मौलवी ने कश्मीर मुद्दे पर भारत-पाक को लेकर कह दी ऐसी बात जिसके जवाब में लोगों ने कहा, “आप जैसी सोच सबकी हो गयी तो टीवी डिबेट्स..”

कश्मीर मुद्दा आज के समय में एक ऐसा मुद्दा बन चुका हैं जिसके चलते आयेदिन कोई-ना-कोई नहीं कहानी देखने सुनने को मिल ही जाती है. कश्मीर भारत का हिस्सा है और हमेशा ही रहेगा. हालाँकि इस देश में अभी भी कुछ ऐसे अलगाववादी नेता हैं जिनका बस चले तो आज ही वो कश्मीर के हिस्से कर दें. उनका मानना है कि कश्मीर पाकिस्तान के हिस्से में जाना चाहिए. इस मुद्दे पर पाकिस्तान का भी यही रुख है. खैर सच तो यही है कि कश्मीर हमारा था, हमारा है, और हमारा ही रहेगा. इसी मुद्दे पर हाल ही में एक मौलवी साब ने कुछ ऐसा ट्वीट कर दिया जिसके बाद लोग पहुँच गए उस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने.

क्या कहा मौलवी ने?
जिस मौलवी की हम यहाँ बात कर रहे हैं उनका नाम है सैय्यद अथर हुसैन देहलवी. मौलवी सैय्यद ने हाल ही में एक ट्वीट किया जिसमे उन्होंने लिखा कि. “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है. जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर हमे आतंकियों को शय देने वाले मुल्क पाकिस्तान से या फिर दुनिया के किसी भी अन्य देश से बात कर भारत की ही संप्रभुता के खिलाफ होगा.”

 क्या थी लोगों की प्रतिक्रिया?

कश्मीर जैसे मुद्दे पर ट्वीट किया था तो जायज़ है इस ट्वीट से कई लोगों की भावनाएं जुड़ गयीं. ऐसे में सैय्यद अथर के ट्वीट के जवाब में जवाब में अपना पक्ष रखते हुए एक ट्विटर यूजर अनीता सिंह ने कहा, ” सर, आप अपनी यही सोच अगर देश के और मौलवियों तक पहुंचा देते तो शायद टीवी चैनल्स वालों को कश्मीर मुद्दे पर इतनी डिबेट करनी ही नहीं पड़ती.”

कुछ मौलवी मुसलमान कौम को बदनाम करने पर तुले हैं 

तो वहीँ एक दूसरे यूजर दिनेश चावला ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुये कहा कि, “आपकी ट्वीट पढ़कर ऐसा लगा कि मानो शुक्र है. किसी को तो इतनी समझ है कि देश में क्या सही है क्या गलत. वरना तो कुछ मौलाना आये दिन कुछ ना कुछ ज़हर उगल कर पूरी मुस्लिम कौम को ही बदनाम करने पर तुले हुए हैं.” 

कोई तो है जो सीधा सोचता है 

मौलाना साहब के इसी ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर अविनाश त्रिपाठी ने कहा कि, “धन्यवाद सर ऐसा लिखने और बोलने के लिए. अच्छा लगा ये देखकर कि कोई तो सीधा बोलता और सोचता है.”

ऐसी सोच वाले हर मुसलमान भाई को प्यार और आदर 

सैय्यद अथर की ट्वीट के जवाब नें ही एक ट्विटर यूजर जस्ट ऐन इंडियन, लिखते हैं कि, “बढियां सोच है आपकी सर. आशा करता हूँ देश के सभी मौलाना इसी तरह की सोच रखें. ऐसी सोच रखने वाले हर भारतीय मुसलमान भाइयों को वो सारा प्यार और इज्ज़त मिलनी चाहिए जिसके वो हकदार हैं.

वाकई सैय्यद अथर देहलवी की इस सोच से ये तो पता चलता है कि सचमुच देश का हर मौलवी  देश के बंटवारे की ही नहीं बल्कि कुछ ऐसे भी मौलवी हैं जिन्हें यकीन है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का हस्तक्षेप बिलकुल बेवजह और बेबुनियाद है. यकीनन अगर सैय्यद अथर जैसी ही सोच के कुछ और मुसलमान भाई देश में हो जायें तो शायद कश्मीर मुद्दा उतना बड़ा ना हो जितना आज के समय में वो बन चुका है.

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