इस हमले में पीड़ित एक महिला ने खुद बताया कि कैसे इधर उनका घर आग की लपटों में झुलस रहा था और उधर कुछ मुसलमान युवक..

बुधवार की पहली और खतरनाक खबर जिसके साथ लोगों की सुबह आँख खुली वो ये थी कि लन्दन की बहुमंजिला ईमारत में लगी भीषण और भयंकर आग| स्थानीय समय के अनुसार रात लगभग 1 बजे लगी इस भीषण आग में एक 24 मंजिला को देखते ही देखते अपनी चपेट में ले लिया| आग पश्चिमी लंदन के लातिमार रोड पर बने ग्रेनफेल टावर में लगी थी|

आग की चपेट में आकर नीचे से ऊपर तक पूरी इमारत धूं-धूं कर जल रही थी| मौके पर फायर ब्रिगेड की 40 दमकल गाड़ियां और 200 दमकलकर्मी आग बुझाने में घंटों जुटे रहे| बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग में कुल 120 फ्लैट्स हैं| बुधवार की सुबह आग पहले इमारत की दूसरी मंजिल में लगी और फिर देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में फैल गई| फायर सर्विस वालों ने आग लगने की तस्वीरें ट्विटर पर पोस्ट की, लेकिन जहाँ एक तरफ ये 24 मंजिला इमारत इस तरह जल रही थी वहीँ कुछ मुसलमानों ने जो किया…

 

इस बात का खुलासा एक वीडियो से हुआ है जिसमे इस हमले में पीड़ित कुछ लोग खुद बता रहे हैं कि कैसे जब बिलडिंग आग की लपटों में झुलस रही थी ठीक उसी वक़्त बिलडिंग में ही मौजूद कुछ मुसलमान युवकों ने कुछ ऐसा किया कि सुर्खियाँ बटोर ली|

दरअसल ये बात तो सभी जानते हैं कि ये रमदान का पावन महिना चल रहा है| ऐसे में कुछ मुसलमानों ने बिलडिंग में आग लगी देख सब कुछ छोड़-छाड़ कर भीषण आग में पीड़ितों को बचाने कूद पड़े| सिर्फ यही नहीं खबरों की माने तो लन्दन की इस ईमारत के पास स्थित एक मस्जिद ने पीड़ितों की मदद के लिए अपने दरवाज़े खोल दिए हैं| ग्रीनफिल टावर के आस-पास बड़ी तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं|

वर्ल्ड न्यूज़ अरेबिया को मिली जानकारी के अनुसार यहाँ रहने वाले काफी लोग इस दुर्घटना में पीड़ितों की सहायता के लिए रवाना हो चुके हैं| टावर ब्लाक से कुछ मिनट की दूरी पर स्थित अल मनेर मस्जिद ने दुर्घटना में पीड़ितों की मदद के लिए पेशकश की है| यहाँ इस मस्जिद के साथ ही और कई आश्रय पीड़ितों के लिए अस्थायी तौर पर खुले हैं|

देखिये वीडियो: 

किसी भी धर्म या समुदाय के व्यक्ति यहाँ भोजन, पानी और विश्राम के लिए बेझिझक आ सकते हैं| अल मनेर मस्जिद का प्रबंधन और स्वयंसेवक दुर्घटना प्रभावित क्षेत्र में पानी, भोजन और हर संभव सहायता पहुँचाने में जुटे हुए हैं| इसके अतिरिक्त यहाँ मुस्लिम समुदाय ने दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए धनराशि इकट्ठी करनी शुरू कर दी है जिससे पीड़ितों को सहायता पहुंचाई जा सके| कहा जा रहा है कि इस अग्निकांड में बहुत से लोगों को समय रहते सचेत करने और बचाने में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खासी मशक्कत की| रमजान के कारण सुबह जल्दी जागे हुए मुस्लिम समुदाय ने इस दुर्घटना को और बड़ा होने से और ज्यादा लोगों की जान जाने से बचा लिया|

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