राष्ट्रपति बनाने चले बीजेपी वाले लेकिन मिल गया झटका अब कैसे बनाएंगे अपना…

25 जुलाई को भारत के वर्तमान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल ख़त्म हो जायेगा और इसके पहले ही भारत के नये राष्ट्रपति की खोज जारी हो चुकी हैl उम्मीद यही की जा रही है कि इस बार राष्ट्रपति NDA की तरफ से ही होगाl विपक्ष केंद्र सरकार द्वारा दिए गये नाम को स्वीकार करेगा या नही ये तो वक्त ही बतायेगा लेकिन जिस तरीके के समीकरण बन रहे हैं उससे साफ है कि राष्ट्रपति चुनाव काफी पेचिंदा होगाl

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दरअसल NDA ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित तो कर दिया है लेकिन अब उम्मीदवार घोषित करते ही मोदी सरकार को तगड़ा झटका लग गया है और कहा ये भी जा रहा है कि अगर बीजेपी ने सही समय पर इस झटके से नही उबरी तो बड़ी मुश्किल हो जाएगीl

आपको बता दें कि एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर राम नाथ कोविंद के नाम का एलान किया गया है, लेकिन कोविंद के नाम का ऐलान तो हो गया पर अब एनडीए में ही उनके नाम पर विरोध के सुर उठने लगे हैंl आपको बता दें कि कोविंद के नाम पर जो विरोध के सुर उठे हैं वो बीजेपी की बहुत पुरानी सहयोगी पार्टी रही हैl

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दरअसल केंद्र और महाराष्ट्र में सराकर की सहयोगी और कट्टर हिन्दू छवि रखने वाली शिवसेना ने NDA उम्मीदवार राम नाथ कोविंद के समर्थन से इनकार कर दिया हैl आपको बता दें कि शिवसेना के इनकार के बाद भाजपा की मुश्किलें थोड़ी बाद सकती हैंl शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कुछ ऐसा कह दिया है रामनाथ कोविंद के बारे में कि जिससे मोदी सरकार को अपने उम्मीदवार को राष्ट्रपति बनवाने के लिए बड़े पापड़ बेलने पड़ सकते हैंl

आपको बता दें कि शिवसेना उद्धव ठाकरे ने कहा, ”अगर कोई सिर्फ वोटबैंक के लिए दलित को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना रहा है तो हम उनके साथ नहीं हैं. मोहन भागवत हमारी पहली पसंद हैं अगर किसी को उनसे आपत्ति है तो हमने एमएस स्वामिनाथन का नाम भी सुझाया है.”

हम भी मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार हैं: उद्धव ठाकरे
इसके साथ ही महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की बात का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम भी मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार हैं. इसके साथ ही उन्होंने मध्यावधि चुनाव की चुनौती भी दी.

दरअसल राज्य में कृषि संकट के मद्देनजर कर्ज माफी के लिए किसानों के आंदोलन की पृष्ठभूमि में राज्य में मध्यावधि चुनाव होने की अटकलें लगाई जा रही हैं. इसी पर दोनों दल एक दूसरे को मध्यावधि चुनाव की धमकी दे रहे हैं.

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एनडीए की ओर से बिहार के राज्यपाल का नाम आया
एनडीए ने 72 साल के रामनाथ कोविंद को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. राम नाथ कोविंद अभी बिहार के राज्यपाल हैं. कोविंद के नाम की घोषणा बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने की. बीजेपी और एनडीए को उम्मीद है कि अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े होने के कारण कोविंद के नाम पर वो कांग्रेस सहित विपक्ष की सहमति भी हासिल करने में सफल रहेंगे.

कौन हैं रामनाथ कोविंद?
उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले रामनाथ कोविंद दलित समाज से आते हैं. रामनाथ कोविंद अभी बिहार के राज्यपाल हैं. रामनाथ कोविंद को वकालत का लंबा अनुभव है. वे सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में 16 साल तक वकालत कर चुके हैं.

राम नाथ कोविंद यूपी से दो बार साल 1994-2000 और साल 2000-2006 के दौरान राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. वे बीजेपी के प्रवक्ता रह चुके हैं. इसके अलावा कोविंद 1998 से 2002 तक बीजेपी के दलित मोर्चा के प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं.

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