अपने गोरखपुर के इस हालत पर इतने भावुक हुए योगी कि मीडिया के सामने ही आ गये आँखों में आंसू और..

12 अगस्त को मीडिया के हवाले से खबर फैली कि गोरखपुर के BRD हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत हो गयी है जिसके बाद मरने वाले बच्चों की संख्या 60 से भी ज्यादा हो गयी. गोरखपुर जोकि योगी की कर्मभूमि है, इसके लिए उनका लगाव इस क्षेत्र से खास रहता है और अब उन्ही के क्षेत्र में इस तरीके की घटना होने के बाद सभी योगी की तरफ उम्मीद भरी निगाह से देख रहे हैं कि आखिर अब योगी क्या करेंगे. गोरखपुर के लोग मुख्यमंत्री योगी पर काफी भरोसा करते हैं और उसी भरोसा का नतीजा रहा कि जब हादसे के बाद योगी गोरखपुर पहुंचे तो उनकी आँखों से आंसू निकल आये.

लाख कोशिश की लेकिन आंसू निकल ही गये

आपको बता दें कि योगी और गोरखपुर के बीच एक भावनात्मक रिश्ता है और यहां का हर शख्स योगी से बहुत प्यार करता है और योगी भी उन्हें अपनी संतान की तरह मानते हैं. लोगों के सुख-दुःख में भाग लेने वाले योगी ने जब देखा कि उनके क्षेत्र में लोग परेशान हैं और अपनी संतानों के लिए तड़प रहे हैं तो उन्हें बहुत दुःख हुआ और ये दुःख उनके आंसुओं के जरिये बाहर आया. बता दें कि मीडिया से बात करते हुए योगी ने लाख कोशिशें की कि उनके आंसू रुक जाये लेकिन वो भावुक इतना हो गये थे कि उनके आंसू बह ही गये.

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गोरखपुर अस्पताल का लिया जायजा

मुख्यमंत्री योगी 13 अगस्त को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ गोरखपुर पहुंचकर अस्पताल का जायजा लिया और लोगों से भी मिले. इसके बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “इंसेफ्लाइटिस के खिलाफ लड़ाई उन्होंने 1996 से छेड़ रखी है. सड़क से संसद तक उन्होंने इस बाबत आवाज उठाई है और इसके लिए आगे भी ठोस कदम उठाये जायेंगे.”

जब रो पड़े योगी

इस दौरान योगी बोलते बोलते इतने भावुक हो गये थे कि उनकी आवाज बदल गयी और आँखों में आंसू आ गये. हालाँकि उन्होंने बहुत कोशिश की कि मीडिया के सामने उनके आंसू ना निकलें लेकिन इसके बावजूद वो खुद को रोक ना सके.

कांग्रेस की संवेदना मर चुकी है

मीडिया से बात करते हुए योगी ने कहा कि ‘कांग्रेस हमपर इल्जाम लगा रही है कि सरकार की लापरवाही की वजह से ये मौते हुई हैं, लेकिन ऐसा कुछ नही है, सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है और ऐसे मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देकर कांग्रेस अपनी सोच जाहिर कर रही है.’ उन्होंने कहा कि ‘कांग्रेस की संवेदना मर चुकी है, इसलिए ऐसा बयान दे रही है.’

मुझसे ज्यादा पीड़ा किसी को नही है

मुख्यमंत्री ने दोषियों के बारे में कहा कि ‘इसमें शामिल जितने भी लोग हैं उन दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी कि वो मिसाल बन जाएगी. हमने इंसेफ्लाइटिस के खिलाफ लड़ाई प्रदेश के 90 लाख बच्चों को वैक्सीन देकर शुरू की थी. मैं इस समस्या को बहुत करीब से जानता हूँ, मुझसे ज्यादा इसकी पीड़ा कोई नही समझ सकता.’

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गुलाम नबी आजाद पर हमला

उन्होंने केंद्र में रही कांग्रेस की पुरानी सरकार पर हमला किया और मीडिया को बताया कि ‘मैंने कांग्रेस सरकार से इस समस्या से लड़ने के लिए अलग से मदद मांगी थी लेकिन उस वक्त केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने मदद देने से मना कर दिया था.’