कश्मीर में ISIS का झंडा फहराता देख इस मुस्लिम लड़की ने खायी ऐसी कसम कि वहां तैनात जवान कर रहे हैं…

जम्मू-कश्मीर में इन दिनों भारतीय सेना पूरी सख्ती में है आतंकियों को सबक सिखाने के और इसी के चलते आये दिन रोज किसी न किसी आतंकी को 72 हूरों के पास भेजने के काम कर रही है. हालात जोखिम भरे हैं वहां लेकिन इन्हीं हालातों में एक भारतीय मुस्लिम बेटी ने ऐसी कसम खायी है जो बेहद फौलादी है. आपको बता दें कि कश्मीर में जैसे हालत हैं, वहां जाना तो दूर की बात है वहां जाने की सोचना भी बड़ी हिम्मत का काम है लेकिन इन्ही हालातों में पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात की एक लड़की ने रक्षाबंधन के दिन कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कसम खायी है.

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आपको बता दें कि तंजीम मेरानी नाम की लड़की गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली है और वो कक्षा 8 में पढ़ती है. तंजीम ने कसम खायी है कि रक्षाबंधन के दिन वो कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराएगी और सेना के जवानों को राखी बांधेगी. उसका कहना है कि अगर उसे ऐसा करने से रोका गया तो वो वहीं पर भूख हड़ताल करेगी.

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ऐसा पहले भी कर चुकी हैं तंजीम

आपको बता दें कि तंजीम ने इसके पहले ऐसी कोशिश पिछले साल भी की थी लेकिन उसे लाल चौक नही जाने दिया गया था और उसे तब श्रीनगर एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया था. तंजीम की वादे पर उसके घरवालों ने उसका पूरा साथ दिया है. तंजीम के पिता का मानना है कि ‘हां ये सही है कि कश्मीर जाने का ये सही वक्त नहीं है, लेकिन आखिर ऐसा कब तक चलता रहेगा कि कश्मीर जोकि भारत का ही अभिन्न अंग है, वहां हमें तिरंगा फहराने के लिए भी इंतजार करना पड़ेगा. किसी न किसी को तो कदम उठाना ही पड़ेगा और मेरी बेटी ऐसा कर रही है तो हम उसके साथ है, पूरे परिवार के साथ.’

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वैसे तंजीम मेरानी की उम्र महज 14 साल हैं लेकिन अगर उसके इरादे देखें जाये तो वो फौलाद से भी ज्यादा जैसे सख्त हैं. जम्मू कश्मीर में हालात खतरों से भरे पड़े हैं और ऐसे में तंजीम इन सभी खतरों को दरकिनार कर अपने देश का झंडा लाल चौक पर लहराना चाहती हैं.

बता दें कि तंजीम एक मुस्लिम परिवार से हैं और उन्होंने पिछले साल भी श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा झंडा फहराने की मंशा जाहिर की थी लेकिन उन्हें जाने नही दिया गया था और श्रीनगर एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया था.

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इस पूरे प्रकरण के पीछे तंजीम को हिम्मत देने वाले उनके पिता कहते हैं कि ‘वे इस जज्बे के सहारे हिन्दू-मुस्लिम का फर्क भी दूर करना चाहते हैं.’ तंजीम की इस बहादुरी के लिए देश की कई गैर सरकारी संगठनों ने भी समर्थन दिया है. तंजीम कहती हैं कि भारत में ही पाकिस्तान समर्थित प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तान और ISIS का झंडा फहराते देख उन्होंने श्रीनगर में तिरंगा फहराने की ठानी है.

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