यह तो कम है और क्या बोला जाए तो उन्होंने हमारे देश के कानून पर सवाल उठा दिया. राहुल बाबा ने कहा कि आज हमारे देश में कानून के मसीहा जज पर भी दबाव बनाया जाता है कि फैसला उन्हें कैसे देना है हित में या विपक्ष में.

खैर ये बात राहुल गाँधी से बेहतर कौन जानता होगा क्योंकि जिस आदमी की खुद की सरकार हमेशा से ही ऐसा करती आई हो वो कानून के बारे में ऐसा तो बोल ही सकता है. राहुल गाँधी की पार्टी कांग्रेस वो ही पार्टी है जिसने अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कालीखो पुल को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया था…

…क्योंकि कालीखो पुल पहले उन्ही की  पार्टी के नेता थे लेकिन जैसे ही उनकी कांग्रेस के काले कारनामों के बारे में पता चला तो उन्होंने कानून का सहारा लिया जिसमें वे हार गए क्योंकि कोर्ट को कांग्रेस खरीद चुकी थी और आज कालीखो पुल की मृत्यु एक किस्सा बनाकर रह गई है.

आपको बता दें कि राहुल गाँधी कितना भी ऊट पटांग बोल लें उनकी अंत में फजीहत ही होती है जो कि इस बार भी हुई है. जी हाँ इसी शुक्रवार यानि 21 जुलाई को केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी ने राहुल गांधी का मज़ाक उड़ाते हुए मुहतोड़ जवाब दिया.

स्मृति इरानी ने शुक्रवार देर रात ट्वीट कर राहुल गांधी को धन्यवाद दिया और कहा है कि आपने जो कुछ भी किया है उसके लिए आपको भाजपा की ओर से धन्यवाद. साथ ही स्मृति इरानी ने राहुल गाँधी पर वार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार को तानाशाह की सरकार बताने में राहुल गाँधी को 42 साल देरी हो गई है.

स्मृति इरानी ने कहा है कि राहुल गाँधी जी भारत में इमरजेंसी किसने लगाई और किसने लोकतंत्र को रौंद डाला था यह सभी को पता है इसलिए हिटलर से कौन प्रेरित है यह बताने की जरूरत नहीं है इसलिए आप खुद अपनी पार्टी का इतिहास उठाकर ज़रूर देख लें.

 

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