नरेंद्र मोदी का वो रूप जिसे देखकर अचंभित रह गए थे पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम क्योंकि गलत बयानबाज़ी के बाद भी..

गुजरात में 2001 के भयानक भूकंप के बाद 2002 में सांप्रदायिक हिंसा ने गुजरात को बुरी तरह से तोड़ दिया था. भूकंप में लगभग 4 हज़ार मौतें हुई थी. वहीं हिंसा की वजह से गुजरात का जनजीवन अव्यवस्थित हो गया था. 2002 की हिंसा चोटिल गुजरात के लिए एक गम्भीर घटना थी अभी लोग भूकंप के दृश्यों को भुला भी नहीं पाए थे कि हिन्दू-मुस्लिम दंगों ने सब को आहत कर दिया.

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एक तरफ तो भूकंप पीड़ित लोगों का दर्द था और दूसरी तरफ दंगा पीड़ितों का दर्द. गुजरात में चल रही इस उथल-पुथल का सामना करने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति के रूप में दिल्ली के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए गुजरात को चुना.

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उनके इस फैसले से तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी असहज थे. वाजपेयी जी ने कलाम जी से पूछा, ‘क्या आप गुजरात जाना जरुरी समझते हैं?’ कलाम जी ने कहा, ‘मुझे जाना चाहिए और देश का राष्ट्रपति होने के नाते लोगों से बात करनी चाहिए. मैं इस काम को अपना पहला बड़ा काम मानता हूँ.’

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कलाम जी के इस दौरे को लेकर कई संभावनाएं और आशंकाएं व्यक्त की गयीं. जैसे कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी यात्रा का बहिष्कार करेंगे, कलाम जी का वो अच्छा स्वागत नहीं करेंगे और अलग-अलग हलकों से विरोध के स्वर उठेंगे.

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जब कलाम जी गुजरात पहुंचे तो सारी आशंकाएं और संभावनाएं झूठी साबित हो गईं. जब कलाम जी अहमदाबाद हवाईअड्डे पर उतरे तो वो अचंभित रह गए, न केवल गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी वहां मौजूद थे बल्कि पूरा मन्त्रिमंडल और कई विधानसभा सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी और सैकड़ों सामान्य लोग वहां कलाम जी का स्वागत करने के लिए मौजूद थे.

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पूर्व राष्ट्रपति कलाम जी की इस यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी हर समय कलाम जी के साथ रहे. उन्होंने कलाम जी को पूरा सम्मान दिया और उन लोगों के मुंह पर ताला लगा दिया जो उनके खिलाफ आग उगल रहे थे. जो लोग कह रहे थे कि नरेंद्र मोदी, कलाम जी का बहिष्कार करेंगे उनको करारा जवाब मिल गया था.

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सीएम नरेंद्र मोदी ने अब्दुल कलाम जी को भी ख़ुशी पहुंचाई थी क्योंकि उन्होंने उन सारी सभावनाओं और आशंकाओं को गलत साबित कर दिया था जो दिल्ली से निकलते समय कलाम जी को सुनाई पड़ रही थीं.

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अपनी किताब आरोहण (Transcendence) में इस वाकये को याद करते हुए उन्होंने लिखा है कि, ‘जब मैं अहमदाबाद हवाईअड्डे पर उतरा तो मैं यह देखकर अचंभित था कि न केवल मुख्यमंत्री (नरेंद्र मोदी) वहां मौजूद थे बल्कि उनके साथ कई लोग मेरा स्वागत करने के लिए खड़े थे.

 

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